झारखंड पुलिस का 'योगी मॉडल': एनकाउंटर, पैर में गोली और अपराधियों की परेड; डीजीपी तदाशा मिश्रा की सख्ती
झारखंड पुलिस अब अपराधियों से निपटने के लिए उत्तर प्रदेश के 'योगी मॉडल' को अपना रही है। डीजीपी तदाशा मिश्रा के नेतृत्व में 'ऑपरेशन लंगड़ा', एनकाउंटर और ...और पढ़ें

झारखंड में अपराधियों को सख्त संदेश। (फोटो: सांकेतिक)
HighLights
अपराधियों के खिलाफ 'ऑपरेशन लंगड़ा' और एनकाउंटर जारी।
धनबाद, पलामू, जमशेदपुर में अपराधियों की सार्वजनिक परेड।
डिजिटल डेस्क, रांची। झारखंड पुलिस अब अपराधियों से निपटने में उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के सख्त स्टाइल को अपना रही है। सोमवार को रामगढ़ में पुलिस ने फिर अपराधियों को कड़ा संदेश दिया है। राहुल गैंग से मुठभेड़ में एक बदमाश को गोली लगी है।
झारखंड पुलिस इधर दो महीने से 'ऑपरेशन लंगड़ा' (पैर में गोली मारकर अपराधी को लंगड़ाना) से लेकर सड़क पर खुलेआम परेड तक हर कार्रवाई अपराधियों को सीधा संदेश दे रही है, अब कामर्सी नहीं, सख्ती होगी।
1994 बैच की आईपीएस अधिकारी तदाशा मिश्रा (झारखंड की पहली महिला डीजीपी) के पद संभालने के बाद (नवंबर 2025 में प्रभारी, दिसंबर 2025 में नियमित नियुक्ति) पुलिस फोर्स में नई ऊर्जा और जीरो टॉलरेंस पॉलिसी दिख रही है।
डीजीपी मिश्रा के आने के बाद से राज्य के विभिन्न जिलों में लगातार ऐसे एक्शन हो रहे हैं, जो अपराधियों के हौसले पस्त कर रहे हैं।
धनबाद: प्रिंस खान गैंग के गुर्गों से एनकाउंटर
16 मार्च को धनबाद के भगाबांध आउटपोस्ट (पुतकी थाना) क्षेत्र में रांची-धनबाद पुलिस की संयुक्त टीम ने प्रिंस खान गैंग के तीन गुर्गों से एनकाउंटर किया। गैंग के सदस्यों को छिपे होने की खुफिया जानकारी पर छापा पड़ा। गोलीबारी में दो अपराधी घायल हुए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
ये लोग धनबाद और रांची में फायरिंग व रंगदारी के कई मामलों में वांछित थे। पुलिस ने इसे बड़े संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता बताया।
धनबाद पुलिस ने रंगदारी (एक्सटॉर्शन) के आरोपियों को भी खुलेआम सड़क पर परेड कराकर मजबूत संदेश दिया है।
पलामू: बिहार की ओर भागते अपराधी को पैर में गोली
3-4 अप्रैल 2026 को पलामू जिले के पांकी-तरहसी बॉर्डर इलाके में पुलिस और कुख्यात अपराधी फैज खान के बीच मुठभेड़ हुई।
गुड्डू खलीफा (सामीर खलीफा) हत्याकांड का मुख्य आरोपी फैज खान पुलिस की जवाबी फायरिंग में पैर में घायल हो गया। साथी भी गिरफ्तार।
फैज खान को हिरासत में लेकर इलाज कराया जा रहा है। यह कार्रवाई बस स्टैंड हत्याकांड के बाद पुलिस के त्वरित एक्शन का हिस्सा है।
रामनवमी जुलूस के पत्थरबाजों की सड़क परेड
27 मार्च को बलियापुर (धनबाद) में रामनवमी जुलूस के दौरान पत्थरबाजी हुई, जिसमें कई श्रद्धालु घायल हुए। पुलिस ने लाठीचार्ज कर स्थिति नियंत्रित की और 19-20 आरोपियों को गिरफ्तार किया। वीडियो वायरल हुआ।
आरोपियों को स्थानीय बाजार में खुलेआम परेड कराकर जेल भेजा गया। यह कार्रवाई त्योहारों के दौरान शांति भंग करने वालों को चेतावनी देने वाली रही।
जमशेदपुर: पिस्टल लहराने वाले की परेड
अभी हाल ही में (3-4 अप्रैल 2026) जमशेदपुर के आजादनगर थाना क्षेत्र (ओल्ड पुरुलिया रोड) में सड़क पर पिस्टल लहराते दो युवकों को पुलिस ने पकड़ा।
दोनों को हाथ जोड़कर सड़क पर परेड कराते हुए कोर्ट ले जाया गया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और अपराधियों को बेखौफ न बनो का सीधा संदेश दे रहा है।
हजारीबाग: अपराधियों की सड़क पर पैदल मार्च
हजारीबाग पुलिस ने हाल ही में गोलीकांड में शामिल 9 अपराधियों (उत्तम यादव गिरोह से जुड़े) को गिरफ्तार किया। इनको सड़क पर पैदल मार्च (परेड) कराते हुए कोर्ट पहुंचाया गया।
हजारीबाग में पांडेय गिरोह के 7 सदस्यों सहित कई बड़े गिरोहों पर भी सख्त कार्रवाई हुई है।
अपराधी डरे, डीजीपी का सख्त मैसेज
डीजीपी तदाशा मिश्रा के नेतृत्व में झारखंड पुलिस अब सिर्फ गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रह रही। एनकाउंटर, पैर में गोली, सार्वजनिक परेड और त्वरित एक्शन– ये सभी अपराधियों के मनोबल को तोड़ने की रणनीति का हिस्सा हैं।
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धनबाद से पलामू, जमशेदपुर से हजारीबाग तक हर जिले में यह ट्रेंड साफ दिख रहा है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह यूपी मॉडल अपनाकर राज्य में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने का प्रयास है।
अपराधी अब सड़क पर बेखौफ घूमने या त्योहारों में उपद्रव मचाने से पहले दो बार सोचेंगे। डीजीपी मिश्रा ने खुद कई जिलों का दौरा कर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं।
बलियापुर परेड में उलेमा की मौजूदगी का विरोध
झारखंड में यह नया दौर अपराध पर अंकुश लगाने की दिशा में सकारात्मक कदम माना जा रहा है। हालांकि कुछ संगठनों और नेताओं ने परेड जैसी कार्रवाइयों पर सवाल उठाए हैं।
बलियापुर में पत्थरबाजों की परेड पर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने पुलिस को इस तरह के सार्वजनिक प्रदर्शन न करने की सलाह भी दी। उनकी नाराजगी बिना ठोस सबूत मौलाना व उलेमाओं की मौजूदगी पर था।
लेकिन आम जनता और व्यापारियों में पुलिस की इस सख्ती का स्वागत हो रहा है। झारखंड पुलिस का संदेश साफ है, अपराध की कोई जगह नहीं।
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