रांची में थे साहिबगंज-पलामू के कमांडेंट, मुख्यालय छोड़ने वाले 5 अफसरों पर कार्रवाई; DGP करा रहीं लोकेशन ट्रैक
डीजीपी तदाशा मिश्रा ने झारखंड सशस्त्र पुलिस (जैप) और एसआइआरबी के पांच कमांडेंट से बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर स्पष्टीकरण मांगा है। डीआइजी जैप के औच ...और पढ़ें

डीजीपी ने बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने वाले पांच जैप कमांडेंट से मांगा स्पष्टीकरण।
HighLights
डीजीपी ने पांच जैप कमांडेंट से स्पष्टीकरण मांगा।
अधिकारी बिना अनुमति मुख्यालय से बाहर पाए गए।
डीआइजी जैप ने औचक निरीक्षण में लोकेशन मांगी।
राज्य ब्यूरो, रांची। बिना आदेश के मुख्यालय छोड़ने वाले झारखंड सशस्त्र पुलिस (जैप) व स्पेशलाइज्ड इंडिया रिजर्व बटालियन (एसआइआरबी) खूंटी के पांच कमांडेंट से डीजीपी तदाशा मिश्रा ने स्पष्टीकरण मांगा है।
इन अधिकारियों में जैप-8 पलामू की कमांडेंट कुसुम पुनिया, एसआइआरबी-2 खूंटी की कमांडेंट एमेल्डा एक्का, जैप-9 साहिबगंज की कमांडेंट रिष्मा रमेशन, जैप-5 देवघर के कमांडेंट अंजनी अंजन व जैप-4 बोकारो के कमांडेंट ऋषभ कुमार झा शामिल हैं।
डीजीपी ने यह स्पष्टीकरण डीआइजी जैप के पत्र के आलोक में किया है। डीआइजी जैप कार्तिक एस. ने एक दिन पहले औचक निरीक्षण के क्रम में सभी कमांडेंट से उनका लोकेशन शेयर करने को कहा।
सबने अपना-अपना लोकेशन शेयर किया तो इन पांच कमांडेंट का लोकेशन उनके मुख्यालय से बाहर मिला। कोई रांची में था तो कोई कहीं और किसी काम पर। इसके बाद डीआइजी ने इसकी शिकायत डीजीपी तदाशा मिश्रा से की।
बिना वरीय पदाधिकारी की अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे
जिसके बाद डीजीपी ने उस पत्र के आलोक में सभी अधिकारियों से स्पष्टीकरण पूछा है। स्पष्टीकरण में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियम सम्मत कार्रवाई होगी।गौरतलब है कि 17 अप्रैल को डीजीपी ने एक पत्र जारी कर सभी वरिष्ठ अधिकारियों को यह आदेश दिया था कि वे बिना वरीय पदाधिकारी की अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे।
उन्होंने यह भी लिखा था कि अक्सर ऐसा देखा जाता है कि विधि व्यवस्था संबंधित परेशानी होने पर जब उक्त अधिकारी की आवश्यकता होती है तो वह मुख्यालय में अनुपस्थित होता है।
इससे विधि व्यवस्था बनाए रखने में दिक्कत होती है। इन्हीं सभी समस्याओं को देखते हुए डीजीपी ने अधिकारियों से कहा था कि वे जब भी मुख्यालय छोड़ेंगे तो इसकी अनुमति अपने वरीय पदाधिकारियों से लेंगे। वरीय पदाधिकारियों के लोकेशन की निगरानी भी होती रहेगी।
डीजीपी के इसी आदेश के आलोक में डीआइजी जैप ने सभी कमांडेंट का लोकेशन मांगा था, जिसमें पांच का लोकेशन मुख्यालय से बाहर मिला था। सभी अधिकारियों को अलर्ट कर दिया गया है।
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