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    लोहरदगा में में 10 करोड़ की ग्रामीण जलापूर्ति योजना ठप, साफ पानी को तरस रहे 1600 परिवार

    Updated: Sat, 02 May 2026 03:28 PM (IST)

    लोहरदगा के कैरो प्रखंड में 10 करोड़ रुपये की ग्रामीण पेयजलापूर्ति योजना चार साल से बंद पड़ी है, जिससे लगभग 1600 परिवार स्वच्छ पानी से वंचित हैं। ...और पढ़ें

    दस करोड़ की जलापूर्ति योजना चढ़ी लापरवाही की भेंट। फोटो जागरण

    दस करोड़ की जलापूर्ति योजना चढ़ी लापरवाही की भेंट। फोटो जागरण

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    शंभू प्रसाद सोनी, कैरो (लोहरदगा)। जिले के कैरो प्रखंड की करीब दस करोड़ की लागत से बनी सबसे बड़ी ग्रामीण पेयजलापूर्ति योजना विगत चार वर्षों से बंद पड़ी है। लापरवाही का आलम यह है कि योजना के ठप होने के बाद संयंत्र से मशीनों और उपकरणों की भी चोरी हो गई।

    योजना से पहले डेढ़ हजार परिवारों को स्वच्छ पानी की आपूर्ति होती थी, लेकिन ग्राम जल स्वच्छता समिति योजना का संचालन नहीं कर पाई और धीरे-धीरे जलापूर्ति बंद हो गया। जिसके कारण लोगों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

    पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल द्वारा लगभग दस करोड़ की लागत से ग्रामीण जलापूर्ति योजना का क्रियान्वयन किया गया था। जिसके बाद क्रियान्वयन एजेंसी द्वारा तीन वर्ष तक सुचारु रूप से पेयजलापूर्ति की गई। जिसके बाद पेयजलापूर्ति की जिम्मेवारी ग्राम जल स्वच्छता समिति को दी गई। लेकिन महज दो माह तक ग्राम जल स्वच्छता समिति द्वारा पेयजलापूर्ति किया गया। जिसके बाद से आज तक पेयजलापूर्ति नहीं की गई है।

    योजना से कैरो व कुडू के लगभग 1600 परिवार लाभांवित थे। जिन्हें प्रतिदिन एक घंटे पानी मिलता था। लेकिन प्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण जलापूर्ति योजना ठप हो गया। जिसके बाद संयंत्र कक्ष से दो मोटर सहित अन्य सामग्रियों की चोरी कर ली गई। ग्रामीण पेयजलापूर्ति योजना से कैरो, उतका, नायाटोली, विराजपुर, जामुनटोली व कुडू प्रखंड के बारीडीह, सुकुरहुटू, सिंजो, उमरी आदि गांवों के 1600 परिवार को पेयजलापूर्ति किया जाता था।

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    कैरो व कुडू प्रखंड के नौ गांवों में लोगों को पेयजल के लिए परेशानी हो रही है। वहीं उक्त नौ गांवों में पेयजल संबंधित किसी भी योजना का क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है। ग्राम जल स्वच्छता समिति पेयजलापूर्ति करने में पूरी तरह विफल है।

    जलापूर्ति नहीं होने से लोगों को पीने का पानी के लिए भटकना पड़ता है। क्षेत्र के ग्रामीणों द्वारा पेयजलापूर्ति प्रारंभ कराने के लिए कई बार गुहार लगाई गई है। बावजूद इसपर किसी प्रकार की कोई पहल नहीं की गई है।

    क्या कहते हैं क्षेत्र के ग्रामीण

    कैरो प्रखंड मुख्यालय में निर्मित सबसे बड़ी पेयजलापूर्ति योजना विगत दो वर्षों से ठप है। ग्रामीण राजू उरांव का कहना है कि योजना चालू रहने से लोगों को स्वच्छ जल मिल पाता। लेकिन प्रतिनिधियों की लापरवाही के कारण जलापूर्ति योजना बहुत दिनों से बंद है।

    इसे शीघ्र चालू कर लोगों को जलापूर्ति बहाल करने की जरूरत है। वहीं ग्राम प्रधान पंचम उरांव का कहना है कि लापरवाही के कारण पेयजलापूर्ति योजना ठप हो गया है। प्रतिनिधियों को इसमें पहल करते हुए सुचारू रूप से जलापूर्ति करनी चाहिए।

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    कई तकनीकी खराबी के कारण जलापूर्ति बंद है। संयंत्र से सामग्रियों की चोरी हुई थी। जिसके कारण जलापूर्ति बंद है। इसे शुरू कराने के लिए विभाग प्रयासरत है। राशि की मांग की गई है जिसके बाद निविदा के माध्यम से योजना में तकनीकी खराबी को दुर करते हुए जलापूर्ति प्रारंभ कराया जाएगा।


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    अनूप कुमार हांसदा, ईई, पीएचईडी लोहरदगा।