सोनीपत के सरकारी स्कूलों के प्राचार्यों को 1 लाख तक के बजट से शौचालय मरम्मत का अधिकार, 276 टॉयलेट दुरुस्त होंगे
सोनीपत में समग्र शिक्षा अभियान के तहत प्राचार्यों को एक लाख रुपये तक खर्च करने का अधिकार दिया गया है। जिले के 276 शौचालयों को मरम्मत की आवश्यकता है, ज ...और पढ़ें

गढ़ी घसीटा के राजकीय स्कूल का शौचालय। जागरण

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संदीप कुमार, सोनीपत। जिले के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की मूलभूत सुविधाएं बेहतर बनाने की दिशा में शिक्षा विभाग ने अहम कदम उठाया है। समग्र शिक्षा अभियान के तहत जिला परियोजना संयोजक ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों और स्कूल प्रमुखों को निर्देश जारी कर बदहाल पड़े शौचालयों की मरम्मत तुरंत शुरू कराने को कहा है। प्राचार्यों को शौचालयों की मरम्मत के लिए एक लाख रुपये तक खर्च करने का अधिकार दिया गया है। यह राशि स्कूल स्तर पर गठित समिति के माध्यम से उपयोग की जाएगी। जिन स्कूलों में मरम्मत का खर्च एक लाख रुपये से कम है, वहां कार्य तुरंत प्रारंभ करने के निर्देश हैं।
आवश्यक बजट जारी किया जा सके
शिक्षा विभाग की ओर से निर्देश जारी किए गए है कि यदि किसी विद्यालय में मरम्मत का अनुमानित खर्च एक लाख रुपये से अधिक है, तो संबंधित प्राचार्य को उपमंडल अभियंता या जेई से एस्टीमेट तैयार कराना होगा। यह एस्टीमेट पत्र प्राप्ति के दो दिन के भीतर जिला कार्यालय में भेजना अनिवार्य किया गया है, ताकि आवश्यक बजट जारी किया जा सके।
गन्नौर ब्लाॅक में सबसे अधिक 76 शौचालयों को मरम्मत की आवश्यकता है, जिसके लिए 18.90 लाख का बजट प्रस्तावित है।संख्या में कम होने के बावजूद सोनीपत ब्लाॅक के 44 शौचालयों के लिए 17.10 लाख रुपये की आवश्यकता है, जो प्रति शौचालय मरम्मत लागत अधिक होने का संकेत देता है। कथूरा ब्लाॅक में केवल 10 शौचालयों की मरम्मत होनी है।
एक नजर आंकड़ों पर...
- 648 शौचालय हैं जिले भर के सरकारी स्कूलों में उपलब्ध
- 276 शौचालयों को मरम्मत की जिलेभर में है आवश्यकता
- 76.18 लाख रुपये का बजट किया है शौचालयों का निर्धारित
- 554 शौचालयों में पानी की सुविधा है उपलब्ध
जिले की वर्तमान स्थिति
जिले में कुल 648 शौचालय हैं, जिनमें से 371 सही स्थिति में हैं, जबकि 276 शौचालयों को मरम्मत की आवश्यकता है। 554 शौचालयों में पानी की सुविधा उपलब्ध है। मरम्मत कार्य के लिए कुल 76 लाख 18 हजार रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। जिले में वर्तमान में 72 सफाई कर्मचारी तैनात हैं।
खबरें और भी
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
बेगा, भिगान और गढ़ी झझारा सहित कई विद्यालयों में शौचालयों की हालत खराब पाई गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि मरम्मत कार्य में किसी प्रकार की देरी होने पर संबंधित अधिकारी और स्कूल प्रमुख जिम्मेदार होंगे।विभाग की इस सख्ती से जिले के राजकीय स्कूलों की शौचालय दुरुस्त होंगे और विद्यार्थियों को इसका फायदा मिलेगा।
ब्लाॅक के हिसाब से शौचालय की मरम्मत की स्थिति
- गन्नौर : 74
- गोहाना : 50
- कथूरा : 10
- खरखौदा : 44
- मुंडलाना : 28
- राई : 27
- सोनीपत : 44
"सरकारी स्कूलों में शौचालय को दुरुस्त करने के लिए मुखिया को एक लाख रुपये तक के बजट से मरम्मत कराने का अधिकार दे दिया गया है। अब शौचालय की मरम्मत में अनावश्यक देरी न होगी। इस पर कोई मुखिया लापरवाही न करें, अन्यथा विभाग की ओर से कार्रवाई की जाएगी।"
-विष्णुदत्त भारद्वाज, एसडीओ, समग्र शिक्षा अभियान, सोनीपत
यह भी पढ़ें- सोनीपत के सर्विस स्टेशन से कई लाख रुपये मूल्य का सामान चोरी, पुलिस ने शुरू की जांच
यह भी पढ़ें- सोनीपत में ऐतिहासिक फैसला: अब दिन में होंगी शादियां, क्या है वजह और फायदे?