गैंगस्टर के गुर्गे को मिल रही थी सुरक्षा, झारखंड में SSP और SP से रिपोर्ट तलब; VIP-VVIPs की होगी समीक्षा
कुख्यात अपराधी प्रिंस खान के गुर्गे राणा राहुल प्रताप को अंगरक्षक मिलने के खुलासे के बाद झारखंड पुलिस मुख्यालय अब सभी वीआइपी/वीवीआइपी अंगरक्षकों की सम ...और पढ़ें

झारखंड में वीआईपी अंगरक्षकों की होगी समीक्षा, बड़े बदलाव की तैयारी। (फोटो: सांकेतिक)
HighLights
गैंगस्टर के गुर्गे राणा राहुल प्रताप को मिला था अंगरक्षक।
मुख्यालय अब सभी वीआइपी अंगरक्षकों की करेगा समीक्षा।
दुरुपयोग रोकने, संख्या घटाने-बढ़ाने पर होगा विचार।
राज्य ब्यूरो, रांची। कुख्यात अपराधी प्रिंस खान के गुर्गे राणा राहुल प्रताप को अंगरक्षक मुहैया किए जाने के खुलासे के बाद झारखंड पुलिस मुख्यालय अब अंगरक्षकों की अद्यतन स्थिति की जानकारी जुटा रहा है। गुर्गों को अंगरक्षक किस परिस्थिति में मिली, इसकी जांच चल रही है।
इसके आधार पर ही अब राज्य में सभी जिलों के विभिन्न विशिष्ट, अति विशिष्ट या अन्य व्यक्तियों को उपलब्ध कराए गए अंगरक्षकों के मामले की भी पुलिस मुख्यालय समीक्षा करेगा। अंगरक्षकों को हटाने, उनकी संख्या घटाने या बढ़ाने के अलावा उन्हें बदलने तक पर विचार किया जा सकता है।
इसे लेकर मुख्यालय मुख्यालय ने सभी एसएसपी, एसपी से पत्राचार किया है और उपलब्ध कराए गए अंगरक्षकों का ब्यौरा उपलब्ध उपलब्ध कराने को कहा है। सभी एसएसपी-एसपी से कहा गया है कि वे एक फार्मेट में सभी विवरणी भरकर पुलिस मुख्यालय को अवगत कराएं।
जैसे विशिष्ट, अति विशिष्ट या अन्य व्यक्ति का नाम, उन्हें कितने अंगरक्षक मिले हैं। ये अंगरक्षक कब से उनके पास तैनात हैं और उस अंगरक्षक के पास कौन-कौन से हथियार हैं। उन्हें अंगरक्षक देने के लिए प्रतिनियुक्ति आदेश में क्या वर्णित है?
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पूर्व में कई बार वीआइपी, वीवीआइपी के नाम पर उनके अंगरक्षकों के माध्यम से धमकाने, अनुशासन तोड़ने आदि की शिकायतें भी मिलती रहीं हैंं। पुलिस मुख्यालय को पूर्व में ऐसी भी सूचनाएं मिलती रही हैं कि कई अंगरक्षक लंबे समय से एक ही व्यक्ति की सुरक्षा में तैनात हैं।
उस व्यक्ति के लिए वह अंगरक्षक गैरकानूनी कार्य भी करता रहा है, जिसकी शिकायत मुख्यालय तक पहुंचती रही है। इन बिंदुओं को देखते हुए अंगरक्षकों की समीक्षा होगी, ताकि लंबे समय से पदस्थापित अंगरक्षक का तबादला कर दूसरे अंगरक्षक को वहां तैनात किया जा सके।
जहां आवश्यकता से अधिक अंगरक्षक होंगे, वहां संख्या कम होगी। जहां अंगरक्षक की आवश्यकता नहीं होगी, वहां से अंगरक्षक को हटाकर जिला को वापस कराया जाएगा।
प्रिंस खान के गुर्गे को अंगरक्षक के खुलासे के बाद शुरू हुई है कवायद
रांची के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के एक होटल में फायरिंग में मनीष गोप नामक युवक की हत्या हुई थी। इस मामले की जांच कर रही रांची पुलिस ने कुबेर नामक युवक को गिरफ्तार किया था। कुबेर ने पूछताछ में गैंगस्टर प्रिंस खान के गुर्गे राणा राहुल प्रताप व कौशल पांडेय का नाम लिया।
फिलहाल दोनों फरार हैं। पुलिस को छानबीन में जानकारी मिली कि राणा राहुल प्रताप प्रिंस खान के लिए काम करता था। कुछ ही दिनों में उसने अकूत संपत्ति अर्जित कर ली। गाड़ियों के काफिले के साथ चलने लगा।
रांची पुलिस ने उसे अंगरक्षक उपलब्ध करा रखा था। उससे जुड़े कुछ वीडियो में उसके साथ तीन-चार अंगरक्षक भी दिख रहे हैं। वह कारोबारियों की रेकी कर उनकी वीडियो प्रिंस खान तक पहुंचाता था। उसे हथियार का लाइसेंस भी मिला हुआ था।
राणा राहुल प्रताप को हथियार व अंगरक्षक किस परिस्थिति में दी गई थी, इसपर पुलिस मुख्यालय ने रांची पुलिस से सवाल भी पूछा है। इसके बाद ही जांच की पूरी प्रक्रिया आगे बढ़ी है।
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