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    पोटका में ब्रेन मलेरिया का कहर: 20 मेडिकल टीमें सक्रिय, 2353 लोगों की जांच में मिले 37 नए संक्रमित

    Updated: Sat, 18 Jul 2026 07:55 PM (GMT+05:30)

    पोटका प्रखंड में ब्रेन मलेरिया के बढ़ते मामलों के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है, 20 टीमों ने 2353 लोगों की जांच की और 37 संक्रमित पाए गए। अब मरीजों ...और पढ़ें

    पोटका में ब्रेन मल‍ेरिया की जांच करने पहुंची स्‍वास्‍थ्‍य विभाग की टीम।

    पोटका में ब्रेन मल‍ेरिया की जांच करने पहुंची स्‍वास्‍थ्‍य विभाग की टीम।

    HighLights

    1. पोटका में ब्रेन मलेरिया के 37 नए मामले मिले।

    2. स्वास्थ्य विभाग ने 20 विशेष चिकित्सा टीमें गठित कीं।

    3. संक्रमितों को डॉक्टरों की निगरानी में दवा खिलाई जाएगी।

    संसू, पोटका। पोटका प्रखंड में ब्रेन मलेरिया के बढ़ते मामलों पर को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है। सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल की निगरानी में 20 विशेष चिकित्सा टीमों का गठन किया गया है। 
     
    इन टीमों द्वारा शनिवार को प्रखंड के 20 अलग-अलग संवेदनशील स्थानों पर विशेष जांच शिविर आयोजित किए गए। शिविरों में कुल 2,353 लोगों की मलेरिया जांच की गई, जिसमें से 37 लोग मलेरिया से संक्रमित पाए गए हैं।
     

    अब डॉक्टरों के सामने ही खानी होगी दवा, नई व्यवस्था लागू

    जांच में पॉजिटिव पाए गए सभी 37 मरीजों को डॉक्टरों की देखरेख में तत्काल दवाइयां उपलब्ध कराई गईं। साथ ही, उन्हें इस बीमारी से बचाव के उपाय बताए गए। 
     
    स्वास्थ्य विभाग ने क्षेत्र में बीमारी की गंभीरता को देखते हुए एक बड़ा निर्णय लिया है। अगले तीन दिनों तक इन शिविरों में अस्थायी रूप से डॉक्टरों की प्रतिनियुक्ति रहेगी। 
     
    इस दौरान सभी संक्रमित मरीजों को हर दिन शिविर में बुलाकर चिकित्सकों के सामने ही दवा खिलाई जाएगी और उनकी सेहत की कड़ी निगरानी होगी।
     

    इलाज बीच में छोड़ने वाले मरीजों पर रखी जाएगी नजर

    पोटका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के प्रभारी डॉ. सुकांत सीट ने बताया कि पूर्व में कई मरीज एक-दो दिन दवा खाने के बाद ठीक महसूस होने पर इलाज बीच में ही छोड़ दे रहे थे। 
     
    इससे बीमारी के पूरी तरह ठीक होने और संक्रमण चक्र को तोड़ने में बड़ी कठिनाई आ रही थी। इसी समस्या के समाधान के लिए यह नई व्यवस्था लागू की गई है। 
     
    उन्होंने भरोसा जताया कि डॉक्टरों की सीधी निगरानी में पूरा कोर्स सुनिश्चित कराने से पोटका में ब्रेन मलेरिया पर जल्द ही पूरी तरह काबू पा लिया जाएगा।

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