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    पोटका में इलाज की लापरवाही ने ली 12 साल की बच्ची की जान; 5 वर्षीय छोटा भाई ब्रेन मलेरिया की चपेट में, MGM रेफर

    Updated: Wed, 15 Jul 2026 10:34 PM (IST)

    पोटका के नारदा गांव में समय पर इलाज न मिलने से 12 वर्षीय बच्ची अनीता सरदार की मौत हो गई। वहीं, उसका 5 वर्षीय छोटा भाई अजय सरदार ब्रेन मलेरिया की चपेट ...और पढ़ें

    पोटका में मलेरिया की जांच करने पहुंची स्‍वास्‍थ्‍य विभाग की टीम।

    पोटका में मलेरिया की जांच करने पहुंची स्‍वास्‍थ्‍य विभाग की टीम।

    HighLights

    1. 12 वर्षीय बच्ची अनीता सरदार की इलाज न मिलने से मौत।

    2. 5 वर्षीय भाई अजय सरदार ब्रेन मलेरिया से गंभीर।

    3. स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों से तुरंत जांच कराने की अपील की।

    संसू, पोटका। पोटका प्रखंड के नारदा गांव में समय पर इलाज न मिलने के कारण एक मासूम की जान चली गई। 12 वर्षीय बच्ची अनीता सरदार की मंगलवार शाम मौत हो गई। 
     
    वहीं, उसका पांच वर्षीय छोटा भाई अजय सरदार भी खतरनाक 'ब्रेन मलेरिया' की चपेट में आ गया है। उसे प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए एमजीएम (MGM) अस्पताल रेफर किया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। 
     
    घटना की सूचना मिलते ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पोटका के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुकांत सीट नारदा गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार से मिलकर मामले की पूरी जानकारी ली।
     

    डॉक्टर बोले- समय पर जांच और इलाज न कराने से गई जान 

    प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुकांत सीट ने बताया कि बच्ची के पिता कोंदा सरदार ने अनीता की तबीयत बिगड़ने पर समय पर उसका समुचित इलाज नहीं कराया, जिसके चलते उसकी मृत्यु हो गई।

    •     विशेष जांच से छूट गई थी मृतका: डॉ. सीट ने कहा कि 7, 8 और 9 जुलाई को स्वास्थ्य विभाग द्वारा पूरे गांव में विशेष मलेरिया जांच अभियान चलाया गया था। उस दौरान गांव का कोई भी व्यक्ति पॉजिटिव नहीं पाया गया था। अजय सरदार समेत परिवार के अन्य सदस्यों की भी जांच की गई थी, जो उस समय नेगेटिव थे।
    •     जांच के समय गांव से बाहर थी बच्ची: मृतका अनीता सरदार उस समय अपने ननिहाल डुमरिया गई हुई थी, जिसके कारण 9 जुलाई को उसकी मलेरिया जांच नहीं हो सकी थी।


    स्वास्थ्य विभाग की आम लोगों से अपील

    अजय सरदार के ब्रेन मलेरिया पॉजिटिव पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग बेहद सतर्क है। डॉ. सीट ने ग्रामीणों और आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा क‍ि बुखार, बदन दर्द, कंपकंपी या मलेरिया के कोई भी लक्षण दिखने पर इसे हल्के में न लें।

    उन्‍होंने कहा क‍ि तबीयत खराब होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर मुफ्त जांच करवाएं। डॉक्टर की सलाह के अनुसार पूरा इलाज (कोर्स) लें, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

     

    3,335 लोगों की हुई मलेरिया जांच, 29 नए मरीज मिले

    प्रखंड में ब्रेन मलेरिया के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग का विशेष जांच अभियान युद्धस्तर पर जारी है। बुधवार को प्रखंड के 45 अलग-अलग स्थानों पर मेडिकल कैंप लगाए गए, जहां रिकॉर्ड 3,335 लोगों की मलेरिया जांच की गई।

    इस सघन अभियान के दौरान 29 ग्रामीण मलेरिया संक्रमित पाए गए हैं। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुकांत सीट ने बताया कि सभी संक्रमितों को तुरंत गांव के स्तर पर ही दवाएं उपलब्ध कराकर उनका इलाज शुरू कर दिया गया है। 
     
    डॉक्टरों ने मरीजों को नियमित दवा लेने और सावधानी बरतने की सख्त हिदायत दी है। स्वास्थ्यकर्मियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि तेज बुखार या ठंड लगने जैसे लक्षण दिखते ही तुरंत विभाग से संपर्क करें, ताकि समय पर इलाज हो सके।

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