झारखंड में सियासी घमासान: पूर्व मंत्री ने BJP विधायक सत्येंद्र नाथ पर दर्ज कराई FIR, अभद्र टिप्पणी का आरोप
गढ़वा में पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने भाजपा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। विधायक पर सार्वजनिक रूप से उनके परिवा ...और पढ़ें
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प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद गढ़वा थाना से निकलते पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर। फोटो जागरण

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संवाद सहयोगी, गढ़वा। गढ़वा की सियासत में शनिवार को उस समय उबाल आ गया, जब पूर्व मंत्री और झामुमो के कद्दावर नेता मिथिलेश कुमार ठाकुर ने गढ़वा के विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए थाना में प्राथमिकी दर्ज करा दी।
पूर्व मंत्री ने गढ़वा थाना में दर्ज कराई प्राथमिकी में विधायक पर सार्वजनिक रूप से उनके पिता, परिवार और व्यक्तिगत चरित्र पर अभद्र व अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया है।
क्या है पूरा मामला?
शिकायत के अनुसार, मामला 22 अप्रैल की शाम की है, जब गढ़वा सदर अस्पताल के पास एक पत्रकार वार्ता के दौरान विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने कथित तौर पर मिथिलेश कुमार ठाकुर के विरुद्ध बेहद आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया।
प्राथमिकी में उल्लेख है कि विधायक ने उनके लिए डकैती सिखाने वाला, जमीन लूट का कमीशन खाने वाला और जिसका बाप-नाम का ठिकाना नहीं जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया।
डिजिटल साक्ष्यों के साथ पहुंचे थाना
मिथिलेश ठाकुर ने अपनी शिकायत में स्पष्ट किया है कि ये बयान ''झारखंड दृष्टि न्यूज'' और ''झारखंड वार्ता'' जैसे इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म्स पर प्रसारित किए गए, जिससे उनकी सामाजिक और राजनीतिक प्रतिष्ठा को अपूरणीय क्षति पहुंची है।
उन्होंने पुलिस से इन वीडियो फुटेज को जब्त कर फारेंसिक जांच कराने और संबंधित इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म्स से तकनीकी विवरण (आईपी एड्रेस आदि) मांगने की अपील की है।
पूर्व मंत्री ने कहा है कि विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने न केवल मेरी छवि धूमिल की है, बल्कि जानबूझकर अपमान और आपराधिक धमकी की मंशा से ये झूठे और मनगढ़ंत आरोप लगाए हैं। समाज में घृणा फैलाना और किसी के परिवार पर कीचड़ उछालना एक दंडनीय अपराध है।
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पुराने मामलों का भी दिया हवाला
प्राथमिकी में मिथिलेश ठाकुर ने विधायक के आपराधिक इतिहास का जिक्र करते हुए उन्हें ''आदतन अपराधी'' बताया है और कहा है कि उनके विरुद्ध सीबीआई स्पेशल -1 सह पीएमएलए कोर्ट, रांची में अलकतरा घोटाला का केस - आरसी - 14 (ए) 2009 (आर), गढ़वा थाना में पंजीकृत दंगा भड़काने आदि, क्रिमिनल मानहानि के दो केस आदि विचाराधीन हैं, जिनमें अलकतरा घोटाला केस में चार्ज फ्रेम हो चुका है और सी. 292/2022 में भी दोष सारांश सुना दिया गया है।
पुलिसिया कार्रवाई पर टिकी निगाहें
गढ़वा थाना पुलिस ने थाना कांड संख्या 283/2026 पर सुसंगत धाराओं में मामला कर लिया है। पुलिस अब उन वीडियो क्लिप्स और गवाहों के बयानों की जांच कर रही है जिनका उल्लेख प्राथमिकी में है। शहर के सियासी गलियारों में इस घटना के बाद चर्चाओं का बाजार गर्म है।