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    गोड्डा के बिक्रमपुर का सांसद भवन बना खंडहर, लाखों की सरकारी संपत्ति बर्बाद

    Updated: Sun, 12 Apr 2026 05:00 PM (IST)

    गोड्डा के महागामा प्रखंड स्थित बीक्रमपुर गांव में 43.63 लाख रुपये की लागत से बना 'सांसद भवन' खंडहर में तब्दील हो गया है। उचित रखरखाव के अभाव में यह सर ...और पढ़ें

    बिक्रमपुर गांव में निर्मित सांसद भवन। फोटो जागरण

    बिक्रमपुर गांव में निर्मित सांसद भवन। फोटो जागरण

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    संवाद सहयोगी, हनवारा (गोड्डा)। महागामा प्रखंड अंतर्गत परसा पंचायत के बिक्रमपुर गांव में लाखों रुपये की लागत से बना ‘सांसद भवन’ आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। एक दशक पूर्व तत्कालीन विधायक राजेश रंजन की पहल पर गांव को आदर्श ग्राम का दर्जा मिला था, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।

    करीब 12 सौ लोगों की आबादी वाले इस गांव में विकास की रफ्तार बेहद धीमी रही। लेकिन विडंबना यह है कि लगभग 43 लाख 63 हजार रुपये की लागत से निर्मित सांसद भवन अब खंडहर में तब्दील हो चुका है। भवन की दीवारें जर्जर हो रही हैं, दरवाजे-खिड़कियां टूट गई हैं और आसपास गंदगी का अंबार लगा है। यानी कही जाय तो सरकारी पैसों का दुरूपयोग किया गया है।

    ग्रामीणों का कहना है कि इस भवन का उपयोग शायद ही कभी जनहित के कार्यों में हुआ हो। उचित देखरेख और रखरखाव के अभाव में यह सरकारी संपत्ति धीरे-धीरे बर्बाद होती जा रही है। सबसे बड़ी समस्या यह है कि आज तक सांसद भवन तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क का निर्माण भी नहीं किया गया है, जिससे इसकी उपयोगिता और भी कम हो गई है।

    वहीं पूर्व भाजपा विधायक अशोक कुमार द्वारा उपलब्ध कराई गई एम्बुलेंस भी कबाड़ बनकर रह गई। हालांकि महागामा से कांग्रेस पार्टी से दीपिका पांडेय सिंह विधायक बनने के बाद उनके अथक प्रयासों के बदौलत बीक्रमपुर गांव को मुख्य सड़क से जोड़ दिया गया और गांव को मुख्य धारा से जोड़ने का काम किया।

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    आजादी के 75 वर्ष बाद ग्रामीणों को सड़क की सौगात देकर विधायक दीपिका पांडेय सिंह ने मिशाल कायम किया। साथ ही आने जाने के लिए पुलिया भी निर्माण किया गया है। दशकों बाद गांव के लोगों ने राहत की सांस ली है।

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