NEET-UG में फर्जीवाड़ा रोकने की कवायद: रिम्स कांड के बाद MGM के 150 छात्रों के सर्टिफिकेट जांच के दायरे में
रिम्स में फर्जी दाखिले के मामले के बाद झारखंड स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है, जिसके तहत राज्य के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 2025 बैच के छात्रों के ...और पढ़ें

महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज जमशेदपुर।
HighLights
रिम्स फर्जीवाड़े के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सत्यापन शुरू किया।
कॉलेज में पहले भी फर्जी प्रमाण पत्रों के मामले सामने आए।
अगस्त 2025 में पकड़ा गया था 'डबल कास्ट' सर्टिफिकेट का खेल
एमजीएम मेडिकल कॉलेज में फर्जी या संदिग्ध प्रमाण पत्रों के सहारे एंट्री की कोशिश का यह कोई पहला मामला नहीं है। बीते वर्ष अगस्त 2025 में भी गिरिडीह जिले की रहने वाली एक छात्रा दो अलग-अलग जाति प्रमाण पत्र लेकर एमबीबीएस में एडमिशन लेने पहुंच गई थी।
7 साल पहले फर्जी अलॉटमेंट लेटर लेकर पहुंचा था छात्र
2023 बैच का एक छात्र भी संदेह के घेरे में
एमजीएम कॉलेज: फर्जीवाड़े का पुराना ट्रैक रिकॉर्ड
- केस 1 : वर्ष 2025 बैच के सभी 150 नए मेडिकल छात्रों के दस्तावेज स्वास्थ्य विभाग द्वारा जब्त, जांच जारी।
- केस 2 : अगस्त 2025 में गिरिडीह की छात्रा ने नीट में एससी (SC) और एडमिशन में एसटी (ST) सर्टिफिकेट लगाकर दाखिले की कोशिश की, पकड़ी गई।
- केस 3 : वर्ष 2023 बैच का एक छात्र संदिग्ध डॉक्यूमेंट्स के कारण आंतरिक जांच की रडार पर।
- केस 4 : 7 वर्ष पूर्व फर्जी काउंसलिंग/अलॉटमेंट लेटर के सहारे एडमिशन लेने पहुंचे छात्र पर दर्ज हुई थी एफआईआर (FIR)।
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रांची में फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर दाखिले का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने एमजीएम से भी वर्ष 2025 बैच के सभी छात्रों के प्रमाण पत्र जांच के लिए मांगे थे। सभी दस्तावेज विभाग को भेज दिए हैं। विभागीय स्तर पर सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
डाॅ. संजय कुमार, प्राचार्य, एमजीएम कालेज।