पोटका में ब्रेन मलेरिया पर काबू पाने के लिए केंद्रीय टीम ने शुरू किया गहन अध्ययन, जुटाए मच्छर-लार्वा के नमूने
पोटका में ब्रेन मलेरिया के बढ़ते प्रकोप के मद्देनजर केंद्रीय रिसर्च टीम प्रभावित गांवों का दौरा कर रही है। टीम मच्छरों और लार्वा के नमूने एकत्र कर बीम ...और पढ़ें
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HighLights
केंद्रीय टीम पोटका में ब्रेन मलेरिया का कर रही है अध्ययन।
मच्छरों और लार्वा के नमूने एकत्र कर रही है रिसर्च टीम।
ब्रेन मलेरिया की रोकथाम, उपचार हेतु नई रणनीति बनेगी।
संवाद सूत्र, पोटका। ब्रेन मलेरिया के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए केंद्रीय रिसर्च टीम ने पोटका के प्रभावित गांवों में व्यापक अध्ययन शुरू कर दिया है।
टीम उन क्षेत्रों का दौरा कर रही है जहां सबसे अधिक मलेरिया के मामले और बच्चों की मौतें हुई हैं। वैज्ञानिक ग्रामीणों से जानकारी जुटाने के साथ-साथ जल स्रोतों से मच्छरों के लार्वा एवं मच्छरों के नमूने एकत्र कर उनकी जांच कर रहे हैं।
रिसर्च का उद्देश्य यह पता लगाना है कि मच्छर और लार्वा कितने प्रभावी (प्रतिरोधी) हैं तथा उन्हें नष्ट करने के लिए कौन-सी दवा सबसे कारगर होगी। साथ ही संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए कौन-सी दवा कितनी मात्रा में दी जानी चाहिए, इसका भी वैज्ञानिक आकलन किया जा रहा है।

केंद्रीय टीम यह भी अध्ययन कर रही है कि मच्छरों और लार्वा को किस चरण में प्रभावी ढंग से समाप्त किया जा सकता है, ताकि संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ा जा सके।
जांच पूरी होने के बाद टीम अपनी रिपोर्ट तैयार कर स्वास्थ्य विभाग को सौंपेगी, जिसके आधार पर ब्रेन मलेरिया की रोकथाम, उपचार और मच्छर नियंत्रण के लिए नई रणनीति तैयार की जाएगी।
सीएससी प्रभारी डॉ सुकांत सीट ने कहा कि केंद्रीय रिसर्च टीम एक सप्ताह तक क्षेत्र में रहकर मच्छर लार्वा आदि की जांच कर एक बेहतर इलाज की ओर अग्रसर करेंगे जिससे ब्रेन मलेरिया पर काबू पाया जा सके।
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