समोसे के भाव में हाई-टेक सफर... फिर भी क्यों खाली दौड़ रही देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन?
देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन जींद-सोनीपत रूट पर कम यात्रियों के साथ चल रही है, जबकि इसका किराया कम और सुविधाएं बेहतर हैं। ...और पढ़ें

देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन (जागरण फाइल)
HighLights
देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन में कम यात्री
जींद-सोनीपत रूट पर अन्य साधन भी बेहतर हैं
हाइड्रोजन ट्रेन में 2700 यात्री तय कर सकते हैं सफर
डिजिटल डेस्क, जींद। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन बुधवार को चौथे दिन भी निर्धारित समय के अनुसार जारी रहा। ट्रेन तय समय पर जींद रेलवे जंक्शन से 7 बजकर 40 मिनट पर रवाना हुई।
पहले दिन की तुलना में यात्रियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। लेकिन आकंड़े संतोषजनक नहीं है। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि बेहतर सुविधाएं और किराया होने के बावजूद आखिर यात्रियों की संख्या में इजाफा क्यों नहीं हो रहा?
लोकल ट्रेन और अन्य साधन
जींद से सोनीपत रूट के बीच कई लोकल ट्रेनें चलती हैं। पैसेंजर गाड़ियों का किराया 30 से 45 रुपये के बीच में है। कई मेमू (MEMU) ट्रेन ऐसी भी है जो दिल्ली तक के लिए जाती हैं। ऐसे में दिल्ली जाने वाले पैसेंजर डायरेक्ट लोकल ट्रेन पकड़ते हैं, जबकि हाइड्रोजन ट्रेन केवल सोनीपत तक ही सीमित है।
ऑप्शन में ये ट्रेनें
- रोहतक पैसेंजर
- मालवा एसएफ एक्सप्रेस
- जींद-दिल्ली मेमू
- दिल्ली-पानीपत मेमू
- जींद-पानीपत ईएमयू
- जींद-मेल पैसेंजर
वहीं, इस रूट पर बसों की सर्विस भी काफी बेहतर है, जिनका किराया 50 रुपये से शुरू होता है है। बस में सहूलियत रहती है कि पैसेंजर अपने सटीक गंतव्य पर उतर सकता है। पिछले साल जींद डिपो से हिसार, कुरुक्षेत्र, रोहतक और सोनीपत के लिए अतिरिक्त बसें भी चलाई गई थीं। ऐसे में बसों की सर्विस भी इस रूट के बीच काफी बेहतर है।
पिछले साल जींद से दिल्ली के लिए रोडवेज बस भी शुरू की गई थी। ये गोहाना और सोनीपत से होकर जाती हैं। इस तरह जींद से दिल्ली-गुरुग्राम की ओर जाने वाली बसों का संचालन किया जाता है।
हाइड्रोजन ट्रेन में कम यात्रियों की वजह?
हाइड्रोजन ट्रेन में कम यात्रियों के विभिन्न कारण हो सकते हैं। पहला कि ट्रेन जींद से सोनीपत के बीच चलती है। जबकि दिल्ली जाने वाले यात्रियों की संख्या ज्यादा होती है। ऐसे में यात्री डायरेक्ट दिल्ली जाने तक का विकल्प तलाशते हैं। हालांकि, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि आने वाले दिनों में इस ट्रेन का विस्तार दिल्ली तक किया जाएगा।
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वहीं, दूसरी वजह हो सकती है कि यात्री अभी ट्रेन के रूट, फेयर व अन्य बातों से भली भांति परिचित नहीं है।
कितना है हाइड्रोजन ट्रेन का किराया?
हाइड्रोजन ट्रेन का किराया 5 से 25 रुपये के बीच है। वहीं, ट्रेन संख्या 74009 सोनीपत से सुबह सात बजकर 40 मिनट पर चलती है और सुबह नौ बजकर 40 मिनट पर जींद पहुंचती है। वापसी में यह ट्रेन सुबह दस बजकर 40 मिनट पर रवाना होती है और जींद एक बजे पहुंचती है।
कहां-कहां रुकती है हाइड्रोजन ट्रेन?
हरियाणा में जींद जंक्शन और सोनीपत जंक्शन के बीच लगभग 90 किलोमीटर के रूट को कवर करती है। यह ट्रेन रास्ते में जींद सिटी, पांडु पिंडारा, गोहाना और मोहाना समेत कुल 11 से 14 स्टेशनों पर रुकती है।
यह भारत में पहली हाइड्रोजन ट्रेन में 10 कोच है, जिसमें 2600 यात्री एक साथ सवारी कर सकेंगे। अगले चरण में दिल्ली सहित 34 और हाइड्रोजन ट्रेन देश के विभिन्न हिस्सों में दौड़ती दिखाई देंगी।
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