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    JPSC की मनमानी: जिस परीक्षा के प्रश्नों में थीं बच्चों जैसी त्रुटियां, उसका भी जारी कर दिया परिणाम

    Updated: Thu, 23 Jul 2026 01:10 PM (GMT+05:30)

    झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने सहायक वन संरक्षक मुख्य परीक्षा का परिणाम प्रश्नपत्रों में गंभीर त्रुटियों के बावजूद जारी कर दिया है। आजसू पार्टी ने 14व ...और पढ़ें

    अनगिनत शाब्दिक व भाषाई अशुद्धता पर भी नहीं लिया कोई संज्ञान।

    अनगिनत शाब्दिक व भाषाई अशुद्धता पर भी नहीं लिया कोई संज्ञान।

    HighLights

    1. JPSC ने त्रुटिपूर्ण प्रश्नपत्रों वाली परीक्षा का भी परिणाम जारी किया।

    2. सहायक वन संरक्षक मुख्य परीक्षा में शाब्दिक, भाषाई अशुद्धियां थीं।

    3. आजसू ने JPSC परीक्षाओं की सीबीआई जांच, रद्द करने की मांग की।

    राज्य ब्यूरो, रांची। जिस प्रतियोगिता परीक्षा के प्रश्नपत्रों में त्रुटियों की भरमार थी, झारखंड लोक सेवा आयोग ने उसका भी परिणाम जारी कर दिया। आयोग ने उसपर कोई संज्ञान नहीं लिया। साथ ही प्रश्नपत्रों पर उठ रहे सवाल पर चुप्पी साधी रही।

    बात कर रहे हैं सहायक वन संरक्षक मुख्य परीक्षा का। इस परीक्षा के प्रश्नपत्रों में ऐसी त्रुटियां थीं, जिनकी उम्मीद किसी प्राथमिक कक्षा के बच्चों से भी उम्मीद नहीं की जा सकती। आयोग ने सारे विरोधों और विवादों को धत्ता बताते हुए इसी माह उसका परिणाम जारी कर दिया है।

    साथ ही शारीरिक जांच की तिथियां घोषित कर दी हैं। आयोग ने इस परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों की शारीरिक जांच की तिथि पहले 28 जुलाई से 29 जुलाई निर्धारित की थी, लेकिन बाद में अपरिहार्य कारणों से इसकी तिथि बढ़ाकर 17 एवं 18 अगस्त निर्धारित कर कर दी है। हालांकि आयोग ने अभी तक इस शारीरिक जांच की प्रक्रिया को स्थगित नहीं की।

    त्रुटियां ऐसी मानों आंखेंं मूंदकर तैयार किए गए हों प्रश्न

    सहायक वन संरक्षक मुख्य परीक्षा के सामान्य अध्ययन के प्रश्नपत्र में शाब्दिक और भाषाई अशुद्धियों की भरमार थी। त्रुटियां ऐसी थीं मानों आंखें मूंककर प्रश्न तैयार किए गए हों। प्रश्नपत्र तैयार होने के बाद उसकी जांच भी नहीं की गई। एक प्रश्न में ''पुस्तक'' तक को गलत लिखा गया। ''पुस्तक'' की जगह ''पुस्तख'' लिखा गया।

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    इतना ही नहीं, इस परीक्षा में सिदो-कान्हू को सिडो कान्हू लिखा गया। गठन को गढन, महत्वपूर्ण को महत्वपूर्न तथा धारणाओं को धरनाओं लिखा गया। इसी तरह टिप्पणी को रिप्पणी, समुदाय को समुदाथ, बुद्धिमता को नुद्धिमता, निर्माण को निर्मान लिखा गया है।

    एक प्रश्न में चर्चा कीजिए की जगह चर्च कीजिए लिखा गया है। इतना ही नहीं, प्रश्नपत्र में दैनिक को दैनिस, कठाेर को कगेर लिखा गया है। लगभग सभी प्रश्नों में इसी तरह की कोई न कोई अशुद्धि थी। यह परीक्षा छह अप्रैल को पहली पाली में आयोजित की गई थी। इसमें चार अनिवार्य खंड थे, जिनमें सभी में कमोबेश अशुद्धियां थीं। इसके बाद भी इस परीक्षा का परिणाम जारी हुआ।

    14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा रद करे सरकार, हो सीबीआई जांच : आजसू

    आजसू पार्टी ने राज्य सरकार से जेपीएससी की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) में हुई गड़बड़ी की सीबीआई जांच कराने तथा प्रारंभिक परीक्षा रद करने की मांग की है। हरमू स्थित केंद्रीय कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में केंद्रीय महासचिव एवं पूर्व विधायक डाॅ. लंबोदर महतो तथा मुख्य प्रवक्ता डाॅ. देवशरण भगत ने कहा कि जेपीएससी प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी करने के लिए ही ब्लैकलिस्टेड कंपनी की सेवाएं ले रही थीं।

    महतो ने कहा कि जिस निजी एजेंसी टीडीपीएल के संबंध में कई राज्यों में कार्रवाई और प्रतिबंध की बातें सामने आती रही हैं, उसी एजेंसी से परीक्षा कराना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा संचालन में निजी एजेंसी की भूमिका, आयोग के अध्यक्ष का इस्तीफा तथा जेपीएससी कार्यालय में सीआइडी की छापेमारी पूरे प्रकरण को और अधिक संदेहास्पद बनाती है।

    उन्होंने कहा कि यह बात चर्चा में है कि 50 सामान्य सीटों के लिए जिन 1100 अभ्यार्थियों को चुना गया है, उनमें से 400 सिर्फ हरियाणा–यूपी के हैं। वहीं, डा. भगत ने कहा कि आयोग और परीक्षा एजेंसी की भूमिका पर गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं, जिनका जवाब झारखंड के युवाओं को मिलना चाहिए।

    जेपीएससी कार्यालय के समक्ष अभ्यर्थियों का लगातार धरना-प्रदर्शन इस बात का प्रमाण है कि युवाओं का आयोग से विश्वास उठता जा रहा है। युवा आजसू महानगर अध्यक्ष अमित यादव, खूंटी जिला अध्यक्ष जयकांत कश्यप एवं युवा आजसू के नेता प्रताप सिंह भी उपस्थित थे।

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