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    सस्ती होगी बालू: झारखंड में 298 घाटों की नीलामी पूरी, 146 पर प्रक्रिया जारी; जमशेदपुर में सबसे कम 5 घाट

    Updated: Wed, 18 Mar 2026 01:03 PM (GMT+05:30)

    मुख्य सचिव ने झारखंड के सभी बालू घाटों को जल्द चालू करने का निर्देश दिया है। राज्य के 444 में से 298 घाटों की नीलामी पूरी हो चुकी है, जबकि 146 पर प्रक ...और पढ़ें

    राज्य के सभी बालू घाटों को जल्द से जल्द चालू करने को लेकर मुख्य सचिव ने दिया निर्देश।

    राज्य के सभी बालू घाटों को जल्द से जल्द चालू करने को लेकर मुख्य सचिव ने दिया निर्देश।

    HighLights

    1. मुख्य सचिव ने सभी घाटों को जल्द चालू करने का निर्देश दिया।

    2. झारखंड के 298 बालू घाटों की नीलामी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

    3. नौ जिलों में बालू घाटों की बंदोबस्ती अभी भी लंबित है।

    राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड के 444 घाटों में से 298 घाटों की नीलामी पूर्ण कर ली गई है और 146 घाटों को लेकर निलामी की प्रक्रिया चल रही है। सोमवार को मुख्य सचिव अविनाश कुमार को संबंधित जानकारी विभागीय अधिकारियों ने समीक्षा बैठक के दौरान दी।

    बताया कि अभी नौ जिलों में सभी बालू घाटों की बंदोबस्ती नहीं हो सकी है। जिलों के उपायुक्त को बंदोबस्ती के लिए अधिकृत किया गया है। टेंडर भी जिलों के माध्यम से निकाला गया है।

    देवघर, सरायकेला, पलामू, सिमडेगा, गढ़वा, चाईबासा, कोडरमा, गिरिडीह और लोहरदगा के कई बालू घाटों की नीलामी नहीं हो सकी है। इसके अलावा अन्य 15 जिलों में सभी बालू घाटों की नीलामी हो चुकी है।

    नीलामी कार्य पूर्ण होने के बाद निविदादाता को एनवायरमेंटल क्लियरेंस से संबंधित प्रमाणपत्र आदि जमा कराने होते हैं जिसके बाद बालू का उत्खनन हो सकेगा। अभी भी यह प्रक्रिया पूर्ण हो गई तो लोगों को कम कीमत पर बालू मिलना शुरू हो जाएगा।

    फिलहाल जिन जिलों में टेंडर प्रक्रिया पूर्ण नहीं हुई है वहां के व्यवसायी चोरी छिपे बालू का कारोबार कर रहे हैं। राज्य में सबसे अधिक 72 बालू घाट देवघर में है जबकि सबसे कम पांच बालू घाट जमशेदपुर में है।

    कई बालू घाटों के लिए फिर से शुरू होगी टेंडर प्रक्रिया

    राज्य में पहली बार बालू घाटों के लिए टेंडर के क्रम में कई घाटों के लिए खरीदार सामने नहीं आए। ऐसे घाटों के लिए री-टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसमें वैसे बालू घाट भी हैं, जहां तकनीकी कारणों से टेंडर प्रक्रिया पूर्ण नहीं हो पाई थी।

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