हाइड्रोजन ट्रेन का अनुभव लेने पहुंच रहे लोग, चौथे दिन भी बढ़ी यात्रियों की संख्या; रेलवे ने जताई अब ये उम्मीद
जींद में देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन चौथे दिन भी जारी रहा, जिसमें 40 यात्रियों ने सफर किया। यात्रियों और शहरवासियों में इस पर्यावरण अनुकूल ट ...और पढ़ें
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हाइड्रोजन ट्रेन का अनुभव लेने पहुंच रहे लोग। फाइल फोटो
HighLights
देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का चौथे दिन संचालन जारी।
जींद स्टेशन से 40 यात्रियों ने ट्रेन में सफर किया।
यात्रियों और शहरवासियों में ट्रेन को लेकर उत्साह बढ़ा।
जागरण संवाददाता, जींद। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन बुधवार को चौथे दिन भी निर्धारित समय के अनुसार जारी रहा। ट्रेन तय समय पर जींद रेलवे जंक्शन से सात बजकर 40 मिनट पर रवाना हुई। पहले दिन की तुलना में यात्रियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।
बुधवार को जींद स्टेशन से 40 यात्रियों ने टिकट लेकर ट्रेन में सफर किया। हाइड्रोजन ट्रेन को देखने और इसमें यात्रा करने के लिए यात्रियों के साथ-साथ शहरवासियों में भी उत्साह बना हुआ है। कई यात्री केवल इस आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल ट्रेन का अनुभव लेने के लिए स्टेशन पहुंचे।
रेलवे कर्मचारियों ने भी यात्रियों को टिकट, प्लेटफार्म और यात्रा संबंधी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई। रेलवे को उम्मीद है कि आगामी दिनों में यात्रियों की संख्या में और इजाफा होगा। हाइड्रोजन ट्रेन के बारे में लोगों में बढ़ती जागरूकता और उत्सुकता को देखते हुए आने वाले समय में अच्छी संख्या में यात्री सफर कर सकते हैं।
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चुनिंदों देशों में भारत शामिल
बता दें कि 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा की राजनीतिक राजधानी कहे जाने वाले जींद से हवा-पानी से चलने वाली देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो जींद से सोनीपत के बीच दौड़ेगी।
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इसके साथ ही भारत अब जर्मनी, फ्रांस, इटली, चीन और जापान जैसे चुनिंदा देशों के विशेष क्लब में शामिल हो गया है। इन देशों में जहां आमतौर पर दो से चार डिब्बे वाली हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन होता है।
वहीं, भारत में पहली हाइड्रोजन ट्रेन में 10 कोच है, जिसमें 2600 यात्री एक साथ सवारी कर सकेंगे। अगले चरण में 34 और हाइड्रोजन ट्रेन देश के विभिन्न हिस्सों में दौड़ती दिखाई देंगी।
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