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    मंदिर से बाहर आकर भगवान जगन्नाथ ने भक्तों को दिए दर्शन, 'जय जगन्नाथ' के जयकारों से गूंज उठा बोकारो

    Updated: Thu, 16 Jul 2026 10:22 PM (IST)

    बोकारो में महाप्रभु जगन्नाथ की रथ यात्रा धूमधाम से निकाली गई, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने 'जय जगन्नाथ' के जयकारे लगाए। बीएसएल के निदेशक प्रभारी प्रिय ...और पढ़ें

    बोकारो में जगन्नाथ रथ यात्रा में उमड़ी भक्तों की भीड़। (फोटो जागरण)

    बोकारो में जगन्नाथ रथ यात्रा में उमड़ी भक्तों की भीड़। (फोटो जागरण)

    HighLights

    1. बोकारो में जगन्नाथ रथ यात्रा उत्साहपूर्वक संपन्न हुई।

    2. हजारों श्रद्धालुओं ने 'जय जगन्नाथ' के जयकारे लगाए।

    3. विभिन्न संगठनों ने भक्तों को फल, शरबत वितरित किए।

    जागरण संवाददाता, बोकारो। चास-बोकारो एवं आसपास के श्रद्धालु महाप्रभु जगन्नाथ की रथ यात्रा को लेकर खासे उत्साहित थे। गुरुवार को श्रद्धालु बोकारो इस्पात नगर के सेक्टर चार स्थित जगन्नाथ मंदिर पहुंचे। पुरोहित के साथ श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ का पूजन किया।

    दोपहर में पुरोहित हिमांशु दास, सुशांत सत्पथी व मानस आचार्य ने पहंडी विधि से भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा व भाई बलभद्र को रथ पर विराजमान किया। बीएसएल के निदेशक प्रभारी प्रियरंजन ने रथ का छेरा पन्हरा किया। उन्होंने भगवान का पूजन किया। इसके बाद मंदिर के मुख्य द्वार से भगवान की रथ यात्रा निकाली गई। भगवान जगन्नाथ ने श्रद्धालुओं को दर्शन दिया। श्रद्धालु भगवान का दर्शन कर धन्य हो गए।

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    इस अवसर पर बीएसएल के अधिशासी निदेशक अनूप कुमार दत्त, अधिशासी निदेशक राजश्री बनर्जी,अधिशासी निदेशक सीआर मिश्रा, अधिशासी निदेशक विकास मानवटी, अधिशासी निदेशक डा.बीबी करुणामय, अधिशासी निदेशक अनीस सेनगुप्ता, अधिशासी निदेशक एसआरयू पीके रथ, सीजीएम एसके भारद्वाज, बोकारो महिला समिति की अध्यक्ष शुभम रंजन, उत्कल सेवा समिति के डा.जीएन साहु, डा.आरएन प्रधान, लंबोदर उपाध्याय, चक्रधर सेठी, अरुण दास, प्रमोद स्वाईं, भास्कर के अलावा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

    जय जगन्नाथ के जयकारे से गुंजायमान हो उठा नगर

    भगवान जगन्नाथ के रथ को खींचने के लिए श्रद्धालुओं में होड़ मची थी। श्रद्धालु भगवान का रथ खींच कर अपने को धन्य मान रहे थे। रथ यात्रा में शामिल श्रद्धालु जय जगन्नाथ व हरि बोल का जयकारा लगा रहे थे। जय जगन्नाथ व हरि बोल के जयकारे से नगर गुंजायमान हो उठा। कलाकारों ने भजन के माध्यम से भगवान की महिमा का गुणगान किया। भक्त भजन पर झूम रहे थे। इस दौरान वातावरण में भक्ति रस का समावेश हो गया।

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    रथ यात्रा विश्व बंधुत्व व भाईचारा की भावना भरने में सहायक

    उत्कल सेवा समिति के लंबोदर उपाध्याय ने कहा कि रथ यात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा व भगवान बलभद्र अपने पवित्र आसन से उतर कर अपने रथ पर सवार होते हैं, जिन्हें भक्त खींचते हैं। रथ यात्रा में हर धर्म, संस्कृति, जाति, पंथ व परंपरा के लोग भाग लेते हैं।

    रथ यात्रा भारतीय संस्कृति के सामाजिक, सांस्कृतिक व धार्मिक लोकाचार का परिष्कृत तत्व होने के साथ जनजातीय व ग्रामीण संस्कृति का मिलाजुला साकार रूप भी है। ईश्वर ने मानवता का उद्धार करने के लिए स्वयं को प्रकट किया। भगवान जगन्नाथ पूर्णत: महाविष्णु के रुप में जाने जाते हैं।

    रथ यात्रा विश्व बंधुत्व व भाईचारा की भावना भरने में सहायक है। गजपति महाराजा व अन्य विशिष्ट जन रथ का छेरा पन्हरा करते हैं। यह कार्य के महत्व को प्रदर्शित करता है। साथ ही स्वच्छता का संदेश देता है। साथ ही शासक व साधारण आदमी के बीच के अंतर को समाप्त करता है।

    श्रद्धालु भगवान के दर्शन को दिखे आतुर

    जगन्नाथ मंदिर के मुख्य द्वार से रथ यात्रा प्रारंभ हुई, जो डा.आंबेडकर चौक, बीजीएच पथ, डा.श्रीकृष्ण सिंह चौक, सिटी सेंटर सेक्टर चार, महात्मा गांधी चौक, बोकारो माल, एसआरयू, पं.जवाहर लाल नेहरु चौक, सेक्टर एक होते हुए श्रीराम मंदिर मौसी बाड़ी पहुंच कर संपन्न हो गया।

    उमस भरी गर्मी के बावजूद रास्ते में लोग भगवान के रथ के आने का इंतजार कर रहे थे। श्रद्धालु भगवान के दर्शन को आतुर दिखे। भगवान को रथ में विराजमान देख कर लोगों ने दोनों हाथ जोड़ कर उनका वंदन किया। मंदिर के पुरोहितों ने रास्ते भर श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया।

    बीएसएल नगर प्रशासन की टीम रही सक्रिय

    बीएसएल नगर प्रशासन की टीम सक्रिय रही। विभागीय स्तर पर पूर्व में ही रथ यात्रा के रास्ते में पड़ने वाले वृक्ष की शाखाओं को छांट दिया गया था। विद्युत विभाग की गाड़ी रथ के आगे चल रही थी। इस गाड़ी पर सवार कर्मी रथ की राह में आगे वाले विद्युत तार व अवरोध को हटा रहे थे।

    सफाईकर्मी रास्ते को साफ कर रहे थे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पानी टैंकर से रास्ते में पानी का छिड़काव किया जा रहा था। रथ के पीछे एंबुलेस भी चल रहे थे। यहां सुरक्षा की भी पुख्ता व्यवस्था की गई थी। भगवान के रथ के साथ जवान भी चल रहे थे।

    मौसी बाड़ी में भगवान का किया गया पूजन

    मौसी बाड़ी में पुरोहितों ने भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा व भगवान बलभद्र का स्वागत किया। यहां भगवान का पूजन किया गया। भगवान 23 जुलाई तक मौसी बाड़ी में रहेंगे। 24 जुलाई को मौसी बाड़ी श्रीराम मंदिर से बहुरा यात्रा निकाली जाएगी। भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा व भगवान बलभद्र सेक्टर एक, पं.जवाहर लाल नेहरु चौक, एसआरयू, बोकारो माल, महात्मा गांधी चौक, बीजीएच, डा.आंबेडकर चौक होते हुए मंदिर पहुंचेंगे।

    विभिन्न संगठन के लोगों ने की श्रद्धालुओं की सेवा

    चास-बोकारो के विभिन्न संगठन के लोगों ने रथ यात्रा के रास्ते में स्टाल लगाया। यहां श्रद्धालुओं के लिए फल, चना-गुड़, खीर, लस्सी, शीतल पेय, शर्बत, पेयजल आदि की व्यवस्था की गई थी।

    उत्कल महिला समिति, महिला समिति बोकारो, रोटरी मिड टाउन कपल्स, बाबा बोकारो नाथ बोलबम सेवा समिति, सनातन सेवा समिति, सिटी सेंटर व्यवसायी संघ, मृणालिका सपनों की उड़ान, बोकारो इस्पात सेवा समिति, स्नेहा स्वयं सहायता समूह, स्वर्णिम नारी शक्ति सुरक्षा फाउंडेशन, आल टाइम मदर, श्रीराम मंदिर अखाड़ा, स्नेही समाज, सनातन सेवा समिति, जायसवाल समाज सर्ववर्गीय, प्रगति सेवा आश्रम, जनता मजदूर संघ, उगना बोलबम समिति, उज्ज्वल जीवन, महिला एवं बाल विकास विभाग, जन सेवक हम और आप के अलावा अन्य संगठन के लोगों ने श्रद्धालुओं की सेवा की।

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    रथ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं को फल, शीतल पेय, शर्बत, पेयजल आदि दी गई। उत्कल महिला समिति की जी पटनायक, भावना शर्मा, अवनी, सुचस्मिता, सुचिता महापात्रा, अलका, सुधा, आल टाइम मदर की संघमिता सिंह, मीरा सिंह, सोनिया बनर्जी, अनीता सिंह, कविता सिंह स्वर्णिम नारी शक्ति सुरक्षा फाउंडेशन की माया पांडेय, सोनी देवी, नीलम, रीता, प्रगति सेवा आश्रम की प्रगति शंकर, मृणालिका सपनों की उड़ान की किशु सिंह, स्नेही समाज बोकारो के डीके साह, धर्मेंद्र कुमार, संतोष कुमार साहु, रामधन साह, सत्येंद्र साह आदि ने श्रद्धालुओं की सेवा की।