झारखंड में SIR पर भाजपा की रणनीति शुरू, विधायकों को मिली बूथ की कमान
भाजपा ने झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के लिए रणनीति बनाई है। पार्टी ने अपने विधायकों और प्रमुख नेताओं को 'बीएलए-1' नियुक्त कर 8 ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
आशीष अंबष्ठ, धनबाद। झारखंड में मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण ( एसआईआर ) को लेकर भाजपा ने अपनी चुनावी मशीनरी को सक्रिय कर दिया है। राज्य की 81 विधानसभा सीटों पर पार्टी ने अपने विधायकों और प्रमुख नेताओं को 'बीएलए-1' ( बूथ लेवल एजेंट वन ) के रूप में तैनात कर सीधे मैदान में उतार दिया है।
ये विधायक निर्वाचन अधिकारियों और बूथ स्तर के अधिकारियों के साथ समन्वय कर मतदाता सूची को अंतिम रूप देंगे। दो दिन पहले ही रांची में हुई भाजपा प्रदेश कमेटी की बैठक में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहु ने सभी भाजपा विधायकों को यह कमान दी गई है।
पार्टी इसको सार्वजनिक नहीं कर पूरी तरह से गुप्त रख कर काम रही है। इसके साथ ही झारखंड में जितने भी भाजपा के सांसद व राज्यसभा के सदस्य है। वह भी इस पर विशेष नजर रखेंगे।
भाजपा का झारखंड सरकार पर आरोप है कि राज्य में डेमोग्राफी (जनसांख्यिकी) बदल रही है और मतदाता सूची में बड़ी संख्या में अवैध घुसपैठियों के नाम शामिल हैं। एसआईआर के माध्यम से पार्टी इन नामों को हटवाने (फिल्ट्रेशन) पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
घर-घर दस्तक और सत्यापन भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार, इस प्रक्रिया में घर-घर जाकर गणना फार्म भरा जा रहा है। भाजपा के बीएलए यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से छूटे नहीं और किसी भी संदिग्ध नाम की सही से जांच हो।
खबरें और भी
भाजपा के लिए यह प्रक्रिया केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि अत्यधिक रणनीतिक है। बिहार में एसआइआर के बाद बड़ी संख्या में नामों के हटने के उदाहरण को देखते हुए, भाजपा झारखंड में भी इसे अपने पक्ष में एक बड़े अवसर के रूप में देख रही है।
विधायकों को बीएलए बनाने का कदम यह दर्शाता है कि पार्टी बूथ स्तर पर किसी भी प्रकार की चूक नहीं चाहती और आगामी चुनावों से पहले वोट बैंक की सटीकता सुनिश्चित करना चाहती है।
भाजपा झारखंड के संताल परगना और कोल्हान
क्षेत्रों में बांग्लादेशी घुसपैठ के मुद्दे को अपनी चुनावी और सुरक्षा रणनीति का मुख्य केंद्र बना रही है। इसके लिए एसआईआर विशेष गहन पुनरीक्षण) जैसी प्रक्रियाओं के माध्यम से मतदाता सूचियों की शुद्धता और घुसपैठियों की पहचान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। भाजपा का मुख्य ध्यान संताल परगना के साहिबगंज और पाकुड़ जैसे जिलों पर है, जिन्हें घुसपैठ का मुख्य प्रवेश द्वार माना जाता है।
झारखंड में प्रमुख भाजपा विधायक (2024-2029)
| विधायक का नाम | विधानसभा क्षेत्र |
|---|---|
| बाबूलाल मरांडी | धनवार |
| चंपाई सोरेन | सरायकेला |
| चंद्रेश्वर प्रसाद सिंह | रांची |
| नवीन जायसवाल | हटिया |
| प्रदीप प्रसाद | हजारीबाग |
| डॉ. नीरा यादव | कोडरमा |
| राज सिन्हा | धनबाद |
| पूर्णिमा साहू | जमशेदपुर पूर्व |
| रागिनी सिंह | झरिया |
| शत्रुघ्न महतो | बाघमारा |
| नागेंद्र महतो | बगोदर |
| मनोज कुमार यादव | बरही |
| रौशन लाल चौधरी | बरकागांव |
| आलोक चौरसिया | डालटनगंज |
| सत्येंद्र नाथ तिवारी | गढ़वा |
| मंजू कुमारी | जमुआ |
| देवेन्द्र कुंवर | जरमुंडी |
| प्रकाश राम | लातेहार |
| कुशवाहा शशि बी मेहता | पांकी |
| कुमार उज्जवल | सिमरिया |
| श्रद्धानंद बेसरा | सिमडेगा |
यह भी पढ़ें- धनबाद भाजपा महानगर कमेटी में एक भी ब्राह्मण-भूमिहार नहीं, इंटरनेट मीडिया में मचा बवाल
यह भी पढ़ें- कोडरमा में रेल सुरक्षा को बढ़ावा: दुर्घटनाएं रोकने के लिए अंडरपास का निर्माण, 160 किमी/घंटा ट्रेन दौड़ाने की तैयारी