पलवल-अलीगढ़ हाईवे के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजे के विरोध में पंचायत, 10 करोड़ की जमीन का सिर्फ 45 लाख
किसानों ने पलवल-अलीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग 334 के चौड़ीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण के खिलाफ पंचायत की। वे सरकार द्वारा दिए जा रहे 45 लाख रुपये प्रति एकड़ ...और पढ़ें

मंगलवार को किसानों ने पंचायत का आयोजन किया और उनका मुआवजा बाजार के अनुसार निर्धारित किया जाए। प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
पलवल-अलीगढ़ हाईवे चौड़ीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण का विरोध।
किसान 45 लाख प्रति एकड़ मुआवजे को अपर्याप्त बता रहे।
बाजार भाव 10 करोड़, 8 करोड़ प्रति एकड़ की मांग।
जागरण संवाददाता, पलवल। किसानों ने पलवल-अलीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 334 के चौड़ीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण का विरोध करते हुए उचित मुआवजे की मांग की है। किसानों का कहना है कि सरकार द्वारा दिया जा रहा मुआवजा बाजार भाव से बहुत कम है। मंगलवार को किसानों ने इसे लेकर पंचायत का आयोजन किया और उनका मुआवजा बाजार के अनुसार निर्धारित किया जाए।
किसानों ने सरकार द्वारा दिए जा रहे मुआवजे को किसानों की जमीन की लूट बताते हुए, प्रभावित किसानों को आठ करोड़ रुपये प्रति एकड़ का मुआवजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि इस राजमार्ग के आसपास जमीन का बाजार भाव लगभग दस करोड़ रुपये प्रति एकड़ है।
वहीं, सरकार ने केवल 45 लाख रुपये प्रति एकड़ का मुआवजा देने का फैसला किया है। उनकी जमीन 950 रुपये प्रति गज के हिसाब से ली जा रही है जबकि कुछ ही दूरी पर जेवर एयरपोर्ट बनकर तैयार हुआ है, इससे जमीन के दाम आसमान छू रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जिला राजस्व अधिकारी ने मनमर्जी से हठधर्मिता से सर्किल रेट तय किए, जो कि नाममात्र थे। सरकार अपनी मर्जी से उनकी जमीन के दाम निर्धारित कर रही है। जो कि किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने जिला स्तर के अधिकारियों से लेकर उच्च अधिकारियों तक अपनी मांग उठाई है, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। वह स्थानीय विधायक और खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम से भी मिले।
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उन्होंने जिला उपायुक्त डाॅ जयेन्द्र सिंह छिल्लर से भी मुलाकात की है। जिला उपायुक्त ने उन्हें सकारात्मक आश्वासन दिया है। किसानों के अनुसार वह इसी भी कीमत पर अपनी जमीन इतने काम दामों पर नहीं देंगे। वह इसके लिए कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं। इस दौराण पृथ्वी सिंह, होशियार सिंह, धर्मवीर, गोपाल, राकेश, शिवनारायण भारद्वाज, मनीज कुमार आदि किसान मौजूद थे।