बोकारो के कसमार में बनारस-कोलकाता एक्सप्रेस-वे का बाईपास बना मुसीबत, कीचड़ और प्रदूषण से लोग बेहाल
कसमार में बनारस-कोलकाता एक्सप्रेस-वे का अस्थायी बाईपास कीचड़ और प्रदूषण के कारण स्थानीय लोगों के लिए बड़ी समस्या बन गया है। ...और पढ़ें

कसमार में बनारस-कोलकाता एक्सप्रेस-वे का बाईपास बना मुसीबत। (जागरण)
HighLights
बाईपास कीचड़ से भरा, राहगीरों को परेशानी।
धूल और प्रदूषण से स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें।
निर्माण कंपनी पर रखरखाव में लापरवाही का आरोप।
संवाद सहयोगी, कसमार। बनारस-कोलकाता एक्सप्रेस-वे का निर्माण जहां एक ओर विकास की नई गाथा लिखने का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर कसमार प्रखंड की बगियारी सब स्टेशन के समीप रहने वाली जनता के लिए परेशानी का सबब बन गया है।
निर्माणाधीन पुल के लिए बनाया गया अस्थायी बाईपास वर्तमान में बदहाली के उस स्तर पर पहुंच चुका है कि राहगीर और स्थानीय लोग अब इस रास्ते से गुजरने तक से कतराने लगे हैं।
विकास की राह में कीचड़ की बाधा
पुल निर्माण के चलते आवाजाही के लिए बनाए गए बाईपास की हालत इतनी जर्जर हो चुकी है कि वह अब सड़क कम और दलदल अधिक नजर आता है। थोड़ी सी बारिश और भारी वाहनों के दबाव ने रास्ते को पूरी तरह कीचड़ युक्त कर दिया है।
दुपहिया वाहन चालक आए दिन यहां फिसलकर चोटिल हो रहे हैं, जबकि पैदल चलने वालों के लिए यहां से निकलना दूभर हो गया है।
प्रदूषण और स्वास्थ्य का गंभीर संकट
स्थानीय शुभम झा का कहना है कि वे लोग पहले से ही दोहरी मार झेल रहे थे। पास में स्थित प्लांट से निकलने वाला धुआं और गर्मी ने जीना मुहाल कर रखा है।
सडक मे उड़ने वाली धूल और छाई के कारण लोगों को सांस लेने में दिक्कत और आंखों में जलन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि निर्माण कंपनी द्वारा बाईपास के रखरखाव पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। धूल को दबाने के लिए न तो नियमित पानी का छिड़काव होता है और न ही कीचड़ वाली जगह पर गिट्टी डाली जा रही है।