पलवल: 250 कैमरे खंगालने के बाद लूट के आरोपी तक पहुंची पुलिस, मास्टरमाइंड की तलाश जारी
पलवल में सर्राफा कारोबारी से 30 तोला सोना और 31 लाख रुपये की लूट के मामले में पुलिस ने एक आरोपी लक्ष्मण उर्फ केहरी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने 250 स ...और पढ़ें
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपित लक्ष्मण।
HighLights
पलवल में 30 तोला सोना, 31 लाख रुपये की लूट।
पुलिस ने एक आरोपी लक्ष्मण उर्फ केहरी को किया गिरफ्तार।
मास्टरमाइंड और अन्य साथी अभी भी फरार हैं।
जागरण संवाददाता, पलवल। सर्राफा कारोबारी के कार चालक और कर्मी से हुई 30 तोला सोना व 31 लाख की नकदी लूट के मामले में शहर थाना पुलिस तथा क्राइम यूनिट ने एक आरोपित को गिरफ्तार किया है। आरोपित की पहचान पलवल निवासी लक्ष्मण उर्फ केहरी के रूप में हुई है।
पुलिस की टीमों ने फरीदाबाद व गुरुग्राम जाने वाले रूट पर लगे करीब 250 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली,जिसमें आरोपित की पहचान हुई। दस अप्रैल को पुलिस ने आरोपित को आगरा चौक से गिरफ्तार कर लिया। आरोपित के विरुद्ध दुष्कर्म,लूट आदि संगीन धाराओं के तहत चार मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस अभी वारदात के मास्टरमाइंड व अन्य साथियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है न ही लूट का सामान बरामद नहीं कर पाई है। इसके लिए आरोपित को अदालत में पेशकर रिमांड पर लिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, लूट का मास्टरमाइंड व उसके अन्य साथी दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के रहने वाले हैं।
पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में सामने आया कि आरोपित लक्ष्मण उर्फ केहरी टैक्सी चलाता है। करीब 8/9 माह पहले फरीदाबाद के टैक्सी स्टैंड पर टैक्सी बुक करने के लिए आए मास्टरमाइंड से उसकी मुलाकात हुई थी।
उसने सर्राफा व्यापारियों को लूटने की अपनी प्लानिंग में आरोपित लक्ष्मण को शामिल किया और पहले ग्वालियर में एक गुटखा व्यापारी से 25 लाख की लूट की।
फिर पांच लाख की एक और लूट को अंजाम दिल्ली में दिया। वारदात को अंजाम देने से पहले मास्टरमाइंड के कहे अनुसार नंबर प्लेट बदलकर दो गाड़ियों से सर्राफा कारोबारी की दो महीने तक रैकी की। फिर प्लान के अनुसार दो अप्रैल को गैंग के 10 सदस्यों के साथ डीआरआइ अधिकारी बनकर लूट को अंजाम दिया।
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क्या है मामला
बता दें कि दो अप्रैल को पलवल शहर के मुख्य बाजार स्थित जेएस सर्राफ एंड संस के संचालक विकास जैन की कार में चालक राजकुमार और कर्मचारी विजय सुबह करीब साढे छह बजे दिल्ली के लिए रवाना हुए थे। कार में दुकान की बिक्री के 31 लाख रुपये बैंक में जमा कराने और 30 तोला सोना करोलबाग स्थित कारीगर को देने के लिए रखा था।
रास्ते में शहर के हुडा चौक स्थित धर्मा ढाबा के पास सफेद रंग की अर्टिगा, क्रेटा और अन्य वाहनों से बदमाशों ने सर्राफा व्यापारी की कार को घेर लिया। इसके बाद करीब 10 बदमाश उतरे और दो जबरन सर्राफा व्यापारी की कार में घुस गए।
पीड़ित विकास जैन ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि बदमाशों ने खुद को डीआरआई अधिकारी बताते हुए सामान के बारे में पूछताछ की। जब चालक ने नकदी और सोना दिखाया तो आरोपितों ने चालक के साथ मारपीट की और दोनों के फोन छीनकर बंद करवा दिए।
इसके बाद बदमाश चालक को कार की चाबी वापस देकर फरार हो गए कि वह मालिक को बुलाकर लाए, वह सेटिंग कर सामान को छोड़ देंगे। बदमाश जाते समय दुकान के कर्मचारी विजय को अपने साथ ले गए।
दोपहर को बदमाशों ने कर्मचारी को गुरग्राम छोड़ दिया और फरार हो गए। कर्मचारी ने जैसे तैसे किसी के फोन से मालिक विकास जैन को सूचित किया।
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