आरटीओ का अधिकारी बनकर गोशाला की गाड़ी रोकी, 24 हजार ऐंठे; विभाग बोला- उस दिन ड्यूटी ही नहीं लगाई थी
पलवल में हरियाणा-यूपी सीमा पर आरटीओ अधिकारी बनकर गोशाला संचालक से 24 हजार रुपये की रिश्वत वसूली गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ...और पढ़ें

करमन बाॅर्डर पर एक गोशाला संचालक से हरियाणा परिवहन विभाग (आरटीओ) के नाम पर 24 हजार रुपये की रिश्वत वसूली।
HighLights
आरटीओ अधिकारी बनकर गोशाला वाहन से 24 हजार वसूले।
करमन बॉर्डर पर हुई घटना, पुलिस ने मामला दर्ज किया।
आरटीओ विभाग ने घटना स्थल पर ड्यूटी से इनकार किया।
जागरण संवाददाता, पलवल। हरियाणा-उत्तर प्रदेश सीमा स्थित करमन बाॅर्डर पर एक गोशाला संचालक से हरियाणा परिवहन विभाग (आरटीओ) के नाम पर 24 हजार रुपये की रिश्वत वसूलने का मामला सामने आया है। वृंदावन से भंडारे का सामान छोड़कर लौट रही गोशाला की खाली गाड़ी को टैक्स बकाया होने के नाम पर रोका गया और छोड़ने के एवज में डिजिटल पैसे ट्रांसफर करवाए गए। होडल थाना पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
खुद को बताया परिवहन विभाग का अधिकारी
दिल्ली के प्रशांत विहार के रहने वाले टीआर मित्तल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह श्री सेवा ट्रस्ट के माध्यम से दिल्ली और वृंदावन में एक गोशाला का संचालन करते हैं। 23 जून को उनकी गोशाला की गाड़ी दिल्ली से बांके बिहारी आश्रम, वृंदावन में भंडारे का सामान छोड़कर वापस दिल्ली लौट रही थी। गाड़ी में केवल दूध की खाली कैन रखी हुई थीं। पलवल क्षेत्र में करमन टोल प्लाजा पर खुद को परिवहन विभाग के अधिकारी बताने वाले कुछ लोगों ने गाड़ी को रोक लिया।
टैक्स भूलवश नहीं भरा जा सका
जांच में पता चला कि गाड़ी का जून महीने का हरियाणा का रोड टैक्स जमा नहीं था। आरोपितों ने चालक का लाइसेंस और गाड़ी के कागजात कब्जे में लेकर गाड़ी को पार्किंग में खड़ा करवा दिया। शिकायतकर्ता के मुताबिक, आरोपितों ने चालक के फोन से उनसे बात की। जब उन्होंने गुहार लगाई कि यह गोशाला की सेवा में लगी गाड़ी है और टैक्स भूलवश नहीं भरा जा सका, तो आरोपितों ने गाड़ी सीज करने की धमकी देते हुए 25 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। बार-बार गुहार लगाने पर उन्होंने कहा कि गोशाला की गाड़ी होने के नाते वे एक हजार कम कर रहे हैं।
ट्रांजेक्शन के पुख्ता साक्ष्य पुलिस को सौंपे
इसके बाद आरोपितों ने एक मोबाइल नंबर और पेटीएम क्यूआर स्कैनर भेजा, जो रिंकू कुमार का नाम दिखा रहा था। मजबूरी में शिकायतकर्ता ने 24,000 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। पीड़ित ने इस पूरी बातचीत की ऑडियो रिकार्डिंग और ट्रांजेक्शन के पुख्ता साक्ष्य पुलिस को सौंपे हैं। शिकायत मिलने के बाद होडल थाने के सहायक उप-निरीक्षक सुभाष ने मामले की गहनता से जांच की। पलवल साइबर सेल से जब उक्त मोबाइल नंबर की आईडी निकलवाई गई, तो वह करमन के रहने वाले रिंकू कुमार के नाम पर रजिस्टर्ड पाई गई।
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गिरफ्तारी के बाद खुलेंगे कई राज
इसके पश्चात जब पुलिस ने आरटीओ कार्यालय से लिखित जवाब मांगा, तो वहां से चौंकाने वाला खुलासा हुआ। आरटीओ विभाग के अनुसार, 23 जून को उस घटना स्थल पर विभाग के किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की ड्यूटी ही नहीं लगाई गई थी। पुलिस अब मामले में रिंकू कुमार की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही, इसके बाद ही पूरे मामले का खुलासा हो सकेगा। होडल थाना प्रभारी सुंदरपाल के अनुसार मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस गहनता से मामले की जांच कर रही है। आरोपित की गिरफ्तारी के बाद मामले का पूरा खुलासा किया जाएगा।