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    हजारीबाग में बिना पंजीकरण संचालित आरओ वाटर प्लांटों पर नगर निगम का शिकंजा, छापेमारी में कई संचालक पकड़े गए

    Updated: Sun, 05 Jul 2026 08:35 AM (IST)

    हजारीबाग नगर निगम ने बिना पंजीकरण संचालित आरओ वाटर प्लांटों पर बाबूगांव क्षेत्र में छापेमारी की। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर छह हजार रुपये का जुर्मा ...और पढ़ें

    बाबूगांव में कार्रवाई, छह हजार रुपये जुर्माना वसूला, लाइसेंस नहीं लेने वालों को दी चेतावनी।

    बाबूगांव में कार्रवाई, छह हजार रुपये जुर्माना वसूला, लाइसेंस नहीं लेने वालों को दी चेतावनी।

    HighLights

    1. नगर निगम ने आरओ वाटर प्लांटों पर छापेमारी की।

    2. बाबूगांव क्षेत्र में बिना पंजीकरण वाले प्लांटों पर कार्रवाई।

    संस, हजारीबाग। शहर में बिना पंजीकरण और मानकों की अनदेखी कर संचालित हो रहे आरओ वाटर प्लांटों के खिलाफ नगर निगम ने कार्रवाई तेज कर दी है।

    इसी क्रम में निगम की टीम ने शहर के बाबूगांव क्षेत्र में संचालित रिवर्स ऑस्मोसिस (आरओ) जल विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर औचक छापेमारी अभियान चलाया। जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संचालकों से कुल छह हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया।

    नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त अनिल पांडे ने बताया कि यह कार्रवाई झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 की धारा 204 एवं 209 तथा रिवर्स ऑस्मोसिस (आरओ) वाटर उपचार संयंत्र संचालन एवं अनुज्ञप्ति नियमावली, 2024 के तहत की गई।

    पूर्व में सार्वजनिक सूचना जारी कर सभी आरओ प्लांट संचालकों को अनिवार्य रूप से अनुज्ञप्ति प्राप्त करने का निर्देश दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद जांच के क्रम में कई प्रतिष्ठान बिना वैध लाइसेंस के संचालित पाए गए।

    निरीक्षण के दौरान जिन संचालकों के पास आवश्यक दस्तावेज और वैध अनुज्ञप्ति नहीं मिली, उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया गया। साथ ही सभी संचालकों को निर्धारित शुल्क और आवश्यक कागजात के साथ शीघ्र नगर निगम कार्यालय में पंजीकरण कराने का निर्देश दिया गया। साथ ही बिना वैध लाइसेंस के आरओ प्लांट का संचालन नियमों का उल्लंघन है। 

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