यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 24, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Haryana News: शुभकरण सिंह को श्रद्धांजलि देने के लिए किसान संगठनों ने निकाला कैंडिल मार्च, 27 फरवरी को होगी उच्च स्तरीय बैठक
खनौरी बॉर्डर पर मृतक किसान शुभकरण सिंह को श्रद्धांजलि देने के लिए भारतीय किसान एकता बीकेई के सदस्यों ने कैंडल मार्च निकाला। इसके साथ ही दातासिंहवाला ब ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, सिरसा/जींद। खनौरी बॉर्डर पर किसानों के दिल्ली कूच कार्यक्रम के दौरान मृतक किसान शुभकरण सिंह को श्रद्धांजलि देने के लिए भारतीय किसान एकता बीकेई के सदस्यों ने कैंडल मार्च निकाला। बीकेई के मीडिया प्रभारी गुरलाल सिंह भंगू व राज्य कार्यकारिणी सदस्य गुरपिंदर सिंह काहलो की अध्यक्षता में जगदेव सिंह चौक पर एकत्रित होकर संगठन सदस्यों ने मुख्य बाजार से होते हुए बलिदानी भगत सिंह चौक तक शाम को कैंडल मार्च निकाल शुभकरण सिंह को न्याय दिलाने की मांग की।
बीकेई मीडिया प्रभारी गुरलाल सिंह भंगू ने बताया कि किसानों के दिल्ली कूच को रोकने के लिए हरियाणा सरकार की ओर से गलत रूप से गोलियां चलाकर नौजवान किसान शुभकरण के सिर में गोली मारी। उन्होंने कहा लगाया कि सरकार अपनी जायज मांगों के लिए संघर्ष कर रहे किसानों पर अत्याचार कर रही है। बैरिकेडिंग किसानों को दिल्ली जाने से नहीं रोक सकती। इस दौरान संगठन के अन्य सदस्य भी उनके साथ शामिल रहे।
जींद
दिल्ली कूच के लिए निकले पंजाब के किसान दातासिंहवाला बॉर्डर पर डटे हुए हैं। बॉर्डर पर पंजाब के किसान की मौत के बाद अभी किसानों ने आगे बढ़ने का फैसला टाल दिया है। बर्डर पर ही लगातार कार्यक्रम होंगे। इसके तहत शनिवार को दातासिंहवाला बॉर्डर सहित जिले के कई गांवों में किसानों ने कैंडल मार्च निकाला। वहीं आगे के कार्यक्रम भी तय किए गए हैं।
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किसान नेता सरवन सिंह पंढेर व जगदीप सिंह डल्लेवाल होंगे शामिल
इसमें रविवार को बॉर्डर पर सेमिनार का आयोजन किया जाएगा। इसमें किसान नेता सरवन सिंह पंढेर व जगदीप सिंह डल्लेवाल शामिल होंगे। इसके अलावा कुछ अन्य बड़े नेता भी पहुंच सकते हैं। खटकड़ टोल कमेटी के प्रधान अनीष खटकड़ ने बताया कि किसान शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रख रहे हैं। इसके चलते लगातार कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
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27 फरवरी को बॉर्डर पर होगी उच्चस्तरीय बैठक
उन्होंने कहा कि बॉर्डर हुई किसान की मौत का सभी को दुख है। इसके चलते ही रणनीति बदली गई है। इसके तहत रविवार को सेमिनार का आयोजन किया जाएगा। इसमें वर्तमान में कृषि संकट व किसानों के आंदोलन को लेकर चर्चा की जाएगी। इसमें देश के कई बड़े किसान नेता शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि सरवन सिंह पंढेर व जगदीप सिंह डल्लेवाल शुक्रवार को भी बॉर्डर पर पहुंचे थे। इसमें तय हुआ है कि 26 फरवरी को डब्ल्यूटीओ के विरोध में पुतले जलाए जाएंगे। इसके लिए सरकार, कारपोरेट व डब्ल्यूटीओ के करीब 20-20 फुट ऊंचे पुतले बनाए जाएंगे। 27 फरवरी को बॉर्डर पर उच्चस्तरीय बैठक होगी। इसमें आगे की रणनीति बनाई जाएगी।