5 सालों से घर बैठे लेता रहा वेतन, झारखंड की लिट्टीपाड़ा स्कूल का टीचर 'अब्दुल हन्नान' बर्खास्त
पाकुड़ जिले में शिक्षा विभाग ने कड़ा कदम उठाते हुए बालक मध्य विद्यालय, लिट्टीपाड़ा के शिक्षक मो. अब्दुल हन्नान को सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया है। ...और पढ़ें

5 साल से स्कूल नहीं आने वाला टीचर बर्खास्त। फोटो जागरण

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संवाद सहयोगी, पाकुड़। पाकुड़ जिले की शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन और जवाबदेही को लेकर प्रशासन ने अब तक का सबसे सख्त और निर्णायक कदम उठाते हुए पूरे विभाग में हड़कंप मचा दिया है।
लंबे समय से निलंबित चल रहे बालक मध्य विद्यालय, लिट्टीपाड़ा (लिट्टीपाड़ा पश्चिमी) के शिक्षक मो. अब्दुल हन्नान को गंभीर आरोपों के आधार पर सरकारी सेवा से तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है।
इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में अफरातफरी और तेज हलचल की स्थिति है। यह कार्रवाई जिला शिक्षा स्थापना समिति की सर्वसम्मत अनुशंसा के आधार पर की गई, जिसमें शिक्षक के विरुद्ध लगे सभी आरोपों को गंभीर, प्रमाणित और नियमों के स्पष्ट उल्लंघन के रूप में स्वीकार किया गया।
जिला शिक्षा अधीक्षक ने बताया कि मो. अब्दुल हन्नान पिछले पांच वर्षों से अधिक समय से बिना किसी वैध अनुमति के लगातार अनुपस्थित चल रहे थे। इस लंबे अंतराल ने बालक मध्य विद्यालय, लिट्टीपाड़ा की शैक्षणिक व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावित कर दिया और बच्चों की पढ़ाई गंभीर संकट में पहुंच गई।
बार-बार चेतावनी और विभागीय निर्देशों के बावजूद न तो उनकी उपस्थिति दर्ज की गई और न ही सेवा में वापसी का कोई प्रयास किया गया। परिणामस्वरूप विद्यालय में प्रशासनिक और शैक्षणिक शून्यता जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई।
गंभीर वित्तीय अनियमितता के आरोप
शिक्षक पर विद्यालय को उपलब्ध कराई गई सरकारी राशि के कथित दुरुपयोग, वित्तीय अनियमितताओं, मनमानी कार्यशैली तथा विभागीय आदेशों की लगातार अवहेलना जैसे गंभीर आरोप भी दर्ज थे।
इन आरोपों ने न केवल शिक्षा व्यवस्था को झकझोर दिया, बल्कि सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
डीएसई ने बताया कि यह पूरी कार्रवाई झारखंड सेवा संहिता के नियम 76 तथा झारखंड सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2016 के भाग-पांच की कंडिका 14 (ix) के तहत पूर्णतः विधिसम्मत प्रक्रिया के अनुसार की गई।
मामले में अंतिम/द्वितीय कारण पृच्छा पत्रांक 1369 (दिनांक 27.12.2025) के तहत जारी किया गया था। शिक्षक द्वारा 10.01.2026 को प्रस्तुत जवाब को रिकॉर्ड पर लेते हुए विस्तृत परीक्षण के बाद सक्षम समिति के समक्ष रखा गया।
जवाब असंतोषजनक, बर्खास्तगी पर मुहर
24 मार्च 2026 को आयोजित जिला शिक्षा स्थापना समिति की बैठक में पूरे मामले की गहन समीक्षा की गई। सभी दस्तावेजों, अभिलेखों और तथ्यों के परीक्षण के बाद समिति ने स्पष्ट रूप से पाया कि आरोप गंभीर हैं और दिया गया जवाब संतोषजनक नहीं है।
इसके बाद सर्वसम्मति से बालक मध्य विद्यालय, लिट्टीपाड़ा (लिट्टीपाड़ा पश्चिमी) के शिक्षक मो. अब्दुल हन्नान को सेवा से बर्खास्त करने का कठोर और निर्णायक निर्णय लिया गया।
समिति के निर्णय के अनुपालन में 30 मार्च 2026 को जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय, पाकुड़ द्वारा औपचारिक बर्खास्तगी आदेश जारी कर दिया गया। आदेश के साथ ही उनकी सरकारी सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई।
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