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    टाटा स्टील की ₹1500 करोड़ की 'कांबी मिल' का मई में शुभारंभ, 0.5 मिलियन टन क्षमता वाली यूनिट का CM करेंगे लोकार्पण

    Updated: Sat, 25 Apr 2026 02:02 PM (IST)

    टाटा स्टील के 1500 करोड़ रुपये की लागत से बने कांबी मिल का उद्घाटन मई में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे। यह मिल 0.5 मिलियन टन क्षमता के साथ स्पेशल बा ...और पढ़ें

    टाटा स्टील के कांबी मिल का मई में होगा उद्घाटन, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे शिरकत।

    टाटा स्टील के कांबी मिल का मई में होगा उद्घाटन, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे शिरकत।

    HighLights

    1. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मई में कांबी मिल का उद्घाटन करेंगे।

    2. 1500 करोड़ रुपये की लागत से बनी 0.5 MTPA क्षमता की मिल।

    3. स्पेशल बार और वायर रॉड का उत्पादन होगा जमशेदपुर में।

    जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। टाटा स्टील के कांबी मिल का उद्घाटन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मई माह में करेंगे। इसके लिए मुख्यमंत्री से समय मांगा गया है, इसलिए तारीख तय नहीं हुई है। यह कहना है टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट (कारपोरेट सर्विसेज) डीबी सुंदरा रामम का।

    जेआरडी टाटा स्पोटर्स काम्प्लेक्स में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने बताया कि टाटा स्टील, इंडियन स्टील एंड वायर प्रोडक्ट लिमिटेड (आइएसडब्ल्यूपी) परिसर में कांबी मिल का उत्पादन कर रही है। इसके लिए लगभग 1,500 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है।

    0.5 मिलियन टन की उत्पादन क्षमता वाले इस मिल का वर्तमान में रैंप-अप किया जा रहा है। इसे स्पेशल बार और वायर राड के लिए तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि संभावना है कि मई माह के पहले सप्ताह में कांबी मिल का उद्घाटन करने मुख्यमंत्री शहर आएंगे लेकिन अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री कार्यालय से तय की गई तारीख पर निर्भर करती है।

    टाटा स्टील कांबी मिल (Combi Mill) - स्टील जगत की आधुनिक तकनीक

    टाटा स्टील की 'कांबी मिल' सिर्फ एक उत्पादन इकाई नहीं, बल्कि इंजीनियरिंग का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। इसे 'कांबी' (Combination) इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह एक ही छत के नीचे दो अलग-अलग तरह के उत्पादों को रोल करने की क्षमता रखती है।

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    1. क्या है कांबी मिल की खासियत?

    • दोहरा उत्पादन (Dual Production): यह मिल वायर रॉड्स (Wire Rods) और मर्चेंट बार्स (Merchant Bars/Rebars) दोनों का उत्पादन एक साथ या अलग-अलग सत्रों में कर सकती है।
    • लचीलापन (Flexibility): बाजार की मांग के अनुसार, यह मिल तेजी से अपना प्रोडक्शन मोड बदल सकती है, जिससे कंपनी को स्टॉक मैनेजमेंट में आसानी होती है।
    • उच्च गति (High Speed): आधुनिक कांबी मिल्स में वायर रॉड्स को 100 मीटर प्रति सेकंड से भी अधिक की गति से रोल किया जाता है।

    2. उत्पाद और उनका उपयोग

    कांबी मिल से निकलने वाले उत्पाद बुनियादी ढांचे के निर्माण में रीढ़ की हड्डी का काम करते हैं:

    वायर रॉड्स: इनका उपयोग ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री (नट-बोल्ट, टायर बीड्स), स्प्रिंग्स और तार बनाने में होता है।

    मर्चेंट बार्स (TMT/Rebars): इनका उपयोग ऊंची इमारतों, पुलों और बांधों के निर्माण में किया जाता है।

    3. टाटा स्टील की कांबी मिल क्यों है खास?

    • गुणवत्ता: टाटा की मिलों में 'थर्मेक्स' (Thermex) या आधुनिक 'क्वेन्चिंग' तकनीक का उपयोग होता है, जिससे सरिया बाहर से सख्त और अंदर से लचीला बनता है।
    • सुरक्षा और ऑटोमेशन: यहां अधिकांश प्रक्रियाएं ऑटोमेटेड होती हैं, जिससे मानवीय त्रुटि की संभावना कम और कार्यस्थल पर सुरक्षा अधिक रहती है।
    • सस्टेनेबिलिटी: टाटा स्टील अपनी इन मिलों में ऊर्जा की खपत कम करने और कार्बन फुटप्रिंट घटाने के लिए आधुनिक भट्टियों (Reheating Furnaces) का उपयोग कर रही है।

    4. आर्थिक महत्व

    टाटा स्टील की कांबी मिल से निकलने वाला स्टील न केवल घरेलू बाजार की मांग पूरी करता है, बल्कि यह 'मेक इन इंडिया' के तहत वैश्विक मानकों पर खरा उतरते हुए निर्यात भी किया जाता है।

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