4 साल पहले मिला 12वीं का दर्जा, शिक्षक एक भी नहीं; रामगढ़ के स्कूल में भगवान भरोसे 122 छात्रों का भविष्य
गोला प्रखंड के उत्क्रमित प्लस टू उच्च विद्यालय, चक्रवाली में चार साल बाद भी इंटर के लिए शिक्षक नहीं हैं, जिससे 122 छात्रों की पढ़ाई भगवान भरोसे चल रही ...और पढ़ें
-1784287790140_m.webp)
HighLights
चक्रवाली प्लस टू स्कूल में चार साल से शिक्षक नहीं।
122 इंटर छात्रों की पढ़ाई भगवान भरोसे चल रही।
विद्यालय में कमरों व बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव।
अंजनी कुमार, गोला (रामगढ़)। गाेला प्रखंड के उत्क्रमित प्लस टू उच्च विद्यालय, चक्रवाली में इंटर की पढ़ाई व्यवस्था गंभीर संकट से जूझ रही है। यहां वर्ष 2022 में विद्यालय को मैट्रिक से अपग्रेड कर प्लस टू का दर्जा तो दे दिया गया, लेकिन चार साल बाद भी प्लस टू के लिए एक भी विषय शिक्षक की नियुक्ति नहीं हो सकी है।
ऐसे में इंटर के छात्रों की पढ़ाई भगवान भरोसे चल रही है। विद्यालय में विज्ञान, कला और वाणिज्य तीनों संकायों की मान्यता प्राप्त है। नए शैक्षणिक सत्र में इंटर प्रथम वर्ष में 122 विद्यार्थियों ने नामांकन कराया है। बावजूद इसके प्लस टू स्तर की पढ़ाई के लिए कोई नियमित शिक्षक उपलब्ध नहीं है। इससे विद्यार्थियों के भविष्य पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
विद्यालय में वर्तमान में 10 सरकारी शिक्षक और तीन पारा शिक्षक कार्यरत हैं, जो मुख्य रूप से मैट्रिक तक की कक्षाओं का संचालन करते हैं। इंटर के विद्यार्थियों के लिए अलग से कक्षाओं की व्यवस्था भी नहीं है। कई बार उन्हें कक्षा खाली होने का इंतजार करना पड़ता है और वर्ग कक्ष के बाहर बैठकर समय बिताना पड़ता है। इससे पढ़ाई नियमित रूप से प्रभावित हो रही है।
विद्यालय में अभी केवल 10 कमरों में सभी कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। दूसरी ओर, 11 कमरों वाले नए विद्यालय भवन के निर्माण कार्य का शिलान्यास 7 अगस्त 2024 को तत्कालीन विधायक सुनीता चौधरी ने किया था। भवन पूरा नहीं होने से स्थान की समस्या लगातार बनी हुई है।
खबरें और भी
बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है। विद्यालय का अपना किचन शेड नहीं है। मध्यान्ह भोजन पुराने भवन में तैयार किया जाता है।जिससे संचालन में कठिनाई होती है। प्रार्थना सभा के लिए भी विद्यालय परिसर में पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं है।
इस संबंध में स्कूल के प्रधानाध्यापक शशिभूषण प्रसाद ने बताया कि विद्यालय को प्लस टू का दर्जा मिलने के बाद भी न तो विषय शिक्षकों की नियुक्ति हुई है और न ही पर्याप्त आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय में प्रार्थना तक कराने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं है।
नए भवन का निर्माण जल्द पूरा होने और प्लस टू के लिए शिक्षकों की नियुक्ति होने से ही विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी। स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने भी शिक्षा विभाग से शीघ्र आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
प्लस टू स्कूल बनने के बावजूद एक भी विषय शिक्षक नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है। शिक्षा विभाग से जल्द शिक्षकों की नियुक्ति, अधूरे भवन का निर्माण पूरा कराने और विद्यालय में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग करता हूं।
नुरुल्लाह अंसारी, मुखिया मगनपुर पंचायत
सरकार ने विद्यालय को प्लस टू का दर्जा तो दे दिया, लेकिन व्यवस्था आज भी पुराने हाई स्कूल जैसी ही है। बिना विषय शिक्षकों के इंटर की पढ़ाई संभव नहीं है। ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों के भविष्य को देखते हुए सरकार को अविलंब शिक्षकों की नियुक्ति और अधूरे भवन का निर्माण पूरा कराना चाहिए।
अर्जुन प्रसाद ग्रामीण
वर्षों से अधूरा पड़ा भवन हर हाल में एक माह के भीतर पूरा करने के लिए संवेदक को कहा है । साथ ही प्लस टू के लिए विषय शिक्षकों की नियुक्ति की मांग भी संबंधित विभाग के समक्ष किया जाएगा।
अमित महतो, समाजसेवी