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    झारखंड में दो नए एयरपोर्ट की तैयारी: धालभूमगढ़ हवाईअड्डा का 540 एकड़ में होगा विकास, साहिबगंज में भी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनेगा

    Updated: Wed, 22 Apr 2026 06:04 PM (IST)

    झारखंड में धालभूमगढ़ एयरपोर्ट परियोजना को नई गति मिली है, जिसमें 540 एकड़ क्षेत्र में विकास का प्रस्ताव एएआई को भेजा जाएगा। राज्य सरकार और एएआई के समन ...और पढ़ें

    धालभूमगढ़ और साहिबगंज में एयरपोर्ट परियोजना में तेजी।

    धालभूमगढ़ और साहिबगंज में एयरपोर्ट परियोजना में तेजी।

    HighLights

    1. धालभूमगढ़ एयरपोर्ट 540 एकड़ में विकसित होगा।

    2. साहेबगंज में नया ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनेगा।

    3. झारखंड की हवाई कनेक्टिविटी में सुधार होगा।

    अमित सिंह, रांची। पूर्वी सिंहभूम जिले के धालभूमगढ़ में प्रस्तावित एयरपोर्ट परियोजना अब तेजी से आगे बढ़ती दिख रही है। राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन की सक्रियता से लंबे समय से लंबित इस योजना को नई गति मिली है।

    ताजा निर्णय के अनुसार, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) को अब 540 एकड़ क्षेत्र में एयरपोर्ट विकसित करने का प्रस्ताव भेजा जाएगा, ताकि भविष्य की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक बुनियादी ढांचा तैयार किया जा सके।

    यदि सभी प्रक्रियाएं तय समय में पूरी होती हैं, तो यह एयरपोर्ट झारखंड की हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने के साथ क्षेत्रीय विकास को भी नई दिशा देगा।

    गत सप्ताह एएआई के चेयरमैन, एयरपोर्ट अधिकारियों और राज्य के मुख्य सचिव स्तर के अधिकारियों के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक में इस परियोजना को लेकर महत्वपूर्ण सहमति बनी।

    पहले चरण में ही बड़े क्षेत्र में विकास करने का निर्णय लिया गया है। जहां पहले 240 एकड़ भूमि पर काम शुरू करने की योजना थी, वहीं अब इसे बढ़ाकर 540 एकड़ कर दिया गया है।

    इसी क्रम में रांची एटीसी के अधिकारियों ने गत माह धालभूमगढ़ स्थित प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण भी किया।

    रिपोर्ट में बताया गया है कि यह स्थान तकनीकी दृष्टि से उपयुक्त है और यहां विमान संचालन में कोई बड़ी बाधा नहीं है। एएआई की टीम ने भी इसे क्षेत्र का व्यवहारिक विकल्प माना है।

    ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट नीति की बाधा हुई दूर

    ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट नीति-2008 के तहत दो हवाई अड्डों के बीच न्यूनतम 150 किलोमीटर की दूरी अनिवार्य है। तकनीकी आंकड़ों के अनुसार, बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से धालभूमगढ़ की दूरी लगभग 130-135 किलोमीटर है।

    जिसके कारण यह परियोजना लंबे समय से अटकी हुई थी। अब राज्य सरकार ने रणनीति में बदलाव करते हुए साहेबगंज में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट विकसित करने की दिशा में पहल तेज कर दी है।

    रांची से साहेबगंज की दूरी निर्धारित मानक के अनुरूप है, जिससे इस नीति से जुड़ी बाधा दूर हो गई है। अब इस परियोजना में तेजी आएगी।

    वन विभाग को संशोधित प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश

    परियोजना को गति देने के लिए राज्य सरकार ने एएआई को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है और कई गांवों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त हो चुके हैं।

    वन विभाग द्वारा करीब 70 हजार पेड़ों का सीमांकन कर केंद्र को रिपोर्ट भेजी गई है, जिससे पर्यावरणीय स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ी है।

    नई योजना के अनुसार, वन विभाग को सीमांकन में आवश्यक संशोधन कर अद्यतन प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया गया है। धालभूमगढ़ का बड़ा हिस्सा एलीफेंट कारिडोर में आता है, जहां हाथियों का प्राकृतिक आवागमन होता है।

    इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने नए सिरे से एलीफेंट कारिडोर का फिर से सर्वे कराने का भी निर्णय लिया है।

    यात्रियों को समय और लागत में मिलेगी राहत

    धालभूमगढ़ एयरपोर्ट के विकसित होने से रांची और जमशेदपुर के बीच हवाई संपर्क को बड़ा लाभ मिलेगा। विशेष रूप से कोल्हान क्षेत्र के लोगों को अब हवाई यात्रा के लिए रांची या कोलकाता पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

    इससे यात्रियों के समय और खर्च दोनों में कमी आएगी। इसके साथ ही यह एयरपोर्ट झारखंड के औद्योगिक विकास को भी गति देगा।

    जमशेदपुर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों के लिए यह एक महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक हब के रूप में विकसित हो सकता है, जिससे व्यापार, निवेश और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

    आधारशिला के बाद ठप थी प्रगति, अब मिली नई दिशा

    एएआई की योजना के अनुसार, यहां अत्याधुनिक एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी), टर्मिनल भवन, फायर स्टेशन और उन्नत संचार सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

    भविष्य में रनवे का विस्तार कर बड़े विमानों के संचालन की भी व्यवस्था की जाएगी। वर्ष 2019 में इस परियोजना की आधारशिला रखी गई थी।लेकिन विभिन्न कारणों से कार्य आगे नहीं बढ़ पाया। अब राज्य सरकार और एएआई के बीच बेहतर समन्वय से परियोजना को नई दिशा मिली है।

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    साहेबगंज में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की तैयारी

    राज्य में हवाई नेटवर्क के विस्तार के तहत साहेबगंज जिले में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट विकसित करने की योजना पर भी काम चल रहा है। गंगा तट और उभरते मल्टीमॉडल पोर्ट के कारण साहेबगंज का रणनीतिक महत्व बढ़ गया है।

    यहां एयरपोर्ट बनने से संथाल परगना क्षेत्र को सीधा हवाई संपर्क मिलेगा, जिससे पर्यटन, व्यापार और परिवहन क्षेत्र में तेजी आएगी।

    उड़ान योजना के तहत कई एयरपोर्ट चिन्हित

    केंद्र सरकार की उड़ान योजना को 10 वर्षों के लिए विस्तार दिया गया है। इसके तहत वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक 28,840 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

    देशभर में 100 नए एयरपोर्ट विकसित करने की योजना है, जिसमें झारखंड के कई शहर शामिल हैं। इस योजना के तहत बोकारो, दुमका, जमशेदपुर, पलामू (चियांकी), हजारीबाग और साहेबगंज में भी एयरपोर्ट विकसित कर हवाई कनेक्टिविटी मजबूत की जाएगी।

    धालभूमगढ़ एयरपोर्ट स्थल के निरीक्षण के लिए टीम गई थी। इसे बड़े पैमाने पर विकसित करने की योजना है। राज्य सरकार से भी पूरा सहयोग मिल रहा है। एएआई को विस्तृत कार्य योजना से अवगत करा दिया गया है।

    -ए.के. सिंह, डीजीएम, रांची एयरपोर्ट

    भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और राज्य सरकार के बीच उच्चस्तरीय बैठक में धालभूमगढ़ सहित कई एयरपोर्ट के विकास पर सहमति बनी है। भविष्य को ध्यान में रखते हुए इसे वृहद स्तर पर विकसित करने का प्रस्ताव दिया गया है।

    -कैप्टन एस.पी. सिन्हा, निदेशक (परिचालन), नागर विमानन विभाग, झारखंड

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