गुरुग्राम में फर्जी डोमिसाइल मामले में आर्किटेक्ट को मिली क्लीन चिट, अब दर्ज कराएंगे मानहानि का मुकदमा
सेक्टर-102 निवासी आर्किटेक्ट नितिन नंदा पर फर्जी डोमिसाइल के आरोप लगे थे, लेकिन पुलिस और एसडीएम की जांच में उनके दस्तावेज सही पाए गए। ...और पढ़ें

सेक्टर 102 में जानकारी देते आर्किटेक्ट नितिन नंदा। सौ. स्वयं
HighLights
आर्किटेक्ट नितिन नंदा पर फर्जी डोमिसाइल के आरोप लगे थे
पुलिस और एसडीएम जांच में दस्तावेज सही पाए गए
नंदा अब मानहानि का मुकदमा दायर करने की तैयारी में
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। सेक्टर-102 की एक सोसायटी में रहने वाले आईटी कंपनी के आर्किटेक्ट नितिन नंदा पर फर्जी दस्तावेजों से डोमिसाइल बनवाने के आरोप लगे हैं।
नितिन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि मामला निजी रंजिश से जुड़ा है और पुलिस-प्रशासन की जांच में उनके कागजात सही पाए गए।
आरडब्ल्यूए चुनाव के बाद शुरू हुआ विवाद
बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में नितिन ने कहा कि वे दिल्ली के मूल निवासी हैं और परिवार के साथ 16 साल से गुरुग्राम में रह रहे हैं। वह पहले सोहना के सांचोली गांव में भी रहे। वहां काफी साल तक काम किया।
जरूरत पड़ने पर सही कागजातों पर निवास प्रमाण पत्र बनवाया था। उनके खिलाफ कुछ महीने पहले एक व्यक्ति ने सीएम विंडो और पुलिस में फर्जी तरीके से डोमिसाइल बनवाने की शिकायत की थी।
दावा है कि हर स्तर पर जांच के बाद आरोप सिद्ध नहीं हुए। नितिन के मुताबिक विवाद की शुरुआत सोसायटी की आरडब्ल्यूए में सचिव पद के चुनाव से हुई। चुनाव में उनकी सीधी टक्कर शिकायतकर्ता से हुई थी।
हार के बाद दूसरे पक्ष ने उन पर निशाना साधना शुरू कर दिया। नितिन का आरोप है कि इसके बाद उनके खिलाफ अलग-अलग मंचों पर शिकायतें दी गईं।
एसडीएम और पुलिस जांच में नहीं मिले सुबूत
नितिन का दावा है सबसे पहले एसडीएम कार्यालय में डोमिसाइल को लेकर शिकायत गई। कार्यालय ने गांव सांचोली की सरपंच और अन्य गवाहों के बयान लिए। रिकार्ड और दस्तावेज खंगाले गए।
जांच में उनका डोमिसाइल वैध पाया गया। इसके बाद पुलिस में भी शिकायत दी गई। सोहना सदर थाना पुलिस ने स्वतंत्र जांच की और आरोपों को गलत पाया।
नितिन ने कहा कि वे अब कानूनी रास्ता अपनाएंगे और झूठे आरोप लगाकर प्रतिष्ठा खराब करने वालों के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करेंगे।
पुलिस ने क्लोजर रिपोर्ट की पुष्टि की
इस मामले में सोहना सदर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुखपाल ने बताया कि थाना पुलिस ने मामले में जांच की थी। कुछ समय पहले इसकी क्लोजर रिपोर्ट लगाई गई।
एसडीएम स्तर पर भी जांच पूरी हो चुकी है। हालांकि, यह सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। बताया जाता है कि प्रशासनिक रिकार्ड के अनुसार डोमिसाइल प्रक्रिया पूरी होने के बाद जारी किया गया था।
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