रेवाड़ी में 924 लोगों को लार्वा मिलने पर नोटिस, डेंगू के खतरे के बीच स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
रेवाड़ी में मानसून के दौरान जलभराव से डेंगू व मलेरिया का खतरा बढ़ा है, स्वास्थ्य विभाग ने 924 लोगों को लार्वा मिलने पर नोटिस दिए हैं। विभाग ने लोगों क ...और पढ़ें

एआई जेनेरोटेड इमेज।
HighLights
स्वास्थ्य विभाग ने 924 लोगों को लार्वा मिलने पर नोटिस दिए।
रेवाड़ी में 3 डेंगू और 10 मलेरिया के मामले सामने आए।
नगर परिषद की सफाई व फॉगिंग में सुस्ती पर चिंता।
जागरण संवाददाता, रेवाड़ी। मानसून के समय जलभराव के बाद जलजनित व मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इतना ही नहीं आम लोगों की लापरवाही ने भी स्वास्थ्य विभाग की टेंशन बढ़ा दी है।
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से अभी तक घर व प्रतिष्ठानों पर मच्छरों का लार्वा मिलने पर 924 लोगों को नोटिस थमाए जा चुके हैं। इसके बावजूद लोग इस तरफ ध्यान नहीं दे रहे।
हालांकि अभी डेंगू के तीन और मलेरिया के 10 ही मामले सामने आए हैं, लेकिन अगस्त की शुरुआत के साथ ही मानसून फिर से एक्टिव होने की संभावना के बीच स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट है। विभाग ने स्पष्ट किया कि यदि लोग सावधानी नहीं बरतेंगे तो जुर्माने की कार्रवाई भी तेज की जाएगी।
600 से जुयादा लोगों को नोटिस थमाए
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार मानसून की शुरुआत से लेकर अब तक पूरे जिले में 11 लाख से ज्यादा घर और प्रतिष्ठानों की जांच की जा चुकी है। मच्छरों का लार्वा मिलने पर महज 20 दिन में ही 600 से ज्यादा लोगों को नोटिस थमाए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर कूलर, पानी की टंकियों, फ्रिज ट्रे, गमलों व अन्य स्थानों की जांच कर रही हैं। लार्वा मिलने पर मौके पर ही उसे नष्ट किया जा रहा है तथा संबंधित व्यक्ति को नोटिस दिया जा रहा है। विभाग के अनुसार, अधिकांश स्थानों पर लार्वा लोगों की लापरवाही के कारण ही मिल रहा है।
आशा वर्कर, एमपीएचडब्ल्यू, स्वास्थ्य निरीक्षक और अन्य कर्मचारी लगातार सर्वे कर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। जिले में सोर्स रिडक्शन अभियान के तहत लार्वा नष्ट करने और लोगों को साफ-सफाई के प्रति जागरूक करने का कार्य जारी है।
नगर परिषद की सुस्ती पड़ सकती है भारी
शहर में कई स्थानों पर जलभराव, गंदगी और समय पर सफाई नहीं होने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की आशंका बनी हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने नगर परिषद से नियमित सफाई और फागिंग कराने के लिए कई बार पत्र भी लिखा।
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उसके बावजूद अभी तक शहर में किसी भी स्थान पर नप की तरफ से फागिंग नहीं कराई गई है। नगर परिषद की यह सुस्ती आने वाले दिनों में भारी पड़ सकती है।
आम लोगों के लिए स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन
- कूलर, फ्रिज ट्रे व गमलों का पानी हर सप्ताह बदलें।
- पानी की टंकियों को ढककर रखें।
- घर व आसपास पानी जमा न होने दें।
- पूरी बाजू के कपड़े पहनें और मच्छरों से बचाव करें।
- तेज बुखार, शरीर दर्द या प्लेटलेट्स कम होने जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
हर वर्ष मानसून के समय डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया का खतरा बढ़ जाता है। समय रहते लार्वा नष्ट करना, साफ-सफाई बनाए रखना और बुखार होने पर तुरंत जांच कराना ही इन बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।
डॉ. गोविंद तंवर, नोडल अधिकारी।