Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    बिलासपुर हत्याकांड: पत्नी का शव सेप्टिक टैंक में डाल घर चला गया आरोपित, 7 दिन बाद कैसे उखड़ी वारदात की परतें?

    By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Mon, 09 Feb 2026 04:38 PM (GMT+05:30)

    हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी गुड़िया देवी की हत्या कर शव सेप्टिक टैंक में छिपा दिया। आरोपी पति गोविंद राम ने अपने दो भाइयों ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    HighLights

    1. पति ने पत्नी की हत्या कर शव सेप्टिक टैंक में डाला।

    2. आरोपी पति गोविंद राम दो भाइयों संग झारखंड फरार।

    3. नई सीमेंट परत और दुर्गंध से खुला हत्याकांड का राज।

    जागरण संवाददाता, बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश के जिला बिलासपुर में पत्नी की हत्या के बाद सेप्टिक टैंक में शव डाल सीमेंट से ढक्कन बंद करने के मामले में अहम खुलासा हुआ है। महिला के पति गोविंद राम ने दो भाइयों के साथ मिलकर गुड़िया देवी की हत्या कर दी। पहली फरवरी को वारदात के बाद आरोपित पति व उसके भाई झारखंड स्थित अपने गांव चले गए। गोविंद राम ने पिता को बता दिया कि उसने पत्नी की हत्या कर दी है।

    भाई को परिचित ने बताई सच्चाई

    गुड़िया देवी का भाई बिलासपुर जिला के झंडूता में मिस्त्री का काम करता है। उसे आठ फरवरी की शाम बहन की हत्या की बात झारखंड से उसके परिचित ने बताई। उसकी सूचना पर पुलिस नौ फरवरी को महिला की तलाश में दनोह स्थित उसके किराये के मकान पर पहुंची जहां ताला लगा था।

    सीमेंट की नई परत और दुर्गंध से खुला राज

    जांच के दौरान सेप्टिक टैंक पर सीमेंट की नई परत होने पर शक हुआ। टैंक खुलवाने पर उसके अंदर शव मिला। पुलिस ने ताजा सीमेंट और दुर्गंध आने पर ढक्कन को उखाड़ा, इसके बाद वारदात की परतें खुलती गईं।

    पुलिस तलाश में दे रही दबिश

    आरोपित गोविंद राम और उसके भाई बंसी चौहान व गुड्डू निवासी गांव नोडिया लोहारसी, डाकघर लोहारसी, थाना पांकी नोहडिया, जिला पलामू, झारखंड की तलाश में पुलिस उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें: हिमाचल के बिलासपुर में पत्नी की हत्या कर सेप्टिक टैंक में डाला शव, सीमेंट लगा बंद कर दिया ढक्कन; दुर्गंध ने खोला राज

    यह भी पढ़ें: हिमाचल में बिजली चोरी करते पकड़ा भाजपा नेता, एक साल से आ रहा था जीरो बिल; बोर्ड ने लगाया एक लाख रुपये जुर्माना