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    पोटका में फैल रहा ब्रेन मलेरिया: नुक्कड़ नाटक से लोगों को जगाएगा विभाग, ANM और सहिया संभालेंगी कमान

    Updated: Mon, 29 Jun 2026 10:53 PM (IST)

    जमशेदपुर के पोटका क्षेत्र में ब्रेन मलेरिया के बढ़ते मामलों पर स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है। सिविल सर्जन ने उच्चस्तरीय बैठक कर दवाओं का स्टॉक सुनि ...और पढ़ें

    प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर।

    प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर।

    HighLights

    1. सिविल सर्जन ने मलेरिया नियंत्रण पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।

    2. नुक्कड़ नाटक के जरिए ग्रामीणों को जागरूक किया जाएगा।

    जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। पोटका क्षेत्र में तेजी से फैल रहे ब्रेन मलेरिया को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया है। सोमवार को सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने जिले के सभी चिकित्सा प्रभारियों के साथ उच्‍चस्‍तरीय समीक्षा बैठक की। 
     
    बैठक में उन्होंने सभी स्वास्थ्य केंद्रों को मलेरिया रोधी दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश दिए। सिविल सर्जन ने स्पष्ट किया कि जहां भी दवाओं की कमी है, वहां स्थानीय स्तर पर तत्काल खरीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी मरीज के इलाज में देरी न हो।
     

    10 सेक्टरों में एक्शन प्लान, घर-घर होगी जांच 

    ब्रेन मलेरिया के बढ़ते मामलों को देखते हुए पोटका क्षेत्र को 10 अलग-अलग सेक्टरों में विभाजित किया गया है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए 18 मल्टी पर्पज वर्कर (MPW) की तैनाती की गई है। 
     
    इनके साथ एएनएम (ANM), सहिया और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) की संयुक्त टीमें मैदान में उतरेंगी। ये टीमें प्रतिदिन गांवों का दौरा करेंगी और निम्नलिखित कार्य सुनिश्चित करेंगी: 
    •     संदिग्ध मरीजों की मौके पर ही मलेरिया जांच।
    •     मच्छरों के खात्मे के लिए प्रभावित इलाकों में एंटी-लार्वा दवाओं का छिड़काव। 
    •     हर शाम तक कैंपों में मिले मरीजों की रिपोर्ट मुख्यालय को सौंपना अनिवार्य।


    मंगलवार से नुक्कड़ नाटक के जरिए जागरूकता 

    डॉ. साहिर पाल ने बताया कि बीमारी पर काबू पाने के लिए जनजागरूकता बेहद जरूरी है। इसके तहत मंगलवार से पोटका के विभिन्न गांवों में नुक्कड़ नाटक आयोजित किए जाएंगे। 
     
    इसके माध्यम से ग्रामीणों को ब्रेन मलेरिया के लक्षण, बचाव के उपाय और समय पर इलाज के महत्व के बारे में जागरूक किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग का मुख्य उद्देश्य बीमारी के प्रसार की चेन को जल्द से जल्द तोड़ना है।

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