गुरुग्राम में न्यूनतम वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज, भड़के श्रमिकों ने फूंकी पुलिस की बाइक
मानेसर औद्योगिक क्षेत्र में न्यूनतम वेतन वृद्धि की मांग को लेकर श्रमिकों और प्रबंधन के बीच विवाद गहरा गया है। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कि ...और पढ़ें
HighLights
न्यूनतम वेतन वृद्धि की मांग पर मानेसर में श्रमिकों का प्रदर्शन।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया, स्थिति तनावपूर्ण।
मानेसर में धारा 163 लागू, बिना अनुमति जमावड़ा प्रतिबंधित।
जागरण संवाददाता, मानेसर (गुरुग्राम)। न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी की मांग को लेकर आइएमटी मानेसर औद्योगिक क्षेत्र में श्रमिक-प्रबंधन बृहस्पतिवार को और गहरा गया। यूनियन का आरोप है कि यह सब पुलिस और प्लांट प्रबंधन की ओर से उकसाने के बाद शुरू हुआ था।
प्रदेश सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम वेतन को मजाक बताते हुए श्रमिकों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है। माहौल को शांत करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया लेकिन श्रमिक पीछे नहीं हटे। इसी बीच कुछ शरारती तत्वों ने पुलिस की बाइक को आग के हवाले कर दिया।
वहीं, एक प्लांट पर पत्थरबाजी कर दी गई। क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 लागू करने आदेश जारी किया गया है। ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन ने इसकी घोर निंदा की है।
रिचा ग्लोबल प्लांट के गेट पर हंगामा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आईएमटी मानेसर के सेक्टर चार स्थित रिचा ग्लोबल प्लांट में हड़ताल कर रहे सैकड़ों कर्मचारियों को पुलिस ने गेट बंद कर घेर लिया है। वहीं, बड़ी संख्या में बाहर मौजूद कर्मचारियों ने कुर्सी और बेंच में भी आग लगाकर अपना विरोध जताया है। मानेसर दमकल विभाग ने बताया कि आग की सूचना मिली है। ऐहतियातन वहां पर दमकल की टीम मौके पर मौजूद है।
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क्षेत्र में लोगों के एकत्र होने पर पाबंदी लगी
इसे देखते हुए पूरे इलाके में हजारों पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला मजिस्ट्रेट व उपायुक्त अजय कुमार ने आईएमटी मानेसर व आसपास के क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के मद्देनजर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 लागू करने आदेश जारी किए हैं।

यह निर्णय पुलिस विभाग से प्राप्त सूचना के आधार पर लिया गया है, जिसमें क्षेत्र में संभावित प्रदर्शन एवं विरोध मार्च के चलते शांति व्यवस्था भंग होने, यातायात बाधित होने तथा आमजन की सुरक्षा को खतरा उत्पन्न होने की आशंका जताई गई है।

जारी आदेशों के तहत बिना अनुमति पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। साथ ही किसी भी प्रकार के हथियार जैसे आग्नेयास्त्र, तलवार, लाठी, बर्छा, कुल्हाड़ी, जेली, गंडासा, चाकू आदि लेकर सार्वजनिक स्थानों पर आने पर भी रोक रहेगी।
आरोप-पुलिस और कंपनी प्रबंधन ने उकसाया
ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि हड़ताली मजदूर सुबह शांतिपूर्ण तरीके से कंपनी के गेट पर इकट्ठा हुए थे और अपनी मांगों को लेकर लिखित आश्वासन की मांग कर रहे थे। इसी दौरान कंपनी प्रबंधन और पुलिस ने मिलकर उन्हें जबरन गेट के अंदर काम करने के लिए बाध्य करने का प्रयास किया। मजदूरों ने इसका विरोध किया तो पुलिस ने दमनकारी रवैया अपनाते हुए उन पर लाठीचार्ज कर दिया।
कई मजदूर हिरासत में
यूनियन का कहना है कि घटना के दौरान कई मजदूरों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया और उन्हें गाड़ियों में बैठाकर ले गई। कुछ मजदूरों को जबरन कंपनी परिसर के अंदर बंद कर दिया गया और काम करने के लिए मजबूर किया गया। यूनियन ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। यूनियन ने मांग की है कि मजदूरों को जबरन काम पर लगाने की प्रक्रिया तुरंत बंद की जाए, कंपनी प्रबंधन मजदूरों की मांगों पर लिखित आश्वासन दे और दोषी पुलिस अधिकारियों और कंपनी प्रबंधन के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।

कम से कम 26 हजार वेतन होना चाहिए
सड़कों को अवरुद्ध करना या यातायात में बाधा उत्पन्न करना भी प्रतिबंधित किया गया है। यह अगले आदेश तक लागू रहेगा। श्रमिकों का कहना है कि पिछले कई सालों से न्यूनतम वेतन का रिवाइज नहीं किया गया है। वेतन इतना कम है कि वे लोग भर पेट खाना भी नहीं खा सकते। महंगाई को देखते हुए कम से कम 26 हजार वेतन होना चाहिए।
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