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    चतरा में नौनिहालों का भविष्य खतरे में: नदी पारकर स्कूल जाने को मजबूर मासूम, पुल न होने से जान का खतरा

    By ZULQAR NAINEdited By: Shashank Baranwal
    Updated: Wed, 29 Jul 2026 06:14 PM (IST)

    चतरा के पोटम गांव में स्कूली बच्चे बरसात में उफनती नदी पार कर स्कूल जाने को मजबूर हैं, जिससे उनकी जान को खतरा बना रहता है। ग्रामीण वर्षों से पुल निर्म ...और पढ़ें

    HighLights

    1. पोटम गांव के बच्चे उफनती नदी पार कर स्कूल जाते।

    2. पुल के अभाव में जान जोखिम में डाल रहे नौनिहाल।

    3. ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल पुल निर्माण की मांग की।

    राजनाथ गंझू, लावालौंग (चतरा)। लावालौंग प्रखंड की हेडूम पंचायत स्थित पोटम गांव में बरसात के दिनों में स्कूली बच्चों की पढ़ाई चुनौती बन जाती है। उत्क्रमित मध्य विद्यालय पोटम आने-जाने वाले विद्यार्थियों को प्रतिदिन उफनती नदी पार कर विद्यालय पहुंचना पड़ रहा है। लगातार हो रही बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे बच्चों का विद्यालय पहुंचना बेहद जोखिम भरा हो गया है।

    पुल के अभाव में बच्चे कभी एक-दूसरे का हाथ पकड़कर तो कभी तैरकर नदी पार करने को मजबूर हैं। विद्यालय जाने की इस कठिन राह में हर दिन किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है।

    इसके बावजूद शिक्षा के प्रति लगन और मजबूरी के कारण बच्चे अपनी जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुंच रहे हैं। यह स्थिति अभिभावकों की चिंता भी लगातार बढ़ा रही है।

    ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से इस नदी पर पुल निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। बरसात के मौसम में समस्या और गंभीर हो जाती है। कई बार नदी का बहाव इतना तेज हो जाता है कि बच्चों के लिए उसे पार करना अत्यंत खतरनाक साबित होता है।

    ऐसे में बच्चों की शिक्षा भी प्रभावित होती है और उनकी सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं।ग्रामीणों ने प्रशासन से अविलंब पुल निर्माण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि शीघ्र स्थायी समाधान नहीं किया गया तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

    उनका मानना है कि एक पुल का निर्माण न केवल बच्चों की जान की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि उनकी शिक्षा की राह भी आसान बनाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से संवेदनशीलता दिखाते हुए इस समस्या का त्वरित समाधान करने की अपील की है।

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    ग्रामीणों से जानकारी मिली है। स्थल का निरीक्षण करने के बाद ही वस्तु स्थिति की जानकारी वरीय अधिकारियों को दी जाएगी।

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    विपिन भारती, बीडीओ, लावालौंग (चतरा)