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    अप्रैल से सोनीपत के ग्रामीण क्षेत्रों में दोपहर में नहीं आएगी बिजली, तैयार गेहूं की फसल के लिए बनाया नया शेड्यूल

    Updated: Wed, 25 Mar 2026 05:17 PM (GMT+05:30)

    सोनीपत बिजली निगम अप्रैल के पहले सप्ताह से ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली शेड्यूल बदल रहा है। पकी गेहूं की फसल को आग से बचाने के लिए दोपहर में बिजली आपूर ...और पढ़ें

    खेतों में खड़ी पकी हुई गेहूं की फसल को आगजनी की घटनाओं से बचाने के लिए दोपहर के समय बिजली आपूर्ति बंद रखी जाएगी।

    खेतों में खड़ी पकी हुई गेहूं की फसल को आगजनी की घटनाओं से बचाने के लिए दोपहर के समय बिजली आपूर्ति बंद रखी जाएगी।

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    जागरण संवाददाता, सोनीपत। बिजली निगम ने फसलों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अप्रैल के पहले सप्ताह से ग्रामीण क्षेत्रों के बिजली शेड्यूल में बदलाव करने का निर्णय लिया है। खेतों में खड़ी पकी हुई गेहूं की फसल को आगजनी की घटनाओं से बचाने के लिए दोपहर के समय बिजली आपूर्ति बंद रखी जाएगी। यह कदम बिजली के तारों से निकलने वाली चिंगारी और शाॅर्ट सर्किट से होने वाले नुकसान को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। हालांकि, इस बदलाव से ग्रामीण उपभोक्ताओं को कुछ परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

    ग्रामीण क्षेत्रों में कब आएगी-जाएगी बिजली? 

    अप्रैल में तापमान बढ़ने के साथ तेज हवाएं चलने लगती हैं। ऐसे में ढीले बिजली तारों के आपस में टकराने से चिंगारी निकलने की आशंका रहती है। इस समय गेहूं की फसल पूरी तरह पककर तैयार होती है और अत्यधिक ज्वलनशील होती है। ऐसे में एक छोटी सी चिंगारी भी किसानों की सालभर की मेहनत को नुकसान पहुंचा सकती है। इसी को देखते हुए बिजली निगम ने दोपहर के समय, जब हवा की गति अधिक होती है, बिजली आपूर्ति बंद रखने का निर्णय लिया है। वहीं, रात के समय ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित बिजली आपूर्ति जारी रहेगी।

    सुबह-शाम के शेड्यूल में मिलेगा पावर

    किसानों को सिंचाई और अन्य कृषि कार्यों में असुविधा न हो, इसके लिए नया रोस्टर तैयार किया जा रहा है। अब ग्रामीणों को केवल सुबह और शाम के समय ही बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। दोपहर की कटौती की भरपाई सुबह और शाम के समय अतिरिक्त आपूर्ति देकर की जाएगी, ताकि ट्यूबवेल संचालन और घरेलू कार्य प्रभावित न हों। निगम ने किसानों से अपील की है कि वे नए शेड्यूल के अनुसार अपनी दिनचर्या और कृषि कार्यों की योजना बनाएं।

    सरपंचों की मांग पर बदलेगा शेड्यूल

    बिजली निगम ने इस बार स्थानीय स्तर पर लचीलापन भी रखा है। यदि किसी गांव में फसलों की कटाई जल्दी हो जाती है या सिंचाई की अधिक आवश्यकता होती है, तो वहां का बिजली शेड्यूल बदला जा सकता है। इसके लिए संबंधित गांव के सरपंच को पंचायत के लेटरहेड पर लिखित अनुरोध बिजली निगम को देना होगा। आवश्यकता पड़ने पर सरपंच पहले भी दिन के समय बिजली कटौती लागू करवा सकते हैं।

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    फसलों को देखकर लिया गया फैसला

    "गेहूं के सीजन में अक्सर फसलों में आग लगने की शिकायतें मिलती हैं, जिनका जिम्मेदार कई बार बिजली निगम को ठहराया जाता है। इन घटनाओं को रोकने के लिए मुख्यालय के निर्देश पर अप्रैल के पहले सप्ताह से ग्रामीण क्षेत्रों का बिजली शेड्यूल बदला जाएगा। यदि कोई सरपंच इससे पहले शेड्यूल में बदलाव चाहता है, तो वह एसडीओ कार्यालय में लिखित आवेदन दे सकता है।"

    -जीआर तंवर, एसई, बिजली निगम।

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