Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    'बृजभूषण सिंह ने मेरा यौन उत्पीड़न किया', विनेश फोगाट का खुलासा; जारी किया वीडियो

    Updated: Sun, 03 May 2026 05:35 PM (IST)

    पहलवान और कांग्रेस विधायक विनेश फोगाट ने खुद को यौन उत्पीड़न की शिकायतकर्ताओं में से एक बताया और बृजभूषण सिंह पर गंभीर आरोप लगाए। ...और पढ़ें

    पहलवान विनेश फोगाट ने बड़ा खुलासा किया (फाइल फोटो)

    पहलवान विनेश फोगाट ने बड़ा खुलासा किया (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. विनेश फोगाट की कुश्ती में वापसी, गोंडा टूर्नामेंट में पंजीकरण।

    2. बृजभूषण के गढ़ में टूर्नामेंट की निष्पक्षता पर गंभीर चिंता।

    3. खुद को यौन उत्पीड़न की शिकायतकर्ताओं में से एक बताया।

    अंकु चाहर, पंचकूला। भारतीय पहलवान विनेश फोगाट कुश्ती के अखाड़े में वापसी कर रही हैं। उन्होंने गोंडा में 10 से 12 मई तक आयोजित होने वाले नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट के लिए पंजीकरण कराया है। विनेश फोगाट पेरिस ओलंपिक 2024 में 100 ग्राम वजन अधिक होने के कारण पदक से चूक गई थीं।

    लेकिन अब विनेश फोगाट ने एक सनसनीखेज खुलासा किया है। एक वीडियो जारी करते हुए उन्होंने कहा कि आप सभी को नमस्कार। जैसा कि आप सभी को ज्ञात है, पिछले डेढ़ साल से मैं रेसलिंग मैट से दूर थी, लेकिन कुछ समय पहले मैंने पुनः तैयारी शुरू कर दी है। मैं बहुत ईमानदारी और कड़ा परिश्रम कर रही हूं। जिस तरह मैंने पहले पदक जीते थे, मेरी इच्छा है कि मैं फिर से मैट पर उतरकर पदक हासिल करूँ और तिरंगे का मान बढ़ाऊंं।

    मैं इस वीडियो के माध्यम से आप सबके साथ कुछ जरूरी बातें साझा करना चाहती हूँ। करीब एक महीने पहले रेसलिंग फेडरेशन ने एक प्रतियोगिता की घोषणा की। यह टूर्नामेंट उत्तर प्रदेश के गोंडा में आयोजित किया जा रहा है, जो बृजभूषण शरण सिंह का गृह क्षेत्र है और जहाँ उनका निजी कॉलेज स्थित है।

    निष्पक्षता पर उठाए सवाल

    ऐसी जगह पर मेहनत करने वाले हर खिलाड़ी को उसका हक मिले, यह लगभग नामुमकिन है। कौन सा रेफरी किसके मैच में जाएगा, किसे कितने पॉइंट्स दिए जाएंगे, मैट चेयरमैन कहाँ बैठेगा और किसे जितवाना या हरवाना है, यह सब बृजभूषण और उनके करीबियों द्वारा नियंत्रित किया जाएगा।

    खबरें और भी

    दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार और खेल मंत्रालय मूकदर्शक बनकर यह सब देख रहे हैं। कोई भी खिलाड़ियों की मदद के लिए आगे नहीं आ रहा है। ऐसा प्रतीत होता है मानो बृजभूषण को 'फ्री हैंड' दे दिया गया है कि वे कुछ भी करें, महिला पहलवानों के साथ कैसा भी व्यवहार हो, प्रशासन उनके साथ खड़ा है। मुझे शक है कि वहां ईमानदार खिलाड़ियों का वजन भी निष्पक्षता से चेक किया जाएगा।

    यह भी पढ़ें- अखाड़े से विधानसभा, अब घर वापसी; विनेश फोगाट का प्रोटेस्ट से पेरिस ओलंपिक का सफर... क्या है मेडल की रानी की नई जंग?

    तीन साल पहले हमने यौन उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाई थी, जिसका मामला अभी अदालत में लंबित है। छह महिला खिलाड़ियों ने कोर्ट में अपनी गवाही दी है। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन्स के अनुसार, पीड़ितों की गरिमा बनाए रखने के लिए उनकी पहचान उजागर नहीं की जाती, लेकिन आज कुछ मजबूरियों के कारण मुझे आप सबके सामने यह बोलना पड़ रहा है। उन छह पीड़िताओं में से एक मैं खुद हूं, जिसने शिकायत दर्ज कराई थी।

    आप स्वयं सोच सकते हैं कि मेरे लिए उसके (बृजभूषण के) घर और कॉलेज जाकर मुकाबला लड़ना, जहां हर व्यक्ति उससे जुड़ा हुआ है, कितनी कठिन स्थिति होगी। मुझे नहीं लगता कि वहां जाकर मैं मानसिक तौर पर अपना शत-प्रतिशत दे पाऊंगी। एक लड़की के लिए यह बहुत मुश्किल है।

    यह भी पढ़ें- 'तालाब में तैरकर दिखाएं खेल मंत्री, अस्पताल में भर्ती नहीं हुए तो...', विनेश फोगाट ने सदन में रखी तैराकों की व्यथा

    कोई दुर्घटना होने पर कौन जिम्मेदार?

    आज भी बृजभूषण दावा करता है कि फेडरेशन में उसका दबदबा है और वहां उसी के लोग बैठे हैं, फिर भी खेल मंत्रालय और भारत सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा रही। यदि वहां मेरे या मेरी टीम के साथ कोई अनहोनी या दुर्घटना होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी भारत सरकार की होगी। बृजभूषण कैमरे पर स्वीकार कर चुका है कि उसने एक व्यक्ति की हत्या की थी, आप समझ सकते हैं कि वह किस मानसिकता का व्यक्ति है।

    मैं अपने लिए कोई विशेष सुविधा (ट्रीटमेंट) नहीं चाहती, बस इतना चाहती हूँ कि मैट पर फैसला खिलाड़ी की मेहनत के आधार पर हो, न कि किसी गुंडे-बदमाश के रसूख के दम पर।