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    झारखंड जेटेट नियमावली में भाषा विवाद: भाजपा ने सरकार पर लगाया भेदभाव का आरोप, आंदोलन की दी चेतावनी

    Updated: Sat, 02 May 2026 01:27 PM (IST)

    झारखंड कैबिनेट द्वारा जेटेट 2026 नियमावली को मंजूरी मिलने के बाद भाषा चयन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है, जिसमें पलामू-गढ़वा के लिए भोजपुरी, मगही और अंग ...और पढ़ें

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    जागरण संवाददाता, मेदिनीनगर (पलामू)। झारखंड कैबिनेट द्वारा झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट ) 2026 की नियमावली को मंजूरी दिए जाने के बाद भाषा चयन को लेकर सियासत तेज हो गई है।

    नई नियमावली में पलामू और गढ़वा जिलों के लिए स्थानीय भाषा के रूप में नागपुरी और कुडुख (उरांव) को शामिल किया गया है, जबकि भोजपुरी, मगही और अंगिका को बाहर रखा गया है। इस फैसले पर भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई है।

    पूर्व मंत्री व भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही ने शुक्रवार को पलामू में मीडिया से बातचीत करते हुए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह निर्णय पलामू-गढ़वा के लोगों का अपमान है और उनकी भाषा व पहचान के साथ अन्याय किया जा रहा है।

    उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय लोगों को “बाहरी” साबित करने की साजिश की जा रही है। भानु प्रताप शाही ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पलामू-गढ़वा के लोगों के पास खतियान है, फिर भी उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है।

    उन्होंने कैबिनेट बैठक के दौरान कुछ मंत्रियों के बीमार पड़ने पर भी तंज कसते हुए कहा कि यह संयोग है या सुविधा, यह भी सवाल का विषय है।उन्होंने पलामू प्रमंडल के सत्ताधारी दल के जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि वे इस फैसले के खिलाफ नहीं बोलते हैं तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।

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    भाजपा नेता ने चुनौती दी कि यदि सरकार का निर्णय सही है, तो सत्ताधारी दल के मंत्री और विधायक अपने बच्चों को नागपुरी और कुडुख भाषा में जेटेट परीक्षा दिलाकर दिखाएं। भानु प्रताप शाही ने कहा कि भाजपा इस मुद्दे पर चरणबद्ध आंदोलन करेगी। पहले जनप्रतिनिधियों के आवास का घेराव किया जाएगा, इसके बाद आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

    उन्होंने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ी तो कोयला ढुलाई भी रोकी जाएगी। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि भाजपा सरकार के समय 13-11 नीति के विरोध में आंदोलन के बाद बाउरी कमेटी गठित हुई थी और फैसला वापस लेना पड़ा था। इस बार भी पार्टी जनता के साथ मिलकर विरोध करेगी।

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