झारखंड के अस्पतालों में अब मशीन-उपकरणों की ऑनलाइन निगरानी, मरीजों को रेफर करना होगा मुश्किल
झारखंड सरकार ने स्वास्थ्य उपकेंद्रों से लेकर मेडिकल कॉलेजों तक सभी सरकारी अस्पतालों में मशीन-उपकरणों की ऑनलाइन निगरानी के लिए एसेट मैनेजमेंट सिस्टम ला ...और पढ़ें

खराब पड़े मशीन-उपकरणों की राज्य स्तर पर निगरानी होने पर समय पर होंगे दुरुस्त।
HighLights
सरकारी अस्पतालों में एसेट मैनेजमेंट सिस्टम लागू होगा।
मशीन-उपकरणों की ऑनलाइन निगरानी से जवाबदेही बढ़ेगी।
भविष्य की जरूरतों का आकलन, अनावश्यक खरीद पर रोक।
राज्य ब्यूरो, रांची। राज्य के सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध मशीन-उपकरणों की ऑनलाइन निगरानी की तैयारी है। सबसे निचले स्तर के स्वास्थ्य केंद्र, स्वास्थ्य उपकेंद्र से लेकर मेडिकल कॉलेज तक के स्वास्थ्य संरचनाओं के मशीन-उपकरणों की निगरानी राज्य स्तर पर होगी।
इसे लेकर राज्य सरकार ने एसेट मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने का निर्णय लिया है। यह एक एकीकृत ऑनलाइन व्यवस्था होगी, जिसका केंद्र राज्य मुख्यालय होगा।
अस्पतालों में एसेट मैनेजमेंट सिस्टम लागू होने से इसकी निगरानी कई स्तरों पर होगी। स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार पदाधिकारी भी ऑनलाइन देख सकेंगे कि कोई मशीन उपकरण चालू अवस्था में है या नहीं।
कोई मशीन खराब है तो कब से खराब है। विभाग स्तर से इसे लेकर जिलों एवं संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों के जिम्मेदार पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिया जा सकेगा।
उपकरणों की आवश्यकता का सही आकलन
जानकारों का मानना है कि इससे आने वाले वर्षों में मशीन-उपकरणों की आवश्यकता का सही आकलन भी हो सकेगा। इससे स्वास्थ्य विभाग को किसी वित्तीय वर्ष की योजना एवं कार्य योजना तैयार करने में सहूलियत होगी।
कोई खराब मशीन समय पर दुरुस्त किया जा सकेगा। कोई मशीन पूरी तरह खराब हो चुकी है तो उसे बदला भी जा सकेगा।
कई बार मशीन-उपकरण तो क्रय कर लिए जाते हैं, लेकिन उनका उपयोग तकनीशियन के अभाव में लंबे समय तक नहीं होता है। इस तरह की लापरवाही के लिए अब जिम्मेदार चिह्नित किए जा सकेंगे। आवश्यकता से अधिक खरीद पर भी रोक लग सकेगी।
नए वित्तीय वर्ष में खरीदे जाएंगे 115 करोड़ के मशीन-उपकरण
स्वास्थ्य विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य के अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों के लिए 115 करोड़ रुपये के मशीन-उपकरण खरीदने का निर्णय लिया है। इसे लेकर बजट में राशि का भी प्रावधान किया गया है।
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इसके लिए शीघ्र ही सभी जिलों से आवश्यकता के अनुसार मशीन-उपकरण खरीदने के लिए प्रस्ताव मांगा जाएगा तथा उसके अनुसार राशि आवंटित की जाएगी।
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