नारनौल में भ्रष्टाचार की शिकायत पर मंत्री ने पूछा- किस पार्टी से हो? ऐसा जवाब मिला कि बदलनी पड़ी जांच एजेंसी
नारनौल में जिला लोक संपर्क एवं जन परिवेदना समिति की मासिक बैठक में राजस्व मंत्री विपुल गोयल ने 11 शिकायतों पर सुनवाई की। बैठक में साइन बोर्ड भ्रष्टाचा ...और पढ़ें

जिला लोक संपर्क एवं जन परियोजना समिति की बैठक लेते राजस्व मंत्री एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल। जागरण
HighLights
मंत्री विपुल गोयल ने नारनौल में जन परिवेदना बैठक की अध्यक्षता की
साइन बोर्ड भ्रष्टाचार की जांच पंचायत राज से पीडब्ल्यूडी को सौंपी
अवैध खनिज भंडारण पर पुलिस-प्रशासन को सख्त निगरानी के निर्देश
जागरण संवाददाता, नारनौल। जिला लोक संपर्क एवं जन परिवेदना समिति की मासिक बैठक में सोमवार को विभिन्न विभागों से संबंधित 11 शिकायतों पर सुनवाई हुई।
पहली बार नारनौल में समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल के सामने गांवों में लगाए गए साइन बोर्डों में कथित भ्रष्टाचार और अवैध खनिज भंडारण के मामले सबसे अधिक चर्चा में रहे।
साइन बोर्ड मामले की सुनवाई के दौरान मंत्री ने पहले शिकायतकर्ता से पूछा कि वह किस पार्टी से हैं और चेयरमैन किस पार्टी का है। शिकायतकर्ता ने जवाब दिया कि भ्रष्टाचार का किसी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है।
मामले की जांच पीडब्ल्यूडी को सौंपी
इसके बाद मंत्री ने कहा कि 'जिस विभाग ने निर्माण कराया है, वही उसकी जांच कैसे करेगा।' उन्होंने जांच पंचायत राज विभाग से हटाकर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को सौंपने के आदेश दिए।
वहीं अवैध खनिज भंडारण के मामले में पुलिस और जिला प्रशासन को सख्त निगरानी व नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही उपायुक्त को निर्देश दिए कि भविष्य में न्यायालय में विचाराधीन मामलों को जन परिवेदना समिति की बैठक में शामिल न किया जाए।
बता दें कि बैठक में जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के दो, दक्षिणी हरियाणा बिजली वितरण निगम के दो, पुलिस विभाग के दो, सहायक खनन अभियंता का एक, पंचायती राज विभाग/बीडीपीओ महेंद्रगढ़ का एक, जिला परिषद का एक, जिला राजस्व अधिकारी का एक तथा बीडीपीओ नारनौल का एक मामला सुनवाई के लिए रखा गया।
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सुनवाई के लिए नांगल कालिया के मुकेश स्वामी, मोहनपुर के रविंद्र, मालड़ा सराय के अजीत सिंह, उनिंदा के बलवान सिंह, गुढा के सज्जन सिंह, गागड़वास की अनीता, डोहर कला के प्रवीण कुमार, कांवी के प्रवीण कुमार शर्मा, मांडोला के अशोक, धनौंदा की कमला देवी तथा कोरियावास के ओमदत्त की शिकायतें सूचीबद्ध थीं।
भ्रष्टाचार के आरोप पर बदली जांच एजेंसी
नारनौल पंचायत समिति के उपाध्यक्ष प्रतिनिधि प्रवीण यादव ने गांवों में लगाए गए साइन बोर्डों में लाखों रुपये के भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बिना पर्याप्त जानकारी के करोड़ों रुपये के बोर्ड लगाए गए और जांच की भनक लगते ही पुराने बोर्ड हटाकर नए बोर्ड लगा दिए गए।
सुनवाई के दौरान मंत्री ने मुस्कराते हुए प्रवीण यादव से पूछा, 'आप किस पार्टी से हो?' इसके बाद उन्होंने पूछा, 'चेयरमैन किस पार्टी का है?' इस पर प्रवीण यादव ने कहा कि 'भ्रष्टाचार का किसी पार्टी से क्या लेना-देना, मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।'
जिसके बाद मंत्री ने कहा कि 'जिस विभाग ने निर्माण कार्य कराया है, वही उसकी जांच कैसे कर सकता है।' उन्होंने तत्काल जांच पंचायत राज विभाग से हटाकर पीडब्ल्यूडी को सौंपने के आदेश दिए और अगली ग्रीवेंस समिति की बैठक तक जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
फोटो दिखाकर उठाया अवैध खनिज भंडारण का मामला
गांव मोहनपुर के रविंद्र ने आरोप लगाया कि उनके गांव में एक व्यक्ति ने अवैध रूप से खनिज का भंडारण कर रखा है, लेकिन खनन विभाग कार्रवाई नहीं कर रहा। शिकायतकर्ता ने बैठक में कथित भंडारण के फोटो भी प्रस्तुत किए।
इस पर सहायक खनन अधिकारी अनिल कुमार ने कहा कि विभाग वहां से पूरा भंडारण हटवा चुका है। जिस व्यक्ति पर आरोप लगाए गए थे, वह भी बैठक में मौजूद था। उसने कहा कि अब उसकी ओर से कोई खनिज भंडारण नहीं है।
उसने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि शिकायतकर्ता का परिवार चीकू गैंग से जुड़ा है और उसकी जमीन हथियाना चाहता है। उसने यह भी कहा कि वह अपनी जमीन पर धर्मकांटा लगाना चाहता है, लेकिन शिकायतकर्ता ने उस पर स्टे ले रखा है।
दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद मंत्री ने पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए कि संबंधित एसएचओ क्षेत्र में अवैध खनिज भंडारण पर लगातार निगरानी रखें और उपायुक्त नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें। साथ ही मंत्री ने डीसी को यह भी निर्देश दिए कि भविष्य में न्यायालय में विचाराधीन मामलों को जन परिवेदना समिति की बैठक में सुनवाई के लिए न रखा जाए।
विधवा को मुआवजा देने के निर्देश
इस बैठक में रास्ते के निर्माण से जुड़े एक मामले में उन्होंने निर्देश दिए कि यदि माननीय अदालत का कोई स्थगन आदेश नहीं है, तो विकास कार्य को अविलंब पूरा करवाकर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। वहीं माण्डोला गांव में करंट लगने से जान गंवाने वाले इकलौते बेटे के बुजुर्ग माता-पिता की मुआवजा फाइल को दोबारा खोलकर उचित आर्थिक सहायता देने के लिए फिर से केस भेजने के निर्देश दिए।
कोरियावास गांव में पंचायती जमीन पर हुए अवैध कब्जों के संबंध में उन्होंने कहा कि इन मामलों पर सरकार विचार विमर्श कर रही है। सरकार जल्द ही इस पर कोई फैसला लेगी। राजस्व रिकार्ड की मानवीय त्रुटि के कारण भूमि अधिग्रहण के मुआवजे से वंचित चल रही एक बुजुर्ग विधवा महिला के मामले में जिला राजस्व अधिकारी को रिकॉर्ड सुधार कर तुरंत न्याय दिलाने की हिदायत दी गई।
राजस्व मंत्री के आगमन पर उपायुक्त अनुपमा अंजली तथा पुलिस अधीक्षक दीपक ने उनका बुके देकर स्वागत किया। इस मौके पर पूर्व मंत्री एवं नारनौल के विधायक ओम प्रकाश यादव, महेंद्रगढ़ के विधायक कंवर सिंह यादव, नांगल चौधरी की विधायक मंजू चौधरी तथा भाजपा के जिला अध्यक्ष डा यतेंद्र राव के अलावा अन्य गणमान्य नागरिक भी मौजूद थे।