लोहरदगा में आग बुझाने वाले भी बेबस, संसाधनों और कर्मियों की भारी कमी से जूझ रहा अग्निशमन विभाग
लोहरदगा का अग्निशमन विभाग गंभीर संसाधन और जनशक्ति की कमी से जूझ रहा है, जहाँ केवल छह कर्मी और दो वाहन हैं जबकि 25 कर्मियों की आवश्यकता है। ...और पढ़ें
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समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
विक्रम चौहान, लोहरदगा। जिले का अग्नि शमन विभाग गंभीर संसाधन और जनशक्ति की कमी से जूझ रहा है। आगजनी की बढ़ती घटनाओं के बीच विभाग के पास आवश्यक सुविधाओं और कर्मचारियों की भारी कमी देखने को मिल रही है।
जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में राहत कार्य प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। विभाग में वर्तमान में मात्र छह कर्मी कार्यरत हैं, जबकि सुचारू संचालन के लिए कम से कम 25 कर्मियों की आवश्यकता बताई जाती है।
नियमों के अनुसार एक अग्निशमन वाहन में छह प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती जरूरी होती है, लेकिन कर्मियों की कमी के कारण मौजूदा व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है। विभाग के पास फिलहाल केवल दो अग्निशमन वाहन उपलब्ध हैं, जिनके सहारे पूरे जिले में आगजनी की घटनाओं पर नियंत्रण की जिम्मेदारी निभाई जा रही है।
हर वर्ष औसतन 40-45 आगजनी की घटनाएं
जिले में हर वर्ष औसतन 40-45 आगजनी की घटनाएं दर्ज की जाती हैं। इस वर्ष अब तक 25 घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे विभाग की चुनौतियां और बढ़ गई हैं। गर्मी के मौसम में सूखे वातावरण और तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैलने की संभावना रहती है, जिससे स्थिति और गंभीर हो जाती है।
पानी की व्यवस्था काफी नहीं
पानी की उपलब्धता के लिए विभाग में 20 हजार लीटर और 6 हजार लीटर क्षमता वाले ओवरहेड टैंक हैं। इन्हीं टैंकों से अग्निशमन वाहनों में पानी भरा जाता है। इसमें पानी भरने के लिए चार बोरिंग की व्यवस्था है। जिनमें से एक पेयजल के लिए, दो पानी आपूर्ति के लिए उपयोग में हैं, जबकि एक बोरिंग खराब पड़ी है। इससे आपात स्थिति में पानी की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका रहती है।
राहत कार्यों की गति प्रभावित हो सकती है
यदि समय रहते विभाग में कर्मियों की संख्या और संसाधनों में वृद्धि नहीं की गई तो भविष्य में बड़ी घटनाओं पर नियंत्रण मुश्किल हो सकता है। आगजनी की घटनाओं में त्वरित कार्रवाई अत्यंत आवश्यक होती है, लेकिन वर्तमान स्थिति में राहत कार्यों की गति प्रभावित हो सकती है। अग्नि शमन विभाग को पर्याप्त जनशक्ति, आधुनिक उपकरण और अतिरिक्त वाहन उपलब्ध कराने की आवश्यकता है।
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विभागीय आवश्यकताओं को लेकर समय-समय पर उच्चाधिकारियों को पत्राचार किया जाता है। उपलब्ध संसाधनों के साथ विभाग के कर्मचारी पूरी निष्ठा से अपने कर्तव्यों का पालन कर रहे हैं।
रामाधार मुंडा, फायर स्टेशन अधिकारी, लोहरदगा