टाटा संस के अध्यक्ष पद की दौड़ में टीवी नरेंद्रन सबसे आगे, बाम्बे हाउस में नेतृत्व परिवर्तन की आहट
एन चंद्रशेखरन के फरवरी 2027 में पद छोड़ने की घोषणा के बाद टाटा संस के अगले अध्यक्ष की तलाश तेज ...और पढ़ें

टाटा स्टील के एमडी टीवी नरेंद्रन शीर्ष दौड़ में सबसे आगे।
HighLights
चंद्रशेखरन फरवरी 2027 में टाटा संस अध्यक्ष पद छोड़ेंगे।
टीवी नरेंद्रन टाटा संस अध्यक्ष पद के प्रबल दावेदार।
पांच सदस्यीय समिति नए अध्यक्ष का चयन करेगी।
जागरण संवाददात, जमशेदपुर। देश के सबसे बड़े व्यावसायिक समूह टाटा संस के अध्यक्ष एन चंद्रशेखरन के फरवरी 2027 में पद छोड़ने की घोषणा के साथ ही बाम्बे हाउस में नए उत्तराधिकारी की खोज तेज हो गई है।
लगभग 16 लाख करोड़ रुपये से अधिक के टाटा साम्राज्य की कमान संभालने के लिए टाटा स्टील के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी टीवी नरेंद्रन का नाम सबसे प्रमुखता से उभरकर सामने आया है। चंद्रशेखरन का मौजूदा कार्यकाल 20 फरवरी 2027 को समाप्त हो रहा है और उन्होंने अगले कार्यकाल के लिए दावेदारी न करने का फैसला किया है।
टाटा स्टील को दी नई ऊंचाई, संकट मोचक की छवि
1988 में टाटा स्टील से अपने करियर की शुरुआत करने वाले 61 वर्षीय टीवी नरेंद्रन को टाटा समूह के आंतरिक कामकाज और वैश्विक कारोबार का लगभग 38 वर्षों का वृहद अनुभव है। एनआईटी तिरुचिरापल्ली और आईआईएम कोलकाता के पूर्व छात्र नरेंद्रन ने बेहद कठिन समय में टाटा स्टील का नेतृत्व संभाला।
उनके कार्यकाल में कंपनी ने 35,200 करोड़ रुपये में भूषण स्टील और 12,100 करोड़ रुपये में नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड (एनआइएनएल) जैसे बड़े अधिग्रहण सौदों को सफलतापूर्वक पूरा किया।
इसके अलावा ओडिशा के कलिंगनगर संयंत्र की क्षमता विस्तार और यूरोपीय परिचालनों के पुनर्गठन के जरिए कंपनी के भारी कर्ज को कम करने में भी उनकी अहम भूमिका रही। वैश्विक इस्पात बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद उनके नेतृत्व में टाटा स्टील की वित्तीय स्थिति मजबूत हुई है और हालिया जून तिमाही में कंपनी ने 2,318.4 करोड़ रुपये का समेकित शुद्ध लाभ अर्जित किया है।
अनुच्छेद 118 और पांच सदस्यीय चयन समिति
टाटा स्टील कारपोरेट कम्युनिकेशंस के पूर्व हेड प्रभात शर्मा ने बताया कि टाटा संस के अनुच्छेदों के नियम 118 के तहत नए अध्यक्ष के चयन के लिए पांच सदस्यीय समिति बनाई जाएगी। इस समिति में तीन सदस्य सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट द्वारा संयुक्त रूप से नामित किए जाएंगे।
एक सदस्य टाटा संस के बोर्ड का होगा और पांचवां स्वतंत्र सदस्य बोर्ड द्वारा चुना जाएगा। वर्ष 2022 में टाटा संस के नियमों में किए गए संशोधन के अनुसार, जो व्यक्ति टाटा ट्रस्ट का अध्यक्ष होगा, वह एक साथ टाटा संस का अध्यक्ष नहीं बन सकता। इस नियम के कारण टाटा ट्रस्ट्स के अध्यक्ष नोएल टाटा खुद टाटा संस के अध्यक्ष पद की रेस से बाहर हैं।
दौड़ में शामिल अन्य प्रमुख दावेदार
उन्होंने बताया कि टीवी नरेंद्रन के अलावा टाटा संस के मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) सौरभ अग्रवाल, टाटा मोटर्स के एमडी शैलेश चंद्रा और जेएलआर के सीएफओ पीबी बालाजी के नाम भी इस पद की रेस में चर्चा में हैं।
हालांकि, टाटा समूह की संस्कृति में लगभग चार दशक बिताने, बोर्ड में मजबूत साख और विनिर्माण क्षेत्र में शानदार ट्रैक रिकार्ड के चलते नरेंद्रन को इस पद के लिए सबसे स्वाभाविक और मजबूत उम्मीदवार माना जा रहा है। चयन समिति के पास नया अध्यक्ष चुनकर सुचारू परिवर्तन सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध है।
यह भी पढ़ें- घाटे से उबार कर 400 अरब डॉलर का समूह बनाने के बाद चंद्रशेखरन की विदाई, टाटा स्टील और मोटर्स को दी नई उड़ान
यह भी पढ़ें- टाटा ट्रस्ट में भारी कलह, विजय सिंह की भी हो चुकी विदाई; चंद्रशेखरन के बाद आगे क्या
यह भी पढ़ें- चंद्रशेखरन के बाद टाटा समूह का अगला बॉस कौन होगा? नोएल टाटा, सौरभ अग्रवाल या टीवी नरेंद्रन
यह भी पढ़ें- टाटा चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन: जमशेदपुर का ‘दामाद’ जो शहर को मानता है परिवार, झारखंड में 11,000 करोड़ का निवेश!
यह भी पढ़ें- नोएल टाटा से बिगड़ता रहा रिश्ता, रतन टाटा के निधन के बाद अकेले पड़े चंद्रशेखरन; नए निवेश और लिस्टिंग के मुद्दे पर रार
