दुमका के सरकारी स्कूलों में बच्चे बोलेंगे फर्राटेदार अंग्रेजी, शुरू होगा स्पीकिंग कोर्स
उपायुक्त के निर्देश पर दुमका के सरकारी स्कूलों में अब छात्र फर्राटेदार अंग्रेजी बोल सकेंगे। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने प्रधानाध्यापकों और अंग्रेजी शिक्ष ...और पढ़ें
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प्लस टू जिला स्कूल में शनिवार का बैठक में शामिल शिक्षक

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जागरण संवाददाता, दुमका। उपायुक्त के निर्देश में जिला शिक्षा पदाधिकारी ने शनिवार को जिला स्कूल में सभी उच्च और प्लस टू उच्च विद्यालय के प्रधानाध्यापकों और अंग्रेजी शिक्षकों के साथ बैठक की। इसमें उपायुक्त के को दिए गए हर एक बिंदु पर विस्तार से चर्चा कर सभी निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
जिला स्कूल के प्राचार्य महेंद्र राजहंस ने विस्तार से परिचर्चा करते हुए सदन को अवगत कराया। प्रधानाध्यापक बसंत कुमार और काशीनाथ महतो ने स्पष्ट किया कि यह बात सही है कि स्पोकेन इंग्लिश जैसे महत्वपूर्ण बिंदु पर पूर्व में कभी भी प्रशासनिक स्तर पर गंभीर पहल नहीं की गई।
अब उपायुक्त व डीईओ ने गंभीर पहल की है तो विद्यालय स्तर पर बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर अंग्रेजी बोलने के लिए निरंतर अभ्यास कराया जाय। कुछ विद्यालय के बच्चे आज भी अंग्रेजी बोलने की क्षमता रखते हैं लेकिन असहज हैं और अंग्रेजी को काफी कठिन भाषा मानते हैं।
प्रधानाध्यापक पवन कुमार मिश्रा ने स्पोकेन इंग्लिश के लिए विद्यालय स्तर पर गंभीर प्रयास तुरंत प्रभाव से ही आरंभ किया जाएगा। तीन महीने के अंदर इसका असर दिखेगा।
जिला शिक्षा पदाधिकारी भूतनाथ रजवान ने सभी प्रधानाध्यापकों से कहा कि प्रत्येक महीने के दूसरे शनिवार को अंतिम दो घंटी आवश्यक रूप से कैरियर काउंसलिंग के लिए व्यवस्थित की जाए और इसे रूटीन में भी शामिल किया जाए। निर्देश का अनुपालन दृढ़ता से अनुपालन हो।
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उच्च विद्यालय काठीकुंड़ के शिक्षक सुद्धोजीत चटर्जी ने कहा कि हमारे यहां कैरियर काउंसलिंग सभी शिक्षकों के सहयोग से नियमित रूप से आयोजित होती है। भूतपूर्व छात्र और विद्यालय परिवेश में निवास करने वाले प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहे बच्चों और अभ्यार्थियों को निशुल्क परीक्षा की तैयारी कराई जाएगी।
इसके लिए शुरूआती चरणों में शीघ्र ही जेटेट ( झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा) की तैयारी कर रहे बच्चों को निशुल्क अध्यापन कराया जाएगा। इसके लिए विद्यालय स्तर पर इच्छुक और विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की एक कमेटी तैयार की गई है। बच्चों की भी एक सूची तैयार की जा रही है।
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने राज्य स्तर पर निर्धारित शैक्षणिक व्यवस्था के रैंकिंग के लिए 17 बिंदुओं पर जिला की राज्य रैंकिंग में अवस्थिति पर विस्तार से प्रकाश डाला। कहा कि अभी दुमका इसमें दूसरे नंबर पर है। इसे सुधार कर एक नंबर पर लाना है। सभी बिंदुओं पर सभी अनुपालन सुनिश्चित करें और किसी की भी लापरवाही स्वीकार योग्य नहीं होगी।