आफताब हत्याकांड: 'नशे के खिलाफ रैली निकालने पर हुई भाई की हत्या', पुलिस पर संरक्षण देने का आरोप
जमशेदपुर में शांति समिति के सदस्य आफताब आलम की गोली मारकर हत्या कर दी गई, परिजनों का आरोप है कि यह नशा विरोधी अभियान चलाने के कारण हुआ। ...और पढ़ें

कैरेज कालोनी मुस्लिम बस्ती में शांति समिति के सदस्य आफताब आलम की गोली मारकर हत्या कर दी।
HighLights
शांति समिति सदस्य आफताब आलम की गोली मारकर हत्या।
नशा विरोधी अभियान चलाने के कारण हुई हत्या का आरोप।
पुलिस जवान पर मुख्य आरोपी को संरक्षण देने का गंभीर आरोप।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। बर्मामाइंस थाना क्षेत्र अंतर्गत कैरेज कॉलोनी मुस्लिम बस्ती में शांति समिति के सक्रिय सदस्य आफताब आलम की गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद स्थानीय निवासियों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया है।
लोगों का गंभीर आरोप है कि क्षेत्र में ब्राउन शुगर (नशीले पदार्थों) के अवैध कारोबार से जुड़े अपराधियों ने लंबे समय से खौफ और दहशत का माहौल कायम कर रखा है।
जो भी इस अवैध धंधे के खिलाफ आवाज उठाता है, उसे जान से मारने की धमकियां दी जाती हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, एक साल पहले भी मुख्य आरोपी शाहरुख और उसके गुर्गों ने बस्ती में सरेआम अंधाधुंध फायरिंग की थी।
अवैध संपत्ति जब्त करने और बुलडोजर कार्रवाई की मांग
स्थानीय निवासी मो. दिलवर ने आरोप लगाया कि मुख्य अभियुक्त शाहरुख और उसके साथियों ने नशीले पदार्थों के काले कारोबार के बल पर पूरे इलाके में अपना आतंक फैला रखा है।
उन्होंने मांग की कि नशे के कारोबार से अर्जित उसकी काली कमाई और अवैध संपत्तियों की गहन जांच कर उन्हें जब्त किया जाए तथा कानून के अनुरूप उसके नए बन रहे मकान को ध्वस्त किया जाए।
दिलवर ने दावा किया कि शाहरुख ने उनके भाई अमजद, सगीर, पप्पू राव समेत कई स्थानीय लोगों को भी गोली मारने की धमकी दी है। पीड़ित परिजनों और आक्रोशित लोगों ने सख्त से सख्त सजा और निष्पक्ष न्याय की गुहार लगाई है।
पुलिस जवान पर मुख्य आरोपी को संरक्षण देने का आरोप
मृतक आफताब आलम की बहन ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि उनके भाई ने बस्ती में नशाखोरी के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया था और रैली निकाली थी।
इसी रंजिश के कारण अपराधियों ने उन्हें अपना निशाना बनाया। उन्होंने यह भी सनसनीखेज खुलासा किया कि तबरेज नामक एक पुलिस जवान मुख्य आरोपी शाहरुख को लगातार पुलिस संरक्षण प्रदान करता है।
उन्होंने वरीय पुलिस अधिकारियों (Senior Police Officers) से इस आरोप की निष्पक्ष व गहन जांच कराकर दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है।
कंटेनर यार्ड में ठेका या लेबर सप्लाई विवाद में हत्या की आशंका के सवाल पर बहन ने स्पष्ट किया कि उन्हें ऐसे किसी विवाद की जानकारी नहीं है; भाई की हत्या विशुद्ध रूप से नशा विरोधी अभियान चलाने के कारण ही की गई है।
नेटवर्क ध्वस्त करने और शीघ्र गिरफ्तारी की मांग
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि पुलिस-प्रशासन ने समय रहते नशे के अवैध कारोबारियों और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की होती, तो आज आफताब आलम की जान बच सकती थी।
स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे ड्रग्स नेटवर्क का पर्दाफाश कर सभी फरार आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।