Jharkhand: तिलक समारोह के जश्न में फायरिंग, पंडित समेत 2 को लगी गोली; पूर्व मुखिया गिरफ्तार
पलामू के हरिहरगंज में तिलक समारोह के दौरान हर्ष फायरिंग में एक पंडित समेत दो लोग घायल हो गए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पूर्व मुखिया सरोज ...और पढ़ें

फायरिंग की सांकेतिक तस्वीर

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संवाद सूत्र, हरिहरगंज (पलामू)। तिलक समारोह की खुशियां उस वक्त खौफनाक मंजर में बदल गईं, जब जश्न के बीच चली गोली ने दो लोगों को लहूलुहान कर दिया। हरिहरगंज थाना क्षेत्र के भगत तेंदुआ गांव में शुक्रवार रात करीब 10:30 बजे राहुल बैठा के घर आयोजित तिलक समारोह में हर्ष फायरिंग के दौरान यह सनसनीखेज घटना हुई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, समारोह में तिलक का कार्यक्रम चल रहा था और माहौल पूरी तरह जश्न में डूबा था। इसी दौरान शहरी क्षेत्र के पिपरघाट निवासी पूर्व मुखिया सरोज प्रसाद कुशवाहा ने लाइसेंसी राइफल से फायरिंग कर दी।
पहली ही गोली बेकाबू होकर भीड़ में जा घुसी। गोली एक व्यक्ति की पीठ को चीरते हुए निकल गई, जबकि पूजा करा रहे 60 वर्षीय पंडित अरविंद कुमार मिश्रा के जांघ में आर-पार हो गई।
घायलों का अस्पताल में चल रहा है इलाज
गोली चलने के साथ ही समारोह स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। लोग इधर-उधर भागने लगे और खुशियों का माहौल चीख-पुकार में बदल गया। घायल अरविंद मिश्रा (कटैया निवासी) और जगेश्वर बैठा (सिल्दा खुर्द निवासी) को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया गया।
वहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को बेहतर इलाज के लिए औरंगाबाद रेफर कर दिया गया। फिलहाल अरविंद मिश्रा का इलाज गया के एक अस्पताल में चल रहा है।
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद जांच में जुटी पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही हरिहरगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पूर्व मुखिया सरोज कुशवाहा को गिरफ्तार कर लिया। थाना प्रभारी सह पुलिस निरीक्षक देवव्रत पोद्दार ने बताया कि आरोपी के पास से लाइसेंसी राइफल और पिस्टल जब्त की गई है।
मौके से एक खोखा और राइफल में लोड जिंदा कारतूस भी बरामद हुआ है। आरोपी का दावा है कि फायरिंग गलती से पिस्टल से हुई, जबकि पुलिस जांच में राइफल से गोली चलने की पुष्टि हुई है। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और अन्य संलिप्त लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
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साथ ही आरोपी के हथियारों के लाइसेंस रद्द करने की अनुशंसा की जाएगी। यह घटना एक बार फिर हर्ष फायरिंग जैसी खतरनाक प्रवृत्ति पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।
जश्न के नाम पर कानून की धज्जियां उड़ाने की यह लापरवाही कभी भी बड़े हादसे में बदल सकती है। प्रशासन की सख्ती के बावजूद ऐसी घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।