झारखंड के लाखों आदिवासी छात्रों की छात्रवृत्ति अटकी, केंद्र पर निर्भर पोस्ट-मैट्रिक भुगतान
झारखंड में 2.5 लाख अनुसूचित जनजाति छात्रों को छात्रवृत्ति का भुगतान नहीं हुआ है। प्री-मैट्रिक की राशि प्रक्रियाधीन है, लेकिन पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति ...और पढ़ें

झारखंड में प्री और पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति का भुगतान लंबित। (प्रतीकात्मक फोटो)
जागरण संवाददाता, धनबाद। झारखंड के 2.5 लाख अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को प्री और पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति का भुगतान नहीं हो पाया है। इससे झारखंड के आदिवासी विद्यार्थियों के शिक्षा के अधिकार की उपेक्षा है।
हालांकि इस मामले में राज्य सरकार के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्य एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने साफ किया है कि प्री मैट्रिक की राशि का भुगतान प्रक्रियाधीन है, लेकिन पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति राशि का केंद्रांश प्राप्त नहीं होने के कारण भुगतान लंबित है।
आदिवासी छात्र-छात्राओं के प्री व पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति राशि भुगतान को लेकर सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो ने विधानसभा में सवाल उठाया था। इसी सवाल के जवाब में राज्य सरकार ने अपना जवाब दिया।
जवाब में बताया गया है कि अनुसूचित जनजाति छात्रों के प्री-मैट्रिक एवं पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए पूर्व में केन्द्र से प्राप्त राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र एवं 2026-27 का मांग पत्र जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार को उपलब्ध करा दिया गया। वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के लिए केन्द्रांश की राशि अप्राप्त रहने के कारण विभाग की ओर से सचिव जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार को पत्र देकर लंबित केन्द्रांश जारी करने का अनुरोध किया गया था।
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मुख्यमंत्री झारखंड ने प्रधानमंत्री से अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग के लिए केन्द्रीय प्रायोजित योजनाओं में केन्द्रीय अंशदान जारी करने का अनुरोध किया था। इसके बाद 30 जुलाई 2026 को प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति मद में 54.78 करोड़ का केन्द्रांश उपलब्ध कराया गया है, जिसका भुगतान प्रक्रियाधीन है।
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पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति में केन्द्रांश अबतक नहीं मिल पाया है। मामले को लेकर विधायक चंद्रदेव महतो ने कहा कि केंद्र सरकार यदि समय पर राशि का भुगतान करती है तो छात्रों को तत्काल इसका भुगतान संभव हो पाएगा।