न्यू गुरुग्राम में ड्रेनेज नेटवर्क के मिसिंग लिंक जल्द पूरे करने के निर्देश, जलभराव रोकने पर जोर
नए गुरुग्राम में मास्टर सीवरेज और स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज परियोजनाओं की समीक्षा की गई, जिसमें जीएमडीए और एचएसवीपी को सभी मिसिंग लिंक प्राथमिकता से पूरे क ...और पढ़ें

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HighLights
जीएमडीए-एचएसवीपी को ड्रेनेज मिसिंग लिंक पूरे करने के निर्देश।
मानसून से पहले ड्रेनों की सफाई और कनेक्टिविटी पर जोर।
धनवापुर एसटीपी से शोधित जल आपूर्ति फिर से शुरू।
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। नए गुरुग्राम में मास्टर सीवरेज और मास्टर स्टार्म वाटर ड्रेनेज परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए शहरी विकास के प्रधान सलाहकार डीएस ढेसी ने जीएमडीए और एचएसवीपी को ड्रेनेज नेटवर्क के सभी मिसिंग लिंक का संयुक्त निरीक्षण कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि शहर में निर्बाध जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।
समीक्षा बैठक में जीएमडीए अधिकारियों ने बताया कि सेक्टर-68 से 80 तक मास्टर स्टार्म वाटर ड्रेनेज नेटवर्क का निर्माण जारी है। वहीं, एचएसवीपी की ओर से सेक्टर-81 से 95 तक यह कार्य दो चरणों में किया जा रहा है।
प्रथम चरण के तहत सेक्टर-81 से 87 का नेटवर्क जीएमडीए को सौंपा जा चुका है, जबकि सेक्टर-88 से 95 का निर्माण अंतिम चरण में है। सेक्टर-112 से 115 में शेष ड्रेनेज कार्य अब जीएमडीए द्वारा पूरा कराया जा रहा है।
मानसून को देखते हुए सफाई और कनेक्टिविटी पर फोकस
अधिकारियों ने बताया कि मानसून के दौरान जल निकासी सुचारु रखने के लिए ड्रेनों की सफाई और कनेक्टिविटी की जांच की जा रही है। सिही और बढ़ा गांवों का वर्षा जल लेग-4 मास्टर कैरियर ड्रेन में डाला जा रहा है, जबकि सेक्टर-83 से 95 तक का वर्षा जल स्थायी नेटवर्क तैयार होने तक चिह्नित खुले हरित क्षेत्रों की ओर मोड़ा जा रहा है।
शोधित जल की आपूर्ति फिर शुरू हुई
बैठक में धनवापुर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की समीक्षा करते हुए अधिकारियों ने बताया कि क्षतिग्रस्त ट्रीटेड वाटर चैनल की मरम्मत पूरी कर दी गई है और झज्जर जिले के किसानों को शोधित जल की आपूर्ति फिर शुरू हो गई है।
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वहीं, द्वारका एक्सप्रेसवे के सेक्टर-101 और 102 में तीन स्थानों पर ट्रीटेड वाटर चैनल और स्टार्म वाटर ड्रेन के क्रासिंग कार्य को शीघ्र पूरा कराने के लिए एचएसवीपी को झज्जर सिंचाई विभाग के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए।