रामगढ़ में हाथियों का आतंक! लौकी-मकई की फसलें कर रहें बर्बाद, रातभर जागने को मजबूर हुए ग्रामीण
रामगढ़ के सुतरी और कोराम्बे गांवों में जंगली हाथियों का उत्पात जारी है, जिससे किसानों की फसलें और संपत्ति नष्ट हो रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि भार ...और पढ़ें

सुतरी और कोराम्बे में हाथियों ने फसलें व बाउंड्री वॉल तोड़ी।
HighLights
सुतरी और कोराम्बे में हाथियों ने फसलें व बाउंड्री वॉल तोड़ी।
भारतमाला परियोजना से हाथियों का पारंपरिक कॉरिडोर बाधित हुआ।
संवाद सूत्र, गोला (रामगढ़)। प्रखंड क्षेत्र के सुतरी गांव में जंगली हाथियों का उत्पात लगातार जारी है। रविवार की रात हाथियों के झुंड ने गांव निवासी सफीक अनवर की बाउंड्री वॉल को क्षतिग्रस्त कर दिया और आसपास की फसलों को रौंद दिया। कोराम्बे निवासी गणेश महतो के खेत में लगी लौकी और मकई की फसल भी हाथियों ने नष्ट कर दी।
लगातार हो रहे नुकसान से किसानों की चिंता बढ़ गई है और ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों का झुंड लगभग हर रात गांवों में प्रवेश कर उत्पात मचा रहा है, जिससे सुतरी सहित आसपास के कई गांवों का सामान्य जनजीवन प्रभावित हो गया है। लोग पूरी रात जागकर घरों और खेतों की रखवाली करने को विवश हैं।
खेतों में लगी सब्जियां, मकई और अन्य फसलें लगातार हाथियों का निशाना बन रही हैं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का मानना है कि भारतमाला परियोजना के निर्माण कार्य के बाद हाथियों का पारंपरिक कॉरिडोर बाधित हो गया है।
पहले हाथियों का झुंड सोसो, मगनपुर और चोपादारू क्षेत्र से होकर आसानी से एक जंगल से दूसरे जंगल में चला जाता था, लेकिन अब रास्ता अवरुद्ध होने के कारण वे आबादी वाले क्षेत्रों की ओर भटक रहे हैं।
ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों के सुरक्षित आवागमन के लिए स्थायी व्यवस्था करने, कॉरिडोर की समस्या का समाधान निकालने और फसल क्षति का शीघ्र मुआवजा देने की मांग की है। वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और हाथियों की सूचना तुरंत विभाग को देने की अपील की है।