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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 13, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    पहले रोज होता था इलाज, अब महीने में दो बार खुलती है ई-संजीवनी उपचार ओपीडी; डाक्टरों की कमी से आ रही दिक्कत

    By Surender KumarEdited By: Preeti Gupta
    Updated: Wed, 13 Sep 2023 04:50 PM (IST)

    कोरोना महामारी के दौर में शुरू की गई ई-संजीवनी ओपीडी अब खानापूर्ति तक सिमट गई है। पहले यह ओपीडी रोजाना खुलती थी और इसमें रोजाना लोगों का इलाज होता था ...और पढ़ें

    अब महीने में दो बार खुलती है ई-संजीवनी उपचार ओपीडी
    अब महीने में दो बार खुलती है ई-संजीवनी उपचार ओपीडी

    HighLights

    1. माह में दो बार लगती है ई-संजीवनी उपचार ओपीडी
    2. अब डॉक्टरों की कमी से आ रही दिक्कत
    3. कोरोना महामारी के दौर में शुरू की गई थी यह ओपीडी

    कैथल, जागरण संवाददाता। कोरोना महामारी के दौर में शुरू की गई ई-संजीवनी ओपीडी अब खानापूर्ति तक सिमट गई है। पहले रोजाना एक डॉक्टर एक-एक घंटे के लिए इस ओपीडी में ऑनलाइन लोगों का उपचार करते थे, लेकिन धीरे-धीरे अस्पताल में डॉक्टरों की घटती संख्या के कारण ओपीडी को सप्ताह में एक दिन कर दिया गया।

    15 सितंबर को लगेगी ओपीडी

    अब माह में दो बार यह ओपीडी लगती है। इस बार 15 सितंबर को ओपीडी लगेगी। इसमें घर बैठे ही मरीज चिकित्सकों से संपर्क करते हुए इलाज ले सकते हैं। पहले ओपीडी 50 से 60 रहती थी, लेकिन अब ओपीडी में मरीजों की संख्या 15 से 20 के बीच में ही रहती है। यह ओपीडी 24 घंटे चलती है। दिन में अलग-अलग समय में डॉक्टर ओपीडी लेते हैं तो रात के समय एक डॉक्टर की ड्यूटी रहती है।

    बीमारियों के विशेषज्ञ कम होने के कारण ओपीडी पर पड़ा असर

    नागरिक अस्पताल में बीमारियों के विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या में लगातार कमी आ रही है। पहले जहां 25 डॉक्टर थे, लेकिन अब मात्र 12 डॉक्टर रह गए हैं। इनमें से बीमारियों के विशेषज्ञ तो मात्र आठ हैं। इस कारण लोगों को इलाज के लिए प्राइवेट अस्पताल या फिर दूसरे जिलों में जाना पड़ रहा है।

    यहां स्वीकृत पद 56 हैं, लेकिन डॉक्टर आधे से भी काफी कम है। अस्पताल में कार्यरत पीएमओ डॉ. ललित कुमार 30 सितंबर को सेवानिवृत हो रहे हैं। इसके बाद यह पद भी रिक्त हो जाएगा। 20 दिनों से सर्जन छुट़्टी पर चल रहे हैं, इस कारण सर्जरी का कार्य प्रभावित हो रहा है।

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    क्या बोले डॉ. सचिन मांडले?

    नागरिक अस्पताल के पीएमओ डॉ. सचिन मांडले ने बताया कि ई-संजीवनी उपचार ओपीडी चल रही है। माह में दो बार इसका समय निर्धारित किया हुआ है। अलग से रूम भी बनाया हुआ है, लेकिन मोबाइल पर भी डॉक्टर एप खोलते हुए मरीजों का इलाज कर सकते हैं। 24 घंटे यह ओपीडी रहती है। डॉक्टरों की कमी के चलते हुए कुछ दिक्कत आ रही है, लेकिन फिर भी प्रयास रहता है की लोगों का इलाज बेहतर तरीके से हो।

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