नारनौल को अलग जिला और महेंद्रगढ़ में जिला मुख्यालय बनाने की मांग, CM नायब सिंह सैनी की एक घोषणा से बढ़ी उम्मीद
महेंद्रगढ़ और नारनौल के संगठनों ने नारनौल को अलग जिला तथा महेंद्रगढ़ को जिला मुख्यालय बनाने की मांग फिर उठाई है। हरियाणा सरकार की उच्च स्तरीय उप-समिति न ...और पढ़ें
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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

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जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, महेंद्रगढ़। क्षेत्र के विभिन्न संगठनों ने नारनौल को अलग जिला व महेंद्रगढ़ में जिला मुख्यालय स्थापित करने को लेकर दोबारा मांग उठाई है। सामाजिक कार्यकर्ता रामनिवास पाटौदा, सामाजिक कार्यकर्ता बलवान फौजी सहित अन्य लोगों ने बताया कि हरियाणा में प्रशासनिक सुधार और विकास कार्यों को गति देने के लिए नए जिलों, उपमंडलों, तहसीलों और उप तहसीलों के निर्माण पर विचार-विमर्श जारी है। राज्य सरकार ने इस प्रक्रिया को व्यवस्थित रूप देने के लिए दिसंबर 2024 में मंत्रियों की एक उच्च स्तरीय उप समिति का गठन किया था।
प्रशासनिक इकाइयों के गठन पर मंथन
इस समिति में विकास एवं पंचायती मंत्री कृष्ण लाल पवार, राजस्व एवं निकाय मंत्री विपुल गोयल, संसदीय कार्य मामले मंत्री महिपाल सिंह ढ़ांडा और कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा शामिल हैं। सरकार ने अब इस समिति के कार्यकाल को 30 जून 2026 तक बढ़ा दिया है।
इस अवधि में समिति राज्य के विभिन्न हिस्सों में नए प्रशासनिक इकाइयों के गठन हेतु विस्तृत मंथन करेगी। इस दौरान जनसंख्या, भौगोलिक क्षेत्रफल, दूरी, स्थानीय आवश्यकताओं और विकास की दृष्टि से नए जिले, उपमंडल, तहसील और उप तहसील बनाने पर अध्ययन होगा।
सीएम सैनी ने भी कहा-प्रस्ताव है तैयार
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हाल ही में गोहाना रैली में घोषणा की थी कि खानपुर कलां उपतहसील को तहसील और बरोदा व फरमाना को उप तहसील बनाया जाएगा। इसके अलावा कई अन्य तहसीलों और उपमंडलों को भी प्रशासनिक मान्यता देने के लिए प्रस्ताव तैयार हैं।
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उप समिति द्वारा निर्धारित मानदंडों के अनुसार उप तहसील के लिए दस से अधिक गांव, पांच से दस पटवार स्कूल और 60 हजार से अधिक जनसंख्या आवश्यक है।
इसके साथ ही 15 हजार हेक्टेयर या इससे अधिक क्षेत्रफल और मुख्यालय से 15 किलोमीटर की दूरी भी जरूरी मानी गई है। तहसील के निर्माण के लिए 20 या इससे अधिक गांव, दो उप तहसील, पांच से अधिक पटवार सकूल, 80 हजार से अधिक जनसंख्या, 15 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल और जिला मुख्यालय से 15 किलोमीटर की दूरी आवश्यक है।
मुख्यालय से 25 से 40 किलोमीटर की दूरी
वहीं, उपमंडल के लिए 40 या इससे अधिक गांव, एक या उससे अधिक तहसील/उप तहसील, 15 या इससे अधिक पटवार सकूल, दो लाख से अधिक जनसंख्या, 15 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल और जिला मुख्यालय से 10 किलोमीटर की दूरी तय की गई है। नए जिले के लिए 125 से 200 गांव, एक या दो उपमंडल, एक से तीन तहसील या उप तहसील, चार लाख जनसंख्या, 80 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल और किसी अन्य जिला मुख्यालय से 25 से 40 किलोमीटर की दूरी होनी चाहिए।
हालांकि, जनगणना, परसीमन और एएसआईआर (विशेष सर्वेक्षण) का कार्य पूरा होने तक प्रशासनिक सीमाओं में बदलाव पर रोक लगा दी गई है। वर्तमान में हरियाणा में छह मंडल, 23 जिले, 80 उपमंडल, 94 तहसीलें, 49 उप तहसीलें, 143 खंड, 154 कस्बे और 6841 गांव शामिल हैं।
हिसार से अलग कर भांसी का नया जिला
केंद्र सरकार द्वारा गठित कैबिनेट सब कमेटी के पास अब तक 11 नए जिले, 14 उपमंडल, चार तहसील और 27 उप तहसील बनाने के प्रस्ताव पहुंच चुके हैं। इनमें हिसार से अलग कर भांसी का नया जिला बनाया जा चुका है।
नए जिले बनाने के लिए प्रस्तावित अन्य क्षेत्रों में करनाल का असंध, अंबाला का नारायणगढ़, गुरुग्राम का मानेसर और पटौदी, कैथल का पिंचोहा, हिसार का बरवाला, जींद का सफीदों, सोनीपत का गोहाना और सिरसा का डबवाली शामिल हैं।
प्रदेश सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि नए जिले, उपमंडल और तहसील बनाने के लिए उपयुक्त और ब्लाक समिति के लिए संबंधित क्षेत्र के विधायक, नगर पालिका या नगर निगम के प्रस्ताव को अनिवार्य माना जाएगा। यह प्रक्रिया केवल तब ही पूरी होगी जब जनगणना, परसीमन और एएसआईआर का काम समाप्त हो जाएगा।
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