देवघर श्रावणी मेला: कांवड़ियों के लिए निगम की खास तैयारी, 40 हाई मास्ट लाइटें लगीं; 6 टीमें 24 घंटे रहेंगी अलर्ट
देवघर श्रावणी मेला के लिए निगम प्रशासन ने कांवड़ियों की सुविधा हेतु विशेष रोशनी की व्यवस्था की है। पूरे मेला क्षेत्र में 40 हाई मास्ट लाइटें, 3000 स्ट ...और पढ़ें
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HighLights
मेला क्षेत्र में 40 हाई मास्ट लाइटें स्थापित की गईं।
रूट लाइन पर 3000 स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं।
बिजली समस्या के लिए 6 टीमें 24 घंटे सक्रिय रहेंगी।
अमित सोनी, देवघर। प्रतिदिन लाखों की संख्या में कांवड़िये बाबाधाम पहुंचेंगे। पूरा मेला क्षेत्र शिव भक्तों से पटा रहेगा। रात हो या दिन, कांवरियों के कदम रुकेंगे नहीं। बस चलते रहेंगे।
देवघर पहुंचने के बाद कतारबद्ध होकर जलार्पण की प्रतीक्षा में लग जाएंगे। रात में चलने, आवासन करने व कतारबद्ध होने के दौरान कांवड़ियों को रोशनी को लेकर किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। निगम प्रशासन की ओर से रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। संपूर्ण मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं को पर्याप्त रोशनी मिले, इसका विशेष ख्याल रखा गया है।
40 मास्ट लाइट और लगाए गए हैं तीन हजार स्ट्रीट
संपूर्ण मेला क्षेत्र को चकाचौंध भरी रोशनी मुहैया कराने को लेकर निगम प्रशासन की ओर से 40 मास्ट लाइट की व्यवस्था की गई। जिसमें नेहरू पार्क, शिवराम झा चौक, जलसार, बाबा मंदिर, हदहदिया पुल के समीप, बरमसिया, अंतरराष्ट्रीय बस पड़ाव सहित निगम क्षेत्र स्थित सभी प्रमुख चौक चौराहा शामिल है।
सभी मास्ट लाइट चालू है। वहीं मेला क्षेत्र स्थित रूट लाइन में 3000 की संख्या में स्ट्रीट लाइट लगाया गया है। ताकि कांवरियों को रोशनी को लेकर रूट लाइन में किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।

24 घंटे छह टीम रहेगी मोबाइल
मेला अवधि के दौरान बिजली की किसी भी तरह की परेशानी का त्वरित निष्पादन के लिए छह टीमों को तैनात की जाएगी। टीम 24 घंटे एक्टिव मोड में रहेगी। एक टीम में तीन सदस्य शामिल रहेंगे।
साथ ही कंट्रोल रूम में पूरी तरह से एक्टिव मोड में रहेगा। लाइट से संबंधित किसी भी तरह की सूचना प्राप्त होते ही कंट्रोल रूम से संबंधित टीम को जानकारी दी जाएगी। टीम तुरंत संबंधित स्थान पर पहुंचकर समस्या का निराकरण करेगी।
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दो हाइड्रोलिक वाहन भी रहेगा तैनात
मेला क्षेत्र में मास्ट लाइट या स्ट्रीट लाइट से जुड़ी किसी भी तरह की परेशानी से निपटने के लिए दो हाइड्रोलिक वाहन को भी तैनात किया जाएगा। इन हाइड्रोलिक वाहन की मदद से ऊंचाई पर लाइट को दुरुस्त किया जाएगा। हाइड्रोलिक वाहन में चालक सहित कर्मियों की तैनाती रहेगी। ताकि तुरंत समस्या का दूर किया जा सके।
पर्याप्त संख्या में लगाए गए हैं सेंसर लाइट
मेला क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में सेंसर लाइट लगाया गया है। सेंसर लाइट दिन में स्वत: बंद हो जाएगा जबकि अंधेरा होते ही लाइट जल जाएगी। इससे कई तरह का फायदा होगा। बिजली की खत्म कम होने के साथ-साथ लाइट को जलाने और बुझाने का झंझट ही खत्म हो जाएगा। इस बार निगम प्रशासन की ओर से पहली बार पहल की गई है।
श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। पर्याप्त संख्या में लाइट की व्यवस्था की गई है। छह टीमें 24 घंटे मुस्तैद रहेगी। कंट्रोल रूम एक्टिव मोड में रहेगा।
सुलोचना मीणा, नगर आयुक्त