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    श्रीनगर में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, टीआरएफ कमांडर सज्जाद गुल की 2 करोड़ की संपत्ति कुर्क

    Updated: Sat, 04 Oct 2025 02:38 PM (IST)

    श्रीनगर में पुलिस ने लश्कर-ए-तैयबा के हिट स्क्वाड द रजिस्टेंस फ्रंट के प्रमुख हैंडलर शेख सज्जाद अहमद शेख उर्फ सज्जाद गुल की लगभग दो करोड़ रुपये की संप ...और पढ़ें

    शेख सज्जाद अहमद पहले ओवर ग्राउंड वर्कर था और 2017 में पाकिस्तान भाग गया था।
    शेख सज्जाद अहमद पहले ओवर ग्राउंड वर्कर था और 2017 में पाकिस्तान भाग गया था।

    HighLights

    1. पहलगाम हमले में भी शेख सज्जाद का नाम आया है।
    2. वर्ष 2002 में वह हवाला के मामले में पकड़ा गया था।
    3. सज्जाद युवाओं की भर्ती में भी अहम भूमिका निभाता है।

    राज्य ब्यूरो, जागरण, श्रीनगर। पुलिस ने शनिवार को लश्कर-ए-तैयबा के हिट स्क्वाड द रजिस्टेंस फ्रंट के प्रमुख हैंडलरों में से एक शेख सज्जाद अहमद शेख उर्फ सज्जाद गुल की लगभग दो करोड़ रूपये मूल्य की संपत्ति की कुर्की की है।

    10 लाख का इनामी आतंकी सज्जाद गुल बीते आठ वर्ष से भी ज्यादा समय से पाकिस्तान में छिपा हुआ है। उसकी कश्मीर में अल्पसंख्यकों अन्य राज्यों के नागरिकों की लक्षित हत्याओं की 30 से ज्यादा वारदातों में उसकी तलाश है। पहलगाम हमले में भी उसका नाम आया है।

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    पहले ओवर ग्राउंड वर्कर था सज्जाद

    संबधित अधिकारियों ने सज्जाद गुल के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि उसने अपनी शुरुआती पढ़ाई यहां श्रीनगर में की थी। इसके बाद उसने बेंगलुरू में भी एक कोर्स किया और उसके कुछ समय बाद वह आतकी गतिविधियों में शामिल हो गया। शुरु में वह आतंकियों के लिए बतौर ओवरग्राउंड वर्कर काम करते हुए उनके लिए ठिकानों व पैसे का बंदोबस्त करता था।

    हवाला मामले में जेल भी जा चुका

    वर्ष 2002 में वह हवाला के मामले में पकड़ा गया था और कुछ समय जेल में रहा। जेल से छूटने के बाद कुछ समय तक वह सामान्य जिंदगी जीता रहा, लेकिन फिर वह आतंकी गतिविधियों में शामिल हो गया अौर वर्ष 2017 में वह सुरक्षा एजेंसियों से बचने के लिए एक जाली पासपोर्ट के सहा ेपाकिस्तान चला गया था।

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    लश्कर के इंटरनेट मीडिया की कमान संभाली

    पाकिस्तान पहुंचने के बाद उसने लश्कर-ए-तैयबा के इंटरनेट मीडिया के कश्मीर विंग की कमान संभाली और कश्मीर फाइटस नामक उनके मुखपत्र को चलाने लगा। वह कश्मीर में अपने स्थानीय नेटवर्क के जरिए उन लोगों को पता लगवाताजो प्रत्यक्ष-परोक्ष तरीके से आंकियों के एजेंडे को विफल बनाने में लगे थे और उसके बाद उनकी हिटलिस्ट जारी करता था। वह स्थानीय युवाओं की आतंकी संगठन में भर्ती में भी अहम भूमिका निभाता है।

    टीआरएफ की कमान काउंसिल का हिस्सा बना

    वर्ष 2019 के दौरान वह टीआरएफ की कमान काउंसिल का हिस्सा बन गया और उसके बाद कश्मीरमें हाेने वाली लगभग हर टार्गेट किलिंग की जांच में उसका नाम सामने आया है। संबधित पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सज्जाद गुल के खिलाफ वर्ष 2022 में परिमपोरा पुलिस स्टेशन में यूएपीए और 2/3 ईआईएमसीओ अधिनियम के तहत दर्ज मामले की जांच के तहत ही आज उसकी संपत्ति को कुर्क किया गया है।

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    संपत्ति के मालिक की पहचान

    यह संपत्ति एचएमटी में रोज एवेन्यू में हैं। इसमें 15 मरला जमीन और उस पर एक तीन मंजिला भवन है। राजस्व रिकॉर्ड और तहसीलदार सेंट्रल, शाल्टेंग, श्रीनगर से प्राप्त सत्यापन के अनुसार, लगभग दो करोड़ रूपये मूल्य की यह संपत्ति आतंकी सज्जाद अहमद शेख उर्फ सज्जाद गुल के पिता गुलाम मोहम्मद शेख पुत्र ख्वाजा अनवर शेख के नाम पर पंजीकृत है। यद्यपि संपत्ति आतंकवादी के पिता के नाम पर पंजीकृत है परंतु जांच से पता चला है कि सज्जाद गुल इसमें एक मुख्य भागीदार है।